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हाउसिंग / किराया बढ़ाने से 3 महीने पहले देना होगा नोटिस, मॉडल रेंटल एक्ट का ड्राफ्ट तैयार



real estate ; Model Rentals Act Draft will apply soon, Model Rentals Act ; rent ; makan malik ; kiraedar, rent agreement
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real estate ; Model Rentals Act Draft will apply soon, Model Rentals Act ; rent ; makan malik ; kiraedar, rent agreement

Jul 11, 2019, 02:23 PM IST

यूटिलिटी डेस्क. मकान मालिकों और किराएदारों के बीच होने वाले विवादों को खत्म करने और इनके अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए केंद्र सरकार ने मॉडल रेंटल एक्ट का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। ड्राफ्ट के अनुसार, कोई भी मकान मालिक दो महीने से ज्यादा का किराया सिक्युरिटी एडवांस के रूप में नहीं लेगा। हाउसिंग और अर्बन मामलों के मंत्रालय ने इस ड्राफ्ट को संबंधित पक्षों के पास सुझावों के लिए भेजा गया है। सुझाव मिलने के बाद एक्ट को कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। आपको बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते समय राज्यों के लिए एक मॉडल रेंटल एक्ट लाने की बात कही थी।

इस ड्राफ्ट से जुड़ी खास बातें...

  1. तय समय से ज्यादा रहने पर दोगुना देना होगा किराया

    ड्राफ्ट में कहा गया है कि यदि कोई किराएदार तय समय से ज्यादा मकान में रहता है तो उसे पहले दो महीने के लिए दोगुना किराया देना होगा। यदि वह दो महीने से ज्यादा समय तक रहता है तो उसे चार गुना किराया देना होगा।

  2. किराया बढ़ाने में मकान मालिक नहीं कर सकेंगे मनमर्जी

    ड्राफ्ट के अनुसार मकान मालिक एग्रीमेंट की अवधि के मध्य अपनी मर्जी से किराए में बढ़ोतरी नहीं कर सकेंगे। मकान मालिकों को किराए में बदलाव करने के लिए तीन महीने पहले नोटिस देना होगा। 

     

    - किराये को लेकर कोई विवाद होने पर मकान मालिक को किराएदार की बिजली और पानी आपूर्ति जैसी जरूरी सुविधाएं बंद करने का अधिकार नहीं है।

  3. मकान मालिकों को प्रोत्साहित करने के लिए बनाया मॉडल एक्ट

    केंद्र सरकार के एक सर्वे के अनुसार, शहरों में इस समय करीब 1.1 करोड़ संपत्तियां केवल इसलिए खाली पड़ी हैं कि मकान मालिकों को किराएदारों से होने वाले विवादों का डर सताता है।


    - ड्राफ्ट में एक अलग रेंट अथॉरिटी की स्थापना करने के अलावा राज्यों को विवादों का जल्द निपटारा कराने के लिए स्पेशल रेंट कोर्ट्स और रेंट ट्रिब्यूनल स्थापित करने का अधिकार देने की बात भी कही गई है।

  4. अथॉरिटी को देनी होगी सूचना

    मॉडल रेंटल एक्ट में कहा गया है कि रेंट एग्रीमेंट होने के बाद मकान मालिक और किराएदार दोनों को अथॉरिटी को सूचना देनी होगी। विवाद होने की स्थिति में मकान मालिक या किराएदार कोई भी रेंट अथॉरिटी के पास निपटारे के लिए जा सकता है।

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