शुरुआत / शुरू होने जा रहा है आधार जैसा एक और कार्यक्रम, 45 करोड़ लोगों को मिलेगा नया यूनिक नंबर



another program like aadhaar is going to start 45 million people will get a new unique number
X
another program like aadhaar is going to start 45 million people will get a new unique number

Dainik Bhaskar

Apr 16, 2019, 07:39 PM IST

यूटिलिटी डेस्क. आधार नंबर जैसा एक और बड़ा सरकारी कार्यक्रम शुरू होने जा रहा है। आधार की तरह ही एक नए यूनिक नंबर की शुरुआत की जा रही है। यह यूनिक नंबर देश के लगभग 45 करोड़ लोगों को दिए जाएंगे। यह काम देशव्यापी स्तर पर किया जाएगा। नई सरकार के गठन के तुरंत बाद यह काम आरंभ हो जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश में श्रम मंत्रालय की देखरेख में इस काम को पूरा किया जाएगा।

असंगठित क्षेत्रों के कामगारों के लिए होगा यह यूनिक नंबर

    • आधार की तरह ही नया यूनिक नंबर देश के असंगठित क्षेत्रों में काम करने वालों के लिए होगा। श्रम मंत्रालय के एक अनुमान के मुताबिक अभी देश में असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों की संख्या 45 करोड़ से अधिक है। मतलब ये वो लोग हैं जिन्हें सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजना का कोई लाभ नहीं मिलता।
    • कुछ समय पहले सुप्रीम कोर्ट ने श्रम मंत्रालय को असंगठित क्षेत्र के कामगारों के पंजीयन करने का निर्देश दिया था। अभी देश में ऐसा कोई आंकड़ा नहीं है जो हमें असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों की सटीक जानकारी दे सके और उन कामगारों का ब्योरा दे सके।

  1. कौन करेगा यह काम

    • असंगठित क्षेत्र के कामगारों के पंजीयन के बदले उन्हें यूनिक नंबर दिए जाएंगे। दो प्रकार से इस काम को किया जाएगा। एक तो श्रम मंत्रालय इस पंजीयन के लिए ऐप बनाएगा। इस ऐप पर जाकर असंगठित क्षेत्र के लोग खुद को पंजीकृत कर सकेंगे। दूसरा तरीका होगा कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से। असंगठित क्षेत्र के कामगार किसी भी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर खुद को पंजीकृत करा सकेंगे। इसके लिए उन्हें मामूली शुल्क देना पड़ेगा।
    • आईटी मंत्रालय के अधीन काम करने वाले कॉमन सर्विस सेंटर के सीईओ डी.सी. त्यागी ने बताया कि अगले महीने से यह काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि रजिस्टर्ड होने वाले कामगारों को यूविन नामक यूनिक नंबर दिया जाएगा। इस नंबर से ही उनकी पहचान होगी और उन्हें सरकारी स्कीम का लाभ मिल  सकेगा। इनमें पेंशन से लेकर स्वास्थ्य सेवा जैसी स्कीम शामिल होंगी।
    • त्यागी ने बताया कि 45 करोड़ लोगों को पंजीकृत करने का काम कोई छोटा काम नहीं है। यह मिनी आधार की तरह होगा। चार साल पहले छोटे उद्यमियों को भी पंजीकृत कर उन्हें उद्योग आधार नंबर दिया गया था। छोटे उद्यमियों को उद्योग आधार नंबर देने का काम एमएसएमई मंत्रालय की तरफ से किया गया था।

  2. कौन लोग होंगे शामिल

    • त्यागी ने मनी भास्कर को बताया कि किसी कंपनी को छोड़ अन्य किसी भी जगह काम करने वाले व्यक्ति असंगठित क्षेत्र में आते हैं। इन सभी का पंजीयन किया जाएगा। चाहे वह घर में काम करने वाली मेड हो या दुकानों में काम करने वाले श्रमिक या फिर आंगनवाड़ी में काम करने वाली महिलाएं। अभी असंगठित क्षेत्र के कामगार सरकार के कई लाभ से इसलिए वंचित रह जाते हैं कि सरकार के पास उनका कोई आंकड़ा नहीं है।
    • श्रम मंत्रालय की तरफ से इस रजिस्ट्रेशन की पूरी तैयारी कर ली गई है और इस दिशा में काम करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। नई सरकार के गठन के तुरंत बाद ही यह काम आरंभ हो  सकता है। इस काम को देशव्यापी स्तर पर किया जाएगा। देश की कई राज्य सरकार असंगठित क्षेत्र के कामगारों को पंजीकृत करने का काम शुरू कर चुकी है। लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर अब तक ऐसा कोई प्रयास नहीं किया गया है।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना