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फायदा / बढ़ रही है होम लोन की ईएमआई, पार्ट प्री-पेमेंट करने से बोझ होगा कम



Danik Bhaskar | Sep 16, 2018, 01:31 PM IST

यूटिलिटी डेस्क. रिजर्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (एमपीसी) की ओर से रेपो रेट में लगातार दो बार 25 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी होने से एक बार फिर ब्याज दरों का बढ़ना तय हो चुका है। बाजार में इस वित्तीय वर्ष के दौरान कम से कम 25 बेसिस प्वाइंट्स की एक और वृद्धि की उम्मीद की जा रही है। ऐसे में फ्लोटिंग रेट पर कर्ज लेने वाले अन्य लोगों की तरह, मौजूदा होम लोन ग्राहकों को भी बढ़ती ईएमआई के बोझ से निपटने के लिए कुछ उपाय करने पड़ सकते हैं।

 

इन उपायों में होम लोन के एक हिस्से का समय पूर्व एकमुश्त भुगतान यानी लम्पसम प्री-पेमेंट करना अच्छा विकल्प होगा। अगर आपने फ्लोटिंग दरों पर लोन लिया है, तो बिना किसी पेनल्टी के समय पूर्व भुगतान करने से कुल ब्याज लागत को कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, आंशिक पूर्व-भुगतान यानी पार्ट प्री-पेमेंट करने से पहले कुछ पहलुओं को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है।

इन पहलुओं का रखें ध्यान

  1. मौजूद राशि के आधार पर विकल्प चुनें

    होम लोन ग्राहकों के पास होम लोन का पार्ट प्री-पेमेंट करते समय दो विकल्प होते हैं। वे अपनी ईएमआई कम कर सकते हैं, या फिर अपने होम लोन की अवधि घटा सकते हैं। हालांकि दूसरे विकल्प से ब्याज भुगतान में अधिक बचत होगी। दोनों विकल्पों में से एक चुनने का निर्णय मुख्य रूप से आपकी खर्च की जा सकने वाली आय पर निर्भर होना चाहिए। यदि बढ़ती ब्याज़ दर से आपकी खर्च करने वाली आय पर असर पड़ता है तो ईएमआई घटाने का विकल्प चुनें।

  2. बैलेंस ट्रांसफर से होने वाली बचत की तुलना करें

    होम लोन का प्री-पेमेंट यानी समय पूर्व भुगतान निश्चित रूप से आपकी शुद्ध ब्याज लागत में कमी लाता है, लेकिन यदि आप अपने मौजूदा निवेश से पैसा निकाल कर प्री-पेमेंट करते हैं तो यह आपकी आर्थिक स्थिति के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसकी बजाय, यदि आप होम लोन बैलेंस ट्रांसफर का चयन करते हैं, तो आपका मौजूदा होम लोन पहने से कम ब्याज दर पर किसी अन्य कर्ज दाता के पास चला जाता है। यह विकल्प आपके पास मौजूद नकदी और वर्तमान निवेश को प्रभावित किए बिना आपके ब्याज भुगतान में कमी ला सकता है।

  3. अपने इमरजेंसी फंड को कभी न छुएं

    यह फंड मुख्य रूप से मुश्किल दौर में आर्थिक परेशानियों से निपटने या शारीरिक अक्षमता के चलते नौकरी छूट जाने पर अपने जरूरी खर्च को पूरा करने के लिए बनाया जाता है। इस फंड का आकार कम से कम 6 महीने तक आपके नियमित खर्चों को पूरा करने के लिए पर्याप्त होना चाहिए। यदि आप अपने इमरजेंसी फंड का इस्तेमाल अपने होम लोन के प्री-पेमेंट के लिए होते हैं तो उसके बाद किसी भी अप्रत्याशित घटना के वक्त आपको ऊंची ब्याज दरों पर कर्ज लेना पड़ सकता है। या फिर नुकसान के साथ मौजूदा निवेश से पैसा निकालने के लिए आपको मजबूर होना पड़ सकता है।

  4. वित्तीय लक्ष्यों से जुड़े निवेश से पैसे न निकालें

    आपके वित्तीय लक्ष्य आपके जीवन उद्देश्यों के लिए आपकी तैयारी दिखाते हैं, जैसे कि बच्चे की उच्च शिक्षा या कार लोन के डाउन पेमेंट आदि। अपने इन लक्ष्यों हेतु किए गए निवेश से पैसे निकालने पर आपको बाद में ऊंची दरों पर कर्ज लेने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। इसके अलावा, कई प्रकार के कर्ज के लिए आपको अपनी ओर से मार्जिन मनी या डाउन पेमेंट के रूप में एक निश्चित राशि की आवश्यकता होती है। ऐसे में अगर आप पहले ही किसी जरूरत के लिए अपने निवेश से पैसे निकाल लेंगे, तो फिर आप डाउन पेमेंट की शर्त वाले कर्ज भी नहीं ले सकेंगे।

  5. मौजूद राशि के आधार पर विकल्प चुनें

    • होम लोन ग्राहकों के पास होम लोन का पार्ट प्री-पेमेंट करते समय दो विकल्प होते हैं। वे अपनी ईएमआई कम कर सकते हैं, या फिर अपने होम लोन की अवधि घटा सकते हैं। हालांकि दूसरे विकल्प से ब्याज भुगतान में अधिक बचत होगी।
    • दोनों विकल्पों में से एक चुनने का निर्णय मुख्य रूप से आपकी खर्च की जा सकने वाली आय पर निर्भर होना चाहिए। यदि बढ़ती ब्याज़ दर से आपकी खर्च करने वाली आय पर असर पड़ता है तो ईएमआई घटाने का विकल्प चुनें।

  6. बैलेंस ट्रांसफर से होने वाली बचत की तुलना करें

    • होम लोन का प्री-पेमेंट यानी समय पूर्व भुगतान निश्चित रूप से आपकी शुद्ध ब्याज लागत में कमी लाता है। लेकिन यदि आप अपने मौजूदा निवेश से पैसा निकाल कर प्री-पेमेंट करते हैं तो यह आपकी आर्थिक स्थिति के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
    • इसकी बजाय, यदि होम लोन बैलेंस ट्रांसफर का चयन करते हैं, तो मौजूदा होम लोन पहने से कम ब्याज दर पर किसी अन्य कर्ज दाता के पास चला जाता है। यह विकल्प आपके पास मौजूद नकदी और वर्तमान निवेश को प्रभावित किए बिना आपके ब्याज भुगतान में कमी ला सकता है।

  7. अपने इमरजेंसी फंड को कभी न छुएं

    • यह फंड मुख्य रूप से मुश्किल दौर में आर्थिक परेशानियों से निपटने या शारीरिक अक्षमता के चलते नौकरी छूट जाने पर अपने जरूरी खर्च को पूरा करने के लिए बनाया जाता है। इस फंड का आकार कम से कम 6 महीने तक आपके नियमित खर्चों को पूरा करने के लिए पर्याप्त होना चाहिए।
    • यदि आप अपने इमरजेंसी फंड का इस्तेमाल अपने होम लोन के प्री-पेमेंट के लिए होते हैं तो उसके बाद किसी भी अप्रत्याशित घटना के वक्त आपको ऊंची ब्याज दरों पर कर्ज लेना पड़ सकता है। या फिर नुकसान के साथ मौजूदा निवेश से पैसा निकालने के लिए आपको मजबूर होना पड़ सकता है।

  8. वित्तीय लक्ष्यों से जुड़े निवेश से पैसे न निकालें

    • आपके वित्तीय लक्ष्य आपके जीवन उद्देश्यों के लिए आपकी तैयारी दिखाते हैं, जैसे कि बच्चे की उच्च शिक्षा या कार लोन के डाउन पेमेंट आदि। अपने इन लक्ष्यों हेतु किए गए निवेश से पैसे निकालने पर आपको बाद में ऊंची दरों पर कर्ज लेने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
    • इसके अलावा, कई प्रकार के कर्ज के लिए आपको अपनी ओर से मार्जिन मनी या डाउन पेमेंट के रूप में एक निश्चित राशि की आवश्यकता होती है। ऐसे में अगर आप पहले ही किसी जरूरत के लिए अपने निवेश से पैसे निकाल लेंगे, तो फिर आप डाउन पेमेंट की शर्त वाले कर्ज भी नहीं ले सकेंगे।