मदर्स डे स्पेशल / जो बीमारियां महिलाओं को ज्यादा होती हैं, उनके लिए अलग से कंपनियां देती हैं इंश्योरेंस पॉलिसी



women should buy these health covers
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women should buy these health covers

  • मैटरनिटी, ओवेरियन कैंसर, प्रेग्नेंसी जैसी प्रॉब्लम को भी कवर करती हैं ये पॉलिसी
  • शादी के बाद ले सकती हैं प्रेग्नेंसी के खर्चे को कवर करने वाली पॉलिसी

Dainik Bhaskar

May 12, 2019, 05:43 PM IST

यूटिलिटी डेस्क. अक्सर महिलाएं खुद के लिए अलग से हेल्थ इंश्योरेंस कवर नहीं लेतीं। अधिकतर महिलाएं फैमिली हेल्थ प्लांस में ही कवर होती हैं। हालांकि कई ऐसे प्लांस हैं, जो सिर्फ महिलाओं के लिए ही तैयार किए गए हैं, क्योंकि महिलाओं को होने वाली कई बीमारियों पुरुषों से भिन्न होती हैं। ऐसे में महिलाएं इन प्लान्स के जरिए खुद को सुरक्षित कर सकती हैं।

ग्रुप हेल्थ प्लान में कई बीमारियां कवर नहीं होतीं

  1. कामकाजी महिलाएं अतिरिक्त हेल्थ प्लान नहीं लेतीं

    एक्सपर्ट कहते हैं कि कामकाजी महिलाएं अतिरिक्त हेल्थ प्लान नहीं लेतीं। वे इम्प्लॉयर द्वारा दिए जाने वाले प्लान में ही कवर होती हैं, यह ग्रुप हेल्थ प्लान होता है। ग्रुप हेल्थ प्लान में कई बीमारियां कवर नहीं हो पाती हैं। मैटरनिटी, ओवेरियन कैंसर, कॉस्मेटिक सर्जरी जैसे प्रॉब्लम का अक्सर महिलाओं को सामना करना पड़ता है। ऐसे में हेल्थ कवर लेते समय इन चीजों का ध्यान रखना जरूरी है।

  2. महिलाओं को कैसी पॉलिसी लेना चाहिए

    महिला को ऐसी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लेना चाहिए जो मैटरनिटी कवर, प्रेग्नेंसी, ब्रेस्ट कैंसर और महिलाओं में होने वाली दूसरी बीमारियों को कवर करे। पॉलिसी लेते समय हॉस्पिटल से छुट्‌टी होने के बाद वाले खर्चे की डिटेल भी अच्छे से पढ़ना चाहिए क्योंकि कई बीमारियां ऐसी हैं, जिनका इलाज काफी लंबा चलता है, जैसे ब्रेस्ट कैंसर। इसका खर्चा भी बहुत ज्यादा होता है। ऐसे में महिलाओं को ऐसी पॉलिसी चुनना चाहिए जो हॉस्पिटल से छुट्‌टी के बाद होने वाले इलाज के खर्चे को भी कवर करती हो।

  3. शादी के बाद प्रेग्नेंसी के खर्चे को कवर करने वाली पॉलिसी चुनें

    शादी के बाद महिला को ऐसी पॉलिसी चुनना चाहिए जो प्रेग्नेंसी में होने वाले खर्चे को कवर करती हो। पॉलिसी लेते समय वेटिंग पीरियड भी पता करना चाहिए। कोई भी पॉलिसी लेते समय उसके नियम और शर्तें ध्यान से पढ़ना जरूरी है। कई बार लोग पॉलिसी लेते समय नियम-शर्तें ध्यान से नहीं पढ़ते और फिर बाद में परेशान होते हैं।

     

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