एक्सपर्ट एडवाइस / एक पावरफुल कॉन्सेप्ट है कम्पाउंडिंग, नियमित निवेश कर फायदा उठाएं



investment plan in compounding by expert
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investment plan in compounding by expert

Dainik Bhaskar

Sep 09, 2019, 12:46 PM IST

यूटिलिटी डेस्क. कम्पाउंडिंग एक पावरफुल कॉन्सेप्ट है। लेकिन कई निवेशकों को इसका अहसास नहीं है। यह 'स्नोबॉल इपेक्ट' के सिद्धांत के समान है, जब आप एक छोटे बर्फ के गोले पहाड़ की ऊंचाई से धक्का देते हैं तो लुढ़ककर नीचे आने के तक एक बड़े बर्फ के गोले में बदल जाता है। इसी तरह कम्पाउंडिंग हमें बताता है कि एक नियमित अंतराल पर छोटी-छोटी राशि निवेश करते रहने से लंबी अवधि में एक मोटी रकम बनाने में मदद मिलती है। व्यक्ति सुकून की रिटायरमेंट लाइफ जी सकता है। आइए हम कम्पाउंडिंग की ताकत को हम नीचे दिए दो अलग-अलग स्थितियों के विश्लेषण से समझते हैं..

अक्षय 25 वर्षीय आईटी इंजीनियर है। इसने रिटायरमेंट के लिए मोटी रकम बनाने का फैसला किया है।

  1. पहली स्थिति

    अक्षय 25 साल की उम्र में सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिये हर महीने 5,000 निवेश करना शुरू करता है। निवेश की राशि 5,000 रुपए है। 10% रिटर्न मिलने की उम्मीद है। 35 साल का प्लान लिया है। मैच्योरिटी पर उसे 1,89,83,190 रुपए मिलेंगे।

  2. दूसरी स्थिति

    अक्षय 35 साल की उम्र में एकमुश्त 5 लाख रुपए निवेश किए। 10% रिटर्न मिलने की उम्मीद है। 25 साल के लिए राशि निवेश की है। मैच्योरिटी पर उसे 54,57,353 रुपए मिलेंगे।

  3. इन दो स्थितियों के विश्लेषण से क्या पता चलता है?

    अपनी उम्र के बाद के वर्षों के बजाय शुरुआती वर्षों में छोटी राशि से भी निवेश शुरू करते हैं तो निश्चित समय के बाद बड़ी रकम जोड़ सकते हैं। मौजूदा परिदृश्य में पहला विकल्प चुनना बेहतर रहेगा। क्योंकि 10 साल का अंतर एक मोटी रकम जोड़ने में नुकसान की बड़ी वजह बन सकता है। ऐसे में अक्षय के लिए नियमित इन्वेस्टमेंट प्लान बेहतर रहेगा।

कम्पाउंडिंग का फायदा उठाने के कुछ नियम हैं जो आपको हमेशा ध्यान में रखना चाहिए..

  1. जल्द शुरुआत करें

    अपने जीवन में जितनी जल्दी निवेश करना शुरू करेंगे, उतना फायदेमंद होगा। यह बात अक्षय के मामले में भी देखने में आई। छोटी राशि से भी निवेश शुरू करते हैं तो लंबी अवधि में मोटी रकम बनाई जा सकती है।

  2. अनुशासित बने रहें

    जब बात वेल्थ क्रिएशन की आती है तो इसमें अनुशासन बड़ी भूमिका अदा करता है। एक निश्चित रकम एक समय-अंतराल पर अलग निकालते रहने से बचत की आदत पड़ जाती है।

  3. धैर्य बनाए रखें

    यदि आप अपनी रकम को बढ़ाना चाहते हैं तो धैर्य रखना बेहद महत्वपूर्ण है। आपकी रकम कम्पाउंडिंग की मदद से बड़ी रकम में तब्दील हो सके, इसके लिए आपको समय देने की जरूरत होगी। ध्यान रखें- रोम एक दिन में नहीं बना था।

  4. खर्च की आदतों में सुधार लाएं

    समय-समय पर खर्च की आदतों का विश्लेषण करते रहें और इसमें सुधार लाते रहें। अनावश्यक खर्चों में कटौती करें। इससे गैर-जरूरी खर्च पर लगाम लगने से वह रकम जोड़ पाएंगे जिसकी आपको उम्मीद नहीं थी।

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