पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Utility
  • Income Tax Refund ; Tax Refund ; Income Tax ; Refund ; Refund Can Be Stuck Due To These 5 Reasons Including Not Pre validating The Bank Account And Not Validating The Return

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

इनकम टैक्स रिफंड:बैंक खाते को प्री-वैलिडेट और रिटर्न वैरिफाई नहीं करने सहित इन 5 कारणों से अटक सकता है रिफंड

नई दिल्लीएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
अगर आपने ITR का वैरिफ़िकेशन नहीं किया है तो भी रिफंड में ज्यादा समय लग सकता है
  • आयकर विभाग ने एक अप्रैल से 20 अक्टूबर तक 38.23 लाख से अधिक करदाताओं को रिफंड जारी किया है
  • आमतौर पर इनकम टैक्स रिफंड आने में 2 से 3 महीने का समय लग जाता है

आयकर विभाग (इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट) ने एक अप्रैल से 20 अक्टूबर तक 38.23 लाख से अधिक करदाताओं को 1.25 लाख करोड़ रुपए का रिफंड जारी किया है। लेकिन अभी भी कई लोगों को अपने रिफंड का इंतजार है। अगर आपका रिफंड भी अभी तक नहीं मिला है तो इसके कई कारण हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि रिफंड में देरी होने के क्या मुख्य कारण हो सकते हैं।

बैंक अकाउंट का प्री-वैलिडेट होना जरूरी
जिस बैंक खाते में इनकम टैक्स रिफंड आना है उस बैंक खाते को प्री-वैलिडेट (पहले से सत्यापित) करा लें। इनकम टैक्‍स रिटर्न (ITR) फाइल करने के बाद यदि आपका कोई रिफंड बनता है तो वह आपको इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट के सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर (CPC) के जरिए मिलता है। इसके लिए जरूरी है कि आपका बैंक अकाउंट प्री-वैलिडेट हो ताकि आपको रिफंड मिलने में देरी न हो।

रिटर्न वेरिफाई नहीं करने पर भी लगता है ज्यादा समय
सीए अभय शर्मा (पूर्व अध्यक्ष इंदौर चार्टर्ड अकाउंटेंट शाखा) के अनुसार आपने रिटर्न समय पर फाइल कर दिया और आपने बाकी बातों का भी ख़याल रखा। लेकिन हो सकता है कि आपने ITR का वैरिफ़िकेशन नहीं किया हो। जब तक आप ITR वेरिफाई नहीं करेंगे, आपका रिटर्न प्रोसेस नहीं होगा। यानी, जो आईटीआर आपने दाखिल किया है, उसको वेरिफाई करना आवश्यक है। यह भी रिफंड मिलने में देरी का कारण बन सकता है।

आयकर विभाग के ईमेल का जवाब न देना
आयकर विभाग की ओर से भेजे गए ई-मेल का जवाब न देने के कारण भी रिफंड अटक सकता है। आयकर विभाग की ओर से भेजे गए ई-मेल में करदाताओं से उनकी बकाया मांग, उनके बैंक खाते तथा रिफंड में किसी तरह के अंतर के बारे में जानकारी मांगी जाती है। इसकी जानकारी सही समय पर न देने पर भी आपका रिफंड अटक सकता है।

PAN से अकाउंट का लिंक होना जरूरी
प्री-वेलिडेशन के अलावा यह भी जरूरी है कि आपका खाता परमानेंट अकाउंट नंबर (PAN) बैंक अकाउंट से लिंक हो। अगर ऐसा नहीं है तो रिफंड की रकम आपके खाते में नहीं आएगी। अगर आप रिफंड क्लेम करना चाहते हैं तो बैंक खाते का प्री-वेलिडेशन और PAN से लिंक होना जरूरी है। आयकर विभाग सिर्फ ई-रिफंड जारी करेगा और रिफंड की राशि उन्हीं खातों में आएगी जो PAN से लिंक्ड हों।

टीडीएस का मैच न होना
अगर आप अपने रिकॉर्ड्स और फॉर्म 16 के आधार पर रिफंड भरते हैं और आपके नियोक्ता (एम्प्लॉयर) की ओर से टीडीएस की सही सूचना नहीं दी जाती। तब टीडीएस मिसमैच होने की स्थिति में भी रिफंड में देरी होती है। इस नाते पहले से टीडीएस से जुड़ी जानकारी चेक कर लें।

कर सकते हैं शिकायत

अगर आपकी रिफंड रिक्वेस्ट रिजेक्ट नहीं हुई, लेकिन अब तक आपको रिफंड नहीं मिला है तो आप ई-फाइलिंग वेबसाइट पर शिकायत कर सकते हैं। 'ई-निवारण' टैब में ऐसा करने की सुविधा मिलती है।

  • ई-निवारण की मदद से शिकायत दर्ज करने के लिए सबसे पहले इनकम टैक्स विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल http://www.incometaxindiaefiling.gov.in/home पर जाएं।
  • होम पेज के दाहिने ऊपरी कोने पर ‘ई-निवारण’ लिंक दिया है। इस पर क्लिक करें।
  • ई-निवारण पेज खुलने के बाद आपको 2 ऑप्शन मिलेंगे। नई शिकायत दर्ज करना या पुरानी शिकायत का स्टेटस देखना।
  • आप पैन या टैन नंबर की मदद से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। लेकिन अगर आपके पास पैन या टैन नहीं है तो भी आपकी शिकायत दर्ज हो सकती है।
  • इसके लिए आपको ई-निवारण फॉर्म भरना होगा जिसमें आपकी पर्सनल डिटेल्स, शिकायत का ब्यौरा और उससे जुड़े डॉक्युमेंट्स मांगे जाते हैं।
  • ये डॉक्युमेंट पीडीएफ के फॉर्म में होने चाहिए, जिन्हें आप अपनी रिक्वेस्ट के साथ अटैच कर सकते हैं।
  • शिकायत दर्ज होने के बाद करदाता के रजिस्टर्ड मोबाइल और ईमेल आईडी पर एक पिन नंबर आता है, जिसकी मदद से वो अपनी शिकायत का स्टेटस देख सकते हैं।

ऐसे चेक करें रिफंड स्टेटस

  • करदाता https://tin.tin.nsdl.com/oltas/refundstatuslogin.html पर जा सकते हैं।
  • रिफंड स्टेटस पता लगाने के लिए यहां दो जानकारी भरने की जरूरत है – पैन नंबर और जिस साल का रिफंड बाकी है वह साल भरिए।
  • अब आपको नीचे दिए गए कैप्चा कोड को भरना होगा।
  • इसके बाद Proceed पर क्लिक करते ही स्टेटस आ जाएगा।
  • इसके अलावा टैक्सपेयर इनकम टैक्स पोर्टल में अपने इनकम टैक्स खाते में लॉग इन करें।
  • लॉग इन करने के बाद माय अकाउंट्स> रिफंड/डिमांड स्टेटस पर क्लिक करें।
  • इसके बाद वह असेसमेंट ईयर भरें जिसका आपको रिफंड स्टेट चेक करना है।

क्या होता है रिफंड?
कंपनी अपने कर्मचारियों को सालभर वेतन देने के दौरान उसके वेतन में से टैक्स का अनुमानित हिस्सा काटकर पहले ही सरकार के खाते में जमा कर देती है। कर्मचारी साल के आखिर में इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते हैं, जिसमें वे बताते हैं कि टैक्स के रूप में उनकी तरफ से कितनी देनदारी है। यदि वास्तविक देनदारी पहले काट लिए गए टैक्स की रकम से कम है, तो शेष राशि रिफंड के रूप में कर्मचारी को मिलती है।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- पिछले रुके हुए और अटके हुए काम पूरा करने का उत्तम समय है। चतुराई और विवेक से काम लेना स्थितियों को आपके पक्ष में करेगा। साथ ही संतान के करियर और शिक्षा से संबंधित किसी चिंता का भी निवारण होगा...

और पढ़ें