बदलाव / IRDAI ने बीमा नियमों में किए बदलाव, डेथ बेनिफिट को किया कम

insurance ; IRDAI change life insurance rules
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insurance ; IRDAI change life insurance rules

Jul 17, 2019, 02:09 PM IST

यूटिलिटी डेस्क. बीमा नियामक IRDAI ने लाइफ इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स से जुड़े नए नियम जारी किए हैं। IRDAI ने इन नियमों में करीब 9 साल बाद बदलाव किया है। नए नियम नॉन लिंक्ड और ULIP प्रोडक्ट्स के लिए होंगे और पॉलिसी होल्डर्स के लिए काफी फायदेमंद होंगे। हालांकि नए नियमों के तहत नॉन-लिंक्ड पॉलिसियों में मिनिमम डेथ बेनिफिट को कम कर दिया गया है। अब इसे सालाना प्रीमियम के 10 गुना से घटाकर 7 गुना कर दिया गया है।

ये हुए बदलाव

पॉलिसी होल्डर के हक में सबसे बड़ा कदम है कि नॉन-लिंक्ड पॉलिसी को रिवाइवल कराने की समयसीमा को 2 साल से बढ़ाकर अब 5 साल कर दिया गया है और ULIP प्रोडक्ट्स के लिए रिवाइवल पीरियड 2 साल से बढ़ाकर 5 साल कर दिया गया है, नॉन लिंक्ड पॉलिसी में यदि ग्राहक 2 साल के बाद पॉलिसी सरंडर करता है, तो उसे एक निश्चित 30% तक राशि मिलेगी और 4 से 7 वें साल में सरेंडर करने पर 50% तक राशि मिलेगी।

हालांकि इरडा के नए नियमों के तहत नॉन-लिंक्ड पॉलिसियों में मिनिमम डेथ बेनिफिट को कम कर दिया गया है। अब इसे सालाना प्रीमियम के 10 गुना से घटाकर 7 गुना कर दिया गया है।

 

- उदाहरण के लिए अब नए नियमों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति अपने बीमा का सालान प्रीमियम 60 हजार रुपए देता है तो उसके परिवार को मिनिमम डेथ बेनिफिट के तौर पर अब 3 लाख 60 हजार रुपये मिलेंगे। जो पहले 10 गुना यानि 6 लाख मिलता।

 

- उसे इसके अलावा इनकम टैक्स के सेक्शन 80C में छूट के लिए सालाना लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के सिंगल प्रीमियम का 10 गुना होना जरूरी है। जिससे अब कंपनियों के बिना इनकम टैक्स छूट वाले प्रोडक्ट्स भी ग्राहकों को ऑफर कर पाएंगी।

नए नियमों में पेंशन प्रोडक्ट्स से आंशिक 25% निकासी की इजाजत की मंजूरी दी गई है और ये निकासी गंभीर बीमारी, बच्चे की शादी और पढ़ाई के लिए के वक्त ही मुमकिन होगी।

 

- अभी यूलिप पॉलिसी में राइडर लेने पर यूनिट घटाने का विकल्प कंपनियों के पास होता था लेकिन अब कंपनिया अतिरिक्त प्रीमियम के साथ क्रिटिकल इलनेस जैसे कई राइडर पॉलिसी होल्डर को दे पाएगी।

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