बैंकिंग / बुढ़ापे में घर बनेगा आपका सहारा, रिवर्स मॉर्गेज स्कीम से दिलाएगा पेंशन



banking ; all about reverse mortgage loan scheme
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banking ; all about reverse mortgage loan scheme

Dainik Bhaskar

Aug 07, 2019, 10:01 AM IST

यूटिलिटी डेस्क. अगर बुढ़ापे में आपको कोई सहारा नहीं है या फिर बच्चे आपकी आर्थिक रूप से मदद नहीं करते तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। सरकार ने सीनियर सिटीजन की मदद के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं। इनमें से ही एक रिवर्स मॉरगेज है। रिवर्स मॉरगेज को अगर साधारण शब्दों में समझाएं तो यह ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें आप अपने मॉरगेज (गिरवी) घर में रहते हैं और संबंधित बैंक से अपने जीवन यापन के लिए एक निश्चित राशि नियमित अवधि पर पाते रहते हैं। ऋण लेने वाले व्यक्ति की मौत के बाद यह संपत्ति बैंक की हो जाती है।

इससे जुड़ी खास बातें...

  1. पहले रिवर्स मोर्गेज स्‍कीम को समझें

    बैंकों की रिवर्स मोर्गेज स्‍कीम 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्‍यक्तियों के लिए है जो उनको नियमित इनकम का विकल्‍प देती है। इस स्कीम को लेने के लिए पहली शर्त है खुद का घर होना चाहिए। इस स्‍कीम के तहत बैंक घर के ओनर को रेजीडेंशियल प्रॉपर्टी अगेंस्‍ट के तहत हर माह एक तय रकम देता है। इसके बदले में रेजीडेंसियल प्रॉपर्टी बैंक के पास गिरवी रहती है।

  2. आपके घर का क्या होगा?

    इस स्‍कीम के तहत मालिक को बैंक को यह पैसा वापस नहीं करना होता है। बैंक रेजीडेंसियल प्रॉपर्टी गिरवी रखने पर हर माह कितना पैसा देगा? यह प्रॉपर्टी की कीमत पर निर्भर करता है। इसके अलावा मालिक अपने घर में रह सकता है। रिवर्स मोर्गेज स्‍कीम के तहत अपना घर गिरवी रखने वाले व्‍यक्ति की मृत्‍यु के बाद घर बैंक का हो जाता है। अगर उस व्‍यक्ति के परिवार वाले चाहें तो बैंक को घर की कीमत चुका कर घर खरीद सकते हैं।

  3. कुछ खास बातें

    स्कीम लेने के लिए वरिष्ठ नागरिकों की कम से कम 60 वर्ष आयु होनी चाहिए।

    • 72 साल की उम्र से ज्यादा वरिष्ठ नागरिकों को पीएनबी ये स्कीम नहीं देती।
    • आप चाहें तो आपनी प्रापर्टी किसी के नाम कर सकते हैं, लेकिन बैंक से दस्तावेज तभी मुक्त होंगे जब सामने वाला व्यक्ति बैंक को पूरी राशि लौटा देगा।
    • इस स्कीम में ब्याज दर में बदलाव होते रहते हैं अभी 14 प्रतिशत ब्याज दर है।
    • बैंकों में यह स्कीम ना के बराबर ही लोग लेते हैं।
    • सीनियर सिटिजन्स को इसकी जानकारी नहीं होती या फिर उनका परिवार के लोग खर्च चलाते हैं इसलिए सीनियर सिटिजन्स इस प्लान को नहीं लेते।
       

  4. रिवर्स मोर्गेज स्‍कीम का 15 साल तक ले सकते हैं लाभ

    वह भारतीय जिसकी उम्र 60 वर्ष है इस स्कीम का फायदा ले सकता है। इसके लिए बैंक में अपना घर गिरवी रखने के लिए आवेदन देना होता है। अगर पति और पत्‍नी मिल कर स्कीम आवेदन करते हैं तो पत्‍नी की उम्र कम से कम 58 साल होनी चाहिए। इसके तहत बैंक 10 से 15 साल के लिए आवेदक को हर माह एक तय रकम देता है।

  5. किसके लिए फायदेमंद?


    अगर किसी के पास रिटायरमेंट के बाद अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए इनकम का कोई स्रोत नही है और उसके परिवार में कोई नहीं है। या फिर है भी तो कोई मदद नहीं कर रहा है। उनके लिए स्कीम काम की हो सकती है। उस व्‍यक्ति को अपनी न्‍यूनतम जरूरतें पूरी करेन के लिए मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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