काम की बात / बैंकिंग के अलावा अब म्यूचुअल फंड और बीमा संबंधी शिकायत भी सुनेगा लोकपाल

Apart from banking now Lokpal will also listen to complaints related to mutual funds and insurance
X
Apart from banking now Lokpal will also listen to complaints related to mutual funds and insurance

Dainik Bhaskar

Dec 17, 2019, 11:50 AM IST

यूटिलिटी डेस्क. बैंकिंग लोकपाल सेवा को संशोधित कर अब इसका दायरा बढ़ा दिया गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा अपने कार्यक्षेत्र में लोकपालों को अब नई जिम्मेदारी दी गई है, जिसमें इंश्योरेंस पॉलिसी या म्यूचुअल फंड स्कीम जैसे थर्ड पार्टी प्रॉडक्ट्स से संबंधित शिकायतें सुनने का अधिकार भी रहेगा। म्यूचुअल फंड में निवेश को लेकर लोगों का रुझान बढ़ा है। इसलिए म्यूचुअल फंड तथा जीवन बीमा निगम में भ्रामक जानकारी देकर पॉलिसी बेचने या निवेश करवाने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।

निवेशकों के साथ धोखाधड़ी के मामले सामने आने के बाद ऐसे लोगों की परेशानी दूर करने के लिए लोकपाल को यह मामले भी निपाटने होंगे। इसके अलावा मोबाइल और डिजिटल बैंकिंग सर्विस में कोई कमी पाए जाने पर भी संबंधित बैंक शाखा के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। संशोधित सेवा में लोकपाल द्वारा जारी की जाने वाली अवॉर्ड राशि की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख कर दी गई है। यहां हम कुछ प्रश्नों के उत्तर दे रहे हैं-

सामान्य तौर पर पूछे जाने वाले सवाल

  1. ऑनलाइन शिकायत दर्ज कैसे कराएं?

    www.bankingombudsman.rbi.org.in पर ऑनलाइन अथवा ई मेल भेजकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा शिकायत का एक निर्धारित फॉर्म भी बैंकों में उपलब्ध है, उसे भरकर भेज सकते हैं। आप ज्यादा जानकारी नहीं रखते हैं तो सादे कागज पर शिकायत लिखकर भी लोकपाल को डाक से भेज सकते हैं।

  2. कितने बैंकिंग लोकपाल नियुक्त हैं?

    21 बैंकिंग लोकपाल हैं। ज्यादातर राज्य की राजधानियों में स्थित हैं। आरबीआई की साइट से इनके एड्रेस ले सकते हैं।

  3. आवेदन में क्या विवरण जरूरी हैं?

    शिकायतकर्ता का नाम-पता। बैंक शाखा का नाम-पता। क्या शिकायत है, उसके दस्तावेज।

  4. लोकपाल द्वारा जारी अवॉर्ड बैंक को मंजूर नहीं तो क्या होगा?

    आपकी तरह बैंक के पास भी ऑप्शन है कि वह इस फैसले के खिलाफ अपीलीय प्राधिकारी के सामने अपील दायर करें।

  5. लोकपाल को कोई कानूनी शक्ति है?

    हां, वह अर्द्ध न्यायिक प्राधिकरण है। मध्यस्थता के लिए बैंक और ग्राहक को अपने पास बुलाने की शक्ति है।

  6. एनआरआई की शिकायतें भी सुनी जाती हैं?

    हां, ऐसे अनिवासी भारतीय जो भारत की बैंक में विदेश से धन जमा कराते हैं। किसी प्रकार का लेन-देन करते हैं, उनकी शिकायतें सुनता है।

  7. मैं लोकपाल और अपीलीय अधिकारी के निर्णय से संतुष्ट नहीं हूं, क्या करूं?

    ऐसे में आप आरबीआई को शिकायत भेज सकते हैं, क्योंकि ये दोनों अधिकारी उसी के द्वारा तय किए गए हैं। इसके अलावा उपभोक्ता फोरम में मामला ले जाने का ऑप्शन तो आपके पास है ही।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना