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बैंकिंग / SBI ने वापस लिया रेपो रेट लिंक्‍ड होम लोन, इसी साल जुलाई में हुई भी शुरूआत

प्रतीकात्मक फोटो। प्रतीकात्मक फोटो।
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प्रतीकात्मक फोटो।प्रतीकात्मक फोटो।

दैनिक भास्कर

Sep 20, 2019, 12:33 PM IST

यूटिलिटी डेस्क. देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने रेपो रेट से लिंक्ड (RLLR) होम लोन स्कीम को वापस ले लिया है। SBI ने जुलाई में रेपो रेट से लिंक्ड होम लोन स्कीम को लॉन्च किया था। ट्विटर पर एक यूजर क्वेरी का जवाब देते हए बैंक ने ट्वीट किया है कि उसने रेपो रेट बेस्ड होम लोन स्कीम को वापस ले लिया है। आपको बता दें कि भारतीय स्‍टेट बैंक देश का पहला ऐसा बैंक था जिसने अपने होम लोन को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के रेपो रेट से जोड़ा था। अब बैंक सिर्फ मार्जिनल कॉस्ट बेस्ड लेंडिंग रेट पर लोन दे रही है।

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एमसीएलआर आधारित लोन में कर सकेंगे ट्रांसफर

ट्विटर यूजर @yashuk22 के सवाल के जबाव में SBI ने कहा है, 'कृपया ध्‍यान दें कि RLLR आधारित होम लोन स्‍कीम वापस ले ली गई है। आप अपने होम लोन को एमसीएलआर आधारित लोन में ट्रांसफर कर स‍कते हैं।' RLLR का मतलब यहां रेपो लिंक्‍ड लेंडिंग रेट है।

RBI ने सभी बैंकों से कहा है कि वे नये फ्लोटिंग रेट होम लोन, ऑटो लोन को 1 अक्‍टूबर से एक्‍सटर्नल बेंचमार्क से जोड़ें।

बैंकों के लिए लेंडिंग इंटरेस्‍ट रेट तय करने के फॉर्मूले का नाम मार्जिनल कॉस्‍ट ऑफ फंड लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) है। दरअसल आरबीआई के द्वारा बैंकों के लिए तय फॉर्मूला फंड की मार्जिनल कॉस्‍ट पर आधारित है।

  • इस फॉर्मूले का उद्देश्य कस्‍टमर को कम इंटरेस्‍ट रेट का फायदा देना और बैकों के लिए इंटरेस्‍ट रेट तय करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है। अप्रैल, 2016 से ही बैंक नए फॉर्मूले के तहत मार्जिनल कॉस्ट से लेंडिंग रेट तय कर रहे हैं।
  • साथ ही बैंकों को हर महीने एमसीएलआर की जानकारी देनी होती है। आरबीआई द्वारा जारी इस नियम से बैंकों को ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलने और इकोनॉमिक ग्रोथ में भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद थी।

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