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एक्सपर्ट एडवाइस / बेटी के उज्ज्वल भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना या गोल्ड ईटीएफ सहित इन 5 जगह करें निवेश

Invest in Sukanya Samriddhi Yojana or Gold ETF for the bright future of doughter
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Invest in Sukanya Samriddhi Yojana or Gold ETF for the bright future of doughter

दैनिक भास्कर

Feb 17, 2020, 11:30 AM IST
यूटिलिटी डेस्क. बच्चों की स्कूली शिक्षा, कॉलेज की पढ़ाई, शादी-ब्याह ऐसे खर्च हैं जो समय के साथ बढ़ रहे हैं। बच्चों के भविष्य के लिए बचत शुरू करने से पहले आपको यह तीन बातें पता होनी चाहिए। पहला, बच्चों को उम्र के किस पड़ाव पर कितनी राशि की जरूरत होगी। दूसरा, लक्ष्य को कितने समय में पाने की जरूरत है। तीसरा, इसके लिए कितना जोखिम उठा सकते हैं। गौरव गर्ग, हेड ऑफ रिसर्च, कैपिटलवाया ग्लोबल रिसर्च लिमिटेड यहां निवेश के ऐसे पांच विकल्पों का जिक्र कर रहे हैं जिनमें बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए निवेश किया जा सकता है।

ये हैं वो 5 विकल्प

यह उनके लिए फायदेमंद है जो ब्याज पर टैक्स बचाना चाहते है। साथ ही निवेश पर कम्पाउंडिंग का लाभ भी चाहते हैं। पुरानी आयकर स्लैब के तहत एक साल में अधिकतम 1.5 लाख रु. जमा कर सकते हैं। मूल राशि पर धारा 80सी के तहत एक साल में 1.5 लाख रु. की टैक्स छूट मिलती है। एक अप्रैल से लागू होने वाली नई इनकम टैक्स व्यवस्था के तहत पीपीएफ खाते में कॉन्ट्रिब्यूशन पर टैक्स छूट का दावा नहीं किया जा सकता, पर मैच्योरिटी अमाउंट टैक्स-फ्री होगी। पीपीएफ का लॉक-इन-पीरियड 15 साल का होता है। बच्चा बालिग होने पर खुद इस अकाउंट में बिना लॉक-इन-पीरियड के निवेश जारी रख सकता है।

यह खाता 10 साल की उम्र की बेटियों के नाम पर खुलवाया जा सकता है। यदि कोई बेटी की पढाई के लिए इस खाते से पैसे निकालना चाहता है, तो उसे पिछले साल के बैलेंस से 50% राशि निकलने की अनुमति होती है। बेटी के 18 साल की होने के बाद इस अकाउंट से पूरी राशि निकाली जा सकती है। साल में अधिकतम 1.5 लाख रु. तक जमा करवा सकते हैं।

इसमें आप न सिर्फ अपने, बल्कि बच्चों के नाम पर भी निवेश कर सकते हैं। इनमें बच्चों की 10 साल बाद की जरूरतों के लिए महंगाई दर ध्यान में रखते हुए भी अच्छा रिटर्न मिल सकता है। इक्विटी में लॉन्ग टर्म में निवेश के फायदे हैं। लेकिन जब आप लक्ष्य से तीन साल से कम की दूरी पर पहुंच जाएं तो बाजार पर नजर रखना शुरू कर दें, ताकि आपने जो कमाया है, वह खोने का जोखिम न रहे।

इन्हें फिक्स्ड इंटरेस्ट-अर्निंग इंस्ट्रूमेंट्स भी कहते हैं। इक्विटी म्युचुअल फंड की तरह डेट म्यूचुअल फंड भी आप बच्चों के नाम पर ले सकते हें। इसका मुख्य उद्देश्य ब्याज आय के माध्यम से धन जमा करना और फंड वैल्यू में निरंतर इजाफा करवाना है। यह निवेश के लिहाज से इक्विटी म्यूचुअल फंड की तुलना में अधिक सुरक्षित विकल्प है।

सोने में सीधे निवेश से बेहतर है गोल्ड ईटीएफ में निवेश करना। गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (गोल्ड ईटीएफ) ऐसा फंड हैं जो मुख्य रूप से सोने में निवेश करता है। इसे एक्सचेंज पर खरीदा और बेचा जा सकता हैं। यह ओपन-एंडेड म्यूचुअल फंड स्कीम है, जो कि सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर आधारित होती है।

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