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पर्सनल फायनेंस / पर्सनल लोन से बेहतर है पीपीएफ से लोन लेना, इससे कम ब्याज दर पर मिलता है कर्ज

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दैनिक भास्कर

Mar 25, 2020, 01:10 PM IST

यूटिलिटी डेस्क. लॉन्ग टर्म में निवेश के लिए पीपीएफ एक लोकप्रिय विकल्प है। इसमें अच्छे ब्याज के साथ ही पैसा डूबने का डर भी नहीं रहता। पिछले साल दिसंबर 2019 में इस स्कीम को और आकर्षक बनाने के लिए कुछ बदलाव किए गए हैं जिसमें लोन से संबंधित बदलाव सबसे महत्वपूर्ण हैं। आप आसानी से अपने पीपीएफ पर लोन ले सकते हैं। इतना ही नहीं यहां से लोन लेने पर आपको पर्सनल लोन से काम ब्याज देना होगा। हम आपको पीपीएफ पर लोन लेने के बारे में बता रहे हैं।

पीपीएफ से लोन कब ले सकते हैं?
आपने जिस वित्त वर्ष में पीपीएफ खाता खुलवाया है, उस वित्त वर्ष की समाप्ति के एक वित्त वर्ष बाद से लेकर पांचवें वित्त वर्ष की समाप्ति तक आप पीपीएफ से लोन लेने के हकदार हैं। अगर आपने जनवरी 2017 में पीपीएफ खाता खुलवाया है तो आप 1 अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2022 तक लोन ले सकते हैं।


कितना लोन ले सकते हैं?
जिस वित्त वर्ष में आप लोन का आवेदन दे रहे हैं, उस वित्त वर्ष से ठीक पहले के दो वित्त वर्ष की समाप्ति पर जो बैलेंस (मूलधन + ब्याज) होगा, उसका अधिकतम 25 फीसदी आप लोन ले सकते हैं। जैसे अगर आप मार्च 2020 में लोन लेना चाहते हैं तो 31 मार्च 2018 को आपके खाते में जो बैलेंस होगा, उसकी अधिकतम 25 फीसदी राशि आप लोन ले सकते हैं।


लोन का रिपेमेंट कैसे?
जिस महीने आपने लोन लिया है, उसके अगले महीने की शुरुआत से 36 महीने के अंदर आपको लोन की राशि (मूलधन) या तो एकमुश्त या किस्तों में चुकानी होगी। मूलधन चुकाने के बाद अधिकतम दो मासिक किस्तों में आप ब्याज चुका सकते हैं। नए बदलाव के अनुसार लोन की राशि पर ब्याज उस दर से एक फीसदी अधिक चुकाना होगा जो ब्याज पीपीएफ स्कीम के तहत आपको मिल रहा है। यानी अगर आपको अपने निवेश पर 7.9 फीसदी ब्याज मिल रहा है तो लोन पर चुकाए जाने वाले ब्याज की दर 8.9 फीसदी होगी। इस बदलाव के पहले लोन पर ब्याज की दर मिलने वाले ब्याज से दो फीसदी अधिक थी। यानी अब एक फीसदी का फायदा हो गया है।


समय से लोन का रिपेमेंट नहीं करने पर?
अगर आपने तय समय सीमा के अंदर लोन राशि (मूलधन) का भुगतान कर दिया, लेकिन उस पर ब्याज का भुगतान तय समय सीमा में नहीं किया तो ब्याज की राशि आपके पीपीएफ खाते से काट ली जाएगी। वहीं, अगर आप 36 महीने के अंदर लोन राशि (पूरी या आंशिक तौर पर) नहीं चुकाते हैं तो लोन की बकाया राशि पर ब्याज की दर मिलने वाले ब्याज से 6 फीसदी अधिक (यानी 7.9+6 फीसदी = 13.9 फीसदी) की दर से ब्याज देना होगा। इस स्थिति में भी ब्याज की राशि प्रत्येक वित्त वर्ष के अंत में आपके पीपीएफ खाते से काट ली जाएगी।


पीपीएफ से लोन में ब्याज दर का फायदा
पीपीएफ से लोन पर पर्सनल लोन की तुलना में कम ब्याज है। फिलहाल पीपीएफ पर 7.9 फीसदी ब्याज है, इसलिए पीपीएफ से लोन लेने पर एक फीसदी ज्यादा यानी 8.9 फीसदी ब्याज देना होगा, जबकि पर्सनल लोन पर 10 से 15 फीसदी ब्याज के अतिरिक्त प्रोसेसिंग फीस और प्रीक्लोजर चार्जेज भी देने होते हैं। हालांकि पीपीएफ से लोन लेने की एक सीमा है। साथ ही एक वित्त वर्ष में एक बार ही लोन लिया जा सकता है। नया लोन भी तभी लिया जा सकता है, जब पुराने लोन का भुगतान कर दिया गया हो।

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