राहत / SBI सहित अन्य बैंकों ने भी ब्याज दरों में की कटौती



rbi ; sbi and many other bank cut intrest rate
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rbi ; sbi and many other bank cut intrest rate

Dainik Bhaskar

Aug 09, 2019, 07:20 PM IST

यूटिलिटी डेस्क. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के प्रमुख ब्याज दर रेपो रेट में 0.35% की कटौती करने के बाद कई बैंको ले लोन सस्ता किया है।  स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के बाद 3 और बैंकों से कर्ज लेना अब सस्ता होगा। इनमें सिंडिकेट बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और आइडीबाई बैंक शामिल हैं। आपको बता दें कि RBI ने वित्त वर्ष 2019-20 की तीसरी मॉनटरी पॉलिसी रिव्यू मीटिंग में रेपो रेट में 0.35 फीसदी की कटौती की है। बता दें कि इस साल RBI 4 बार में 1.15 फीसदी रेपो रेट घटा चुका है। जिससे अब रेपो रेट 5.40 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट 5.15 फीसदी हो गया है।

इन बैंको से लोन लेना होगा सस्ता

  1. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)

    भारतीय स्टेट बैंक ने सभी अवधि के कर्ज पर ब्याज दर 0.15 फीसदी घटा दी है। इसके बाद SBI की एक साल वाली मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट्स (MCLR) 8.40 फीसदी से घटकर 8.25 फीसदी हो गई है। बैंक की नई कर्ज दरें 10 अगस्त से प्रभावी होंगी।

  2. सिंडिकेट बैंक (Syndicate Bank)

    सिंडिकेट बैंक ने अपने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट्स ( MCLR) में 0.25 फीसदी की कटौती की है। सिंडिकेट बैंक द्वारा जारी किए गए नए रेट 12 अगस्त यानी सोमवार से लागू होंगे।

  3. ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (OBC)

    ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स बैंक ने विभिन्न अवधियों के लोन की पर ब्याज दरों यानी एमसीएलआर (MCLR) में 0.10 फीसदी तक की कटौती करने का फैसला किया है।

    • एक साल के लोन की सीमांत लागत आधारित ब्याज दर (MCLR) 0.10 फीसदी घटकर अब 8.55 फीसदी पर आ गई है।
    • इसके अलावा , एक दिन से लेकर छह महीने तक की विभिन्न अवधि के लिए MCLR में 0.05 फीसदी से 0.10 फीसदी की कमी की गई है। नई दरें 10 अगस्त से प्रभावी होंगी।

  4. आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank)

    आईडीबीआई बैंक ने एक साल की अवधि के कर्ज पर एमसीएलआर को 0.10 फीसदी कम करके 8.95 फीसदी कर दिया है। 3 महीने से 3 साल के लिए ब्याज दरों में 0.05 से 0.15 फीसदी की कटौती की गई है। नई दरें 12 अगस्त से लागू होंगी।

  5. एचडीएफसी (HDFC Bank) बैंक

    एचडीएफसी बैंक ने MCLR में 0.10 फीसद की कटौती की है। बैंक ने आरबीआई के मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में रेपो रेट में 0.25 फीसद की कटौती के अनुमान के बीच ग्राहकों को सस्ते कर्ज का तोहफा दिया है।

    • कटौती 7 अगस्त 2019 से प्रभावी हो गई है। कटौती के बाद अब एचडीएफसी बैंक की नई एमसीएलआर एक साल की अवधि वाले कर्ज के लिए 8.60 फीसद हो गई है।
       

  6. क्या है MCLR?

    MCLR को मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट भी कहते हैं। इसमें बैंक अपने फंड की लागत के हिसाब से लोन की दरें तय करते हैं। ये बैंचमार्क दर होती है। इसके बढ़ने से आपके बैंक से लिए गए सभी तरह के लोन महंगे हो जाते हैं।

    • मार्जिनल का मतलब होता है- अलग से या अतिरिक्त। जब भी बैंक लेंडिंग रेट तय करते हैं, तो वे बदली हुई स्थ‍ितियों में खर्च और मार्जिनल कॉस्ट को भी कैलकुलेट करते हैं। बैंकों के स्तर पर ग्राहकों को डिपॉजिट पर दिए जाने वाली ब्याज दर शामिल होती है। 
    • MCLR को तय करने के लिए चार फैक्टर को ध्यान में रखा जाता है। इसमें फंड का अतिरिक्त चार्ज भी शामिल होता है। निगेटिव कैरी ऑन CRR भी शामिल होता है। साथ ही, ऑपरेशन कॉस्ट औक टेन्योर प्रीमियम शामिल होता है।

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