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पर्सनल फाइनेंस:VPF, ELSS और PPF में निवेश करके आप भी तैयार कर सकते हैं शानदार रिटायरमेंट फंड, इन स्कीम्स में मिल रहा ज्यादा ब्याज

नई दिल्लीएक महीने पहले
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तीनों ही जगह निवेश करके इनकम टैक्स बचाया जा सकता है
  • VPF में 8.5 फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा है
  • PPF अकाउंट पर 7.1 फीसदी ब्याज मिल रहा है

फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरों में लगातार कटौती हो रही है। ऐसे में अगर आप अपने रिटायरमेंट फंड के लिए कहीं ऐसी जगह निवेश करना चाहते हैं जहां आपको बेहतर रिटर्न मिले, तो वॉलेंटरी प्रोविडेंट फंड (VPF), ELSS या पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) में निवेश कर सकते हैं। आज हम आपको इन तीनों योजनाओं के बारे में बता रहें, ताकि आप अपने हिसाब से सही जगह निवेश कर सकें।

वॉलेंटरी प्रोविडेंट फंड (VPF) से जुड़ी खास बातें

  • EPF में बेसिक सैलरी का सिर्फ 12 फीसदी ही कॉन्ट्रीब्यूट किया जा सकता है लेकिन VPF में निवेश करने की कोई सीमा नहीं होती। यानी अगर कर्मचारी अपनी इन-हैंड सैलरी को कम रखकर भविष्य निधि में योगदान बढ़ाता है तो इस विकल्प को VPF कहते हैं। VPF में 8.5 फीसदी ब्याज दिया जा रहा है।
  • यह ईपीएफ का ही एक्सटेंशन है। इस कारण सिर्फ नौकरीपेशा ही इसे ओपन कर सकते हैं। इसमें बेसिक सैलरी का 100 फीसदी और डीए निवेश किया जा सकता है। VPF की ब्याज दर सरकार हर वित्तीय वर्ष में तय करती है।
  • आपको अपनी कंपनी के एचआर या फाइनेंस टीम से संपर्क करना होगा और VPF में कॉन्ट्रीब्यूशन की रिक्वेस्ट करनी होगी। प्रॉसेस होते ही आपके EPF अकाउंट से VPF को जोड़ दिया जाएगा। VPF का अलग से कोई अकाउंट ओपन नहीं होता।
  • VPF के योगदान को हर साल संशोधित किया जा सकता है। हालांकि VPF के तहत नियोक्ता पर यह बंदिश नहीं है कि वह भी कर्मचारी के बराबर ही EPF में योगदान करे।
  • यदि आप जॉब चेंज करते हैं तो इस अकाउंट को आसानी से ट्रांसफर करवा सकते हैं। इस पर लोन भी लिया जा सकता है। बच्चों के एजुकेशन, होम लोन, बच्चों की शादी आदि के लिए भी इससे लोन लिया जा सकता है।
  • VPF खाते से रकम की आंशिक निकासी के लिए खाताधारक का 5 साल नौकरी करना जरूरी है, वर्ना टैक्स कटता है। VPF की पूरी रकम केवल रिटायरमेंट पर ही निकाली जा सकती है।
  • VPF पर आयकर कानून के सेक्शन 80C के तहत टैक्स डिडक्शन का फायदा मिलता है। इसमें निवेश, उस पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पीरियड पूरा होने पर मिलने वाला पैसा पूरी तरह टैक्स फ्री है।

इसमें निवेश करने पर कितना पैसा मिलेगा
अगर आप VPF में 20 साल तक हर महीने 1 हजार रुपए निवेश करते हैं तो आपको करीब 6.26 लाख रुपए मिलेंगे। इसमें आपका योगदान 2.40 लाख रुपए का रहेगा।

PPF से जुड़ी खास बातें

  • इस स्कीम को बैंक या पोस्ट ऑफिस में कहीं भी खोला जा सकता है। इसके अलावा इसे किसी भी बैंक में या किसी भी पोस्ट ऑफिस में ट्रांसफर भी किया जा सकता है।
  • इसे खोला तो केवल 100 रुपए से जा सकता है, लेकिन फिर बाद में हर साल 500 रुपए एक बार में जमा करना जरूरी है। इस अकाउंट में हर साल अधिकतम 1.5 लाख रुपए ही जमा किए जा सकते हैं।
  • यह स्कीम 15 साल के लिए है, जिससे बीच में पैसा नहीं निकला जा सकता है। लेकिन इसे 15 साल के बाद 5-5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है।
  • इसे 15 साल के पहले बंद नहीं किया जा सकता है, लेकिन 3 साल बाद से इस अकाउंट के बदले लोन लिया जा सकता है। अगर कोई चाहे तो इस अकाउंट से 7वें साल से नियमों के तहत पैसा निकाल सकता है।
  • ब्याज दरों की समीक्षा हर तीन माह में सरकार करती है। यह ब्याज दरें कम या ज्यादा हो सकती है। फिलहाल इस अकाउंट पर 7.1 फीसदी ब्याज मिल रहा है।
  • इन योजना में निवेश के जरिए 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक टैक्स की छूट का लाभ लिया जा सकता है। इनमें कोई भी व्यक्ति निवेश कर सकता है।

इसमें निवेश करने पर कितना पैसा मिलेगा
अगर आप PPF में 20 साल तक हर महीने 1 हजार रुपए निवेश करते हैं तो आपको करीब 5.27 लाख रुपए मिलेंगे। इसमें आपका योगदान 2.40 लाख रुपए का रहेगा।

ELSS की खास बातें

  • देश में 42 म्युचुअल फंड कंपनियां टैक्स सेविंग स्कीम चलाती हैं। हर कंपनी के पास इनकम टैक्स बचाने के लिए ELSS है। इसे ऑनलाइन घर बैठे-बैठे या किसी एजेंट के माध्यम से खरीदा जा सकता है।
  • इसमें अगर इनकम टैक्स बचाने के लिए एक बार में निवेश करना है तो आम तौर पर न्यूनतम 5 हजार रुपए और अगर हर माह निवेश करना है तो आमतौर पर न्यूनतम 500 रुपये महीने का निवेश शुरू किया जा सकता है। हालांकि इसमें 1.5 लाख रुपए की अधिकतम टैक्स छूट ली जा सकती है, लेकिन अधिकतम निवेश की इसमें कोई सीमा नहीं है।
  • इस इनकम टैक्स बचाने वाली स्कीम में निवेश 3 साल के लिए लॉक-इन रहता है। इसके बाद निवेशक चाहे तो यह पैसा निकाल सकता है। तीन साल के बाद चाहें तो पूरा निकाल लें या जितनी जरूरत हो उतना पैसा निकाल ले और बाकी पैसा इस ELSS में जब तक चाहे बना रहने दें।
  • ELSS में केवल 3 साल के लिए लॉक-इन होती है, यानी इसमें निवेश किए हुए पैसों को आप 3 साल तक नहीं निकाल सकेंगे।
  • इसमें निवेश पर ब्याज दर की जगह मार्केट लिंक रिटर्न मिलता है। बीते 10 साल में ELSS म्यूचुअल फंड कैटेगरी ने करीब 8.5 फीसदी का रिटर्न दिया है।

इसमें निवेश करने पर कितना पैसा मिलेगा
अगर आप VPF में 20 साल तक हर महीने 1 हजार रुपए निवेश करते हैं तो आपको करीब 6.26 लाख रुपए मिलेंगे। इसमें आपका योगदान 2.40 लाख रुपए का रहेगा।

कहां करें निवेश?
तीनों ही जगह निवेश करके इनकम टैक्स बचाया जा सकता है। इसके अलावा तीनों ही स्कीम की अपनी खासियत और कमियां हैं। अगर आप नौकरीपेशा हैं तो VPF में निवेश करना सही रहेगा क्योंकि यहां से आपको PPF और ELSS की तुलना में ज्यादा ब्याज मिलेगा। वहीं अगर आप थोड़ा रिस्क ले सकते हैं तो उनके लिए ELSS बेहतर विकल्प हैं। इसमें पैसा एसआईपी (SIP) के माध्यम से लगाना चाहिए, जिसमें हर महीने निवेश किया जाता है। इससे जहां निवेश पर रिस्क कम हो जाता है और अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है। वहीं अगर आप मार्केट के रिस्क से दूर रहना चाहते हैं तो PPF में निवेश करना सही रहेगा।

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