सख्ती / अब नकली दवाओं को पहचानना होगा आसान, API पर QR कोड लगाना हुआ अनिवार्य

qr code mandatory on active pharmaceutical ingredients from 8 september
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qr code mandatory on active pharmaceutical ingredients from 8 september

दैनिक भास्कर

Aug 14, 2019, 03:56 PM IST

यूटिलिटी डेस्क. दवाओं में इस्तेमाल होने वाले एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रीडिएंट्स (API) पर 8 सितंबर से क्यूआर (QR) कोड लगाना अनिवार्य होगा। API में QR कोड लगाने के केंद्र सरकार के फैसले के बाद अब असली और नकली दवाओं की पहचान में आसानी होगी। ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड ने जून में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।  आपको बता दें कि भारत हर साल 13,000 करोड़ रुपए का API आयात करता है।

3 फीसदी दवाओं की क्वालिटी घटिया

इस को लकर केंद्र सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर कहा हे कि QR कोड में निर्माता और बैच नंबर की जानकारी के साथ ही एक्सपायरी और इंपोर्टर की भी जानकारी होगी। 

  • US रिपोर्ट के मुताबिक भारत में बनी 20 फीसदी दवाएं नकली होती हैं। एक सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक 3 फीसदी दवाओं की क्वालिटी घटिया होती है।

एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रेडिएंट्स यानि API इंटरमीडिएट्स, टेबलेट्स, कैप्सूल्स और सिरप बनाने के मुख्य रॉ मैटेरियल्स होते हैं। 

  • किसी भी दवाई के बनने में API की मुख्य भूमिका होती है और इसी API के लिए अब भारतीय कंपनियां बहुत हद तक चीन पर निर्भर हैं।

क्यूआर कोड का इस्तेमाल सबसे पहले जापान की कंपनी ने किया था। 

  • इसमें क्यूआर का मतलब क्विक रिस्पांस होता है। इस कोड को तेजी से रीड करने के लिए बनाया गया है। 
  • यह बारकोड का अपग्रेड वर्जन है। बारकोड के कटने-फटने की परेशानी के कारण क्यूआर कोड बनाया गया है।
  • क्यूआर कोड का खास तरह की जानकारी को सांकेतिक शब्दों में बदलने के लिए प्रयोग किया जाता है।
     

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