सख्ती / क्रिप्टोकरेंसी की खरीद-बिक्री करने पर हो सकती है 10 साल तक की जेल



crypto currency buying selling and keeping to be crime in india
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crypto currency buying selling and keeping to be crime in india

Dainik Bhaskar

Jul 23, 2019, 11:04 AM IST

यूटिलिटी डेस्क. भारत में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ा हर काम अपराध कहलाएगा। क्रिप्टोकरेंसी बेचने-खरीदने या रखने से लेकर जुड़ी किसी भी प्रकार की गतिविधि में लिप्त पाए जाने पर एक से लेकर दस साल तक की जेल हो सकती है। साथ ही, लाखों रुपए का जुर्माना भी देना पड़ सकता है। सरकार क्रिप्टोकरेंसी को बैन करने के लिए कानून ला सकती है। इस मामले में इंटर-मिनिस्ट्रियल कमेटी ने रिपोर्ट वित्त मंत्रालय को सौंप दी है।

 

इसके मुताबिक फरवरी, 2018 तक देश में क्रिप्टोकरेंसी के कारोबार में 50 लाख ट्रेडर्स तो 24 एक्सचेंज सक्रिय थे। कमेटी ने सरकार से बैनिंग ऑफ क्रिप्टोकरेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल 2019 लाने की सिफारिश की है। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में डिजिटल करेंसी लांच करने की भी सिफारिश की है। 

बिटकॉयन के नाम पर 2000 करोड़ रुपए के घोटाले हुए

  1. किसी भी देश ने नहीं दी क्रिप्टोकरेंसी को मान्यता

    कमेटी ने कहा है कि भारतीय उपभोक्ताओं को क्रिप्टोकरेंसी या बिटकॉयन से सुरक्षित करना होगा, क्योंकि इसके जरिए कई उपभोक्ताओं को ठगा जा चुका है।

     

    - रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल ही में बिटकॉयन के नाम पर 2000 करोड़ रुपए के घोटाले हुए। इसके तहत कई उपभोक्ताओं के साथ धोखा हुआ।

     

    - कमेटी ने कहा है कि किसी भी देश ने लिगल टेंडर के रूप में यानी कि उस देश की वैधानिक करेंसी के रूप में क्रिप्टोकरेंसी को मान्यता नहीं दिया गया है। चीन ने भी वर्ष 2017 में चीनी करेंसी के साथ क्रिप्टोकरेंसी के कारोबार पर प्रतिबंध लगा दिया।

  2. केंद्र चाहे तो जारी कर सकता है डिजिटल करेंसी

    कमेटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार चाहे तो सेंट्रल बैंक की तरफ से डिजिटल करेंसी जारी की जा सकती है।

     

    - इसे सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी का नाम दिया जाएगा। लेकिन यह सेंट्रल बैंक की तरफ से तय किया जाएगा कि डिजिटल करेंसी 24 घंटे काम करेगी या नहीं।

     

    - नोट की तरह ही किसी को यह पता नहीं चलेगा कि कौन सी डिजिटल करेंसी कौन इस्तेमाल कर रहा है। डिजिटल करेंसी से खुदरा एवं थोक खरीदारी संभव हो सकेगी। 

  3. क्या है क्रिप्टोकरेंसी?

    क्रिप्टोकरेंसी या वर्चुअल करेंसी किसी कीमत का डिजिटल रिप्रेजेंटेशन होती है। इसे कोई केंद्रीय बैंक, ऋण संस्था या कोई ई-पैसा संस्थान जाररी नहीं करता है। इस लिहाज से वर्चुअल करेंसी एक तरीके का अनियंत्रित डिजिटल धन होता है, जिसे इसे बनाने वाले ही जारी करते हैं और नियंत्रित करते हैं।

     

    - यह सिर्फ उस वर्चुअल कम्युनिटी के सदस्यों के बीच ही इस्तेमाल किया जा सकता है। यह किसी देश के कानून के दायरे में नहीं आता लिहाजा कोई फ्रॉड होने के मामले में आप बैंक से मदद नहीं मांग सकते हैं। ऐसे में यह करेंसी काफी खतरनाक बन जाती है।

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