सख्ती / अब ग्राहकों से मनमानी नहीं कर सकेंगी ई-कॉमर्स कंपनियां, जारी होगी नई गाइडलाइंस



online shoping ; new guidelines for e commerce companies
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online shoping ; new guidelines for e commerce companies

Dainik Bhaskar

Aug 06, 2019, 03:03 PM IST

यूटिलिटी डेस्क. ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा दी जाने वाली सेवाओं में सुधार करने के लिए सरकार ने नई गाइडलाइंस का ड्राफ्ट जारी किया है। इस ड्राफ्ट के जरिए ई-कॉमर्स कंपनियों पर शिकंजा कसा गया है ताकि ग्राहको के साथ होने वाली ठगी को रोका जा सके। सरकार ने इन गाइडलाइंस पर सभी स्टेकहोल्डर्स से 16 सितंबर तक राय मांगी है। सभी पक्षों की राय जानने के बाद अक्टूबर में फाइनल नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है।

भारत में तेजी से बढ़ रहा ई-कॉमर्स

  1. 14 दिन में देना होगा पूरा रिफंड

    नई गाइडलाइंस के अनुसार ई-कॉमर्स कंपनियों को 14 दिनों में पूरा रिफंड करना होगा। साथ ही ग्राहकों की शिकायतों का 1 महीने में समाधान करना होगा। 

    • ड्राफ्ट में कहा है कि ग्राहकों की समस्याओं के समाधान के लिए ई-कॉमर्स कंपनियों को एक ग्रीवेंस अधिकारी की नियुक्ति करनी होगी, जिसकी जानकारी वेबसाइट पर देनी होगी।

  2. सामान की कीमत तय नहीं कर पाएंगी कंपनियां

    ई-कॉमर्स कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए सरकार ने कहा है कि अब कंपनियां सामान की कीमत तय नहीं कर पाएंगी। साथ ही वेबसाइट पर उपलब्ध सभी सामानों की जवाबदेही विक्रेता की होगी। 

    • कंपनियों सेल बढ़ाने के लिए फेक रिव्यू भी नहीं करा पाएंगी। कंपनियों को 90 दिन में भारत में रजिस्ट्रेशन भी कराना जरूरी होगा। कंपनियों को विक्रेताओं की पूरी जानकारी के साथ ग्राहकों का डाटा भी सुरक्षित रखना होगा।

  3. 2021 तक 5.8 लाख करोड़ का होगा ई-कॉमर्स मार्केट

    हाल के वर्षों में भारत में ई-कॉमर्स मार्केट काफी तेजी से बढ़ा है। डेलॉय और रिटेल एसोसिएशन ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2021 तक भारतीय ई-कॉमर्स मार्केट 8,400 करोड़ डॉलर (करीब 5.8 लाख करोड़ रुपए) का हो जाएगा।

    • 2017 में यह 2,400 करोड़ डॉलर (1.6 लाख करोड़ रुपए) का ही था। इस वजह से कई विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियां भारत में अपना कारोबार बढ़ाने में लगी हैं। वालमार्ट के स्वामित्व वाली फ्लिपकार्ट देश की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी है। 

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