एक्सपर्ट एडवाइस / एनपीएस में निवेश हो गया है ज्यादा आकर्षक, गोल्ड में भी दिख रहे पॉजिटिव संकेत, कर सकते हैं इनवेस्ट



where should invest in 2019 know with personal finance expert ajeet kumar
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where should invest in 2019 know with personal finance expert ajeet kumar

Dainik Bhaskar

Jan 10, 2019, 12:56 PM IST

यूटिलिटी डेस्क. आर्थिक मोर्चे पर जारी वैश्विक और घरेलू अनिश्चितताओं के बीच साल 2019 आ गया है। हर कोई चाहता है कि उसका निवेश सुरक्षित रहे और उस पर अच्छा रिटर्न मिले। इसी को ध्यान में रखते हुए पर्सनल फाइनेंस एक्सपर्ट अजीत कुमार बता रहे हैं कि इस साल आप कहां निवेश कर सकते हैं और कहां नहीं, ताकि निवेश सुरक्षित और फायदेमंद सबित हो।

खुदरा इक्विटी निवेशक न रखें एग्रेसिव अप्रोच

  1. इक्विटी में निवेश

    आम चुनाव से पहले जारी राजनीतिक अनिश्चितता के कारण 2019 के पहले छह महीने काफी उतार-चढ़ाव भरे रह सकते हैं। इस अवधि के दौरान सतर्क रहने की जरूरत है। मसलन इक्विटी को लेकर आम व खुदरा निवेशकों के लिए एग्रेसिव अप्रोच नहीं रखने में ही भलाई है। बेहतर होगा कि आम चुनाव के परिणामों का इंतजार किया जाए। लेकिन अगर आप पुराने निवेशक हैं और अगर पहले से एसआईपी कर रहे हैं तो उसे बरकरार रखें। नया निवेश करना भी है तो एसआईपी के जरिए बैलेंस्ड/हाइब्रिड फंड में करें।

  2. डेट फंड व एफडी

    आने वाले समय में ब्याज दरों में कमी की हो सकती है। ऐसे में शॉर्ट-टर्म डेट फंड (1 से 3 साल) निवेश के लिहाज से बेहतर विकल्प हो सकते हैं। ब्याज दर और डेट फंड एक-दूसरे के अपोजिट मूव करते हैं। ब्याज दरों में गिरावट पर डेट फंड से ज्यादा रिटर्न मिलेगा। ब्याज दरों में बढ़ोतरी की वजह से 2018 में डेट फंड्स का प्रदर्शन निराशाजनक था। लेकिन साल 2018 के अंतिम समय में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट, आरबीआई द्वारा किए जा रहे उपायों और रुपए में मजबूती को देखते हुए ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना कमजोर हो गई है। एफडी में निवेश भी शॉर्ट-टर्म के लिए बेहतर होगा।

  3. गोल्ड में निवेश

    ग्लोबल लेवल पर इकोनॉमी में जारी अनिश्चितता की वजह से सोने में निवेश अच्छा निर्णय हो सकता है। घरेलू स्तर पर पिछले 5 साल के बाद 2018 में गोल्ड ने पहली बार 7 फीसदी का रिटर्न दिया है। अंतिम बार 2012 में सोने ने पॉजिटिव रिटर्न दिया था। सोने की कीमत मुख्यतया ग्लोबल लेवल पर तय होती है। ग्लोबल लेवल पर भी सोने में पॉजिटिव संकेत दिख रहे हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार 2015 के बाद पहली बार विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा बीते साल सोने में खरीद बढ़ी है।

  4. एनपीएस में निवेश

    सरकार द्वारा एनपीएस (नेशनल पेंशन स्कीम) में हालिया किए गए बदलावों के बाद इसमें निवेश ज्यादा आकर्षक हो गया है। हालांकि ये बदलाव अभी लागू नहीं हुए हैं। नए बदलावों के तहत पीपीएफ, ईपीएफ की तरह एनपीएस को भी ईईई (एग्जेंप्ट-एग्जेंप्ट-एग्जेंप्ट) की श्रेणी में लाया गया है। मतलब एनपीएस से बाहर निकलने पर समूची निकासी की रकम यानी मैच्योरिटी का 60 फीसदी अब टैक्स फ्री हो जाएगा।

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