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प्रधानमंत्री जन औषधि योजना / दवाई बेचने का लाइसेंस, ढाई लाख रु. के साथ 10 फीसदी इन्सेंटिव भी देगी सरकार

Dainik Bhaskar

Jan 10, 2019, 12:12 PM IST


pradhanmantri jan aushadhi kendra is open for everyone anyone can registrar and get benefits
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यूटिलिटी डेस्क. किसी भी आय वर्ग और किसी भी समुदाय का व्यक्ति प्रधानमंत्री जन औषधि योजना (पीएमजेएवाई) में भाग लेकर जनेरिक दवाओं का अपना व्यवसाय शुरू कर सकता है। मात्र दो से ढाई लाख रुपए में आप दवाई की दुकान खोल सकते हैं। यह खर्च भी सरकार उठा रही है। यानी सरकार हर महीने आपके बैंक खाते में 10 प्रतिशत इन्सेंटिव तब तक जमा कराती रहेगी, जब तक आपके द्वारा लगाई गई दो से ढाई लाख रुपए की पूरी राशि आपको नहीं मिल जाती। यह करीब 10 हजार रुपए महीना बैठती है।

कोई भी खोल सकता है जन औषधि केन्द्र

  1. इस योजना का उद्देश्य रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। साथ ही मरीजों को महंगी तथा गुणवत्ता वाली दवाएं बाजार मूल्य से कम दाम पर बेचना भी इसका मकसद है। यहां पर दवाएं आमजन को बाजार मूल्य से 60 से 70 प्रतिशत कम कीमत पर मुहैया कराई जाती हैं।

  2. पहले यह योजना बी-फार्मा और एम-फार्मा पास युवाओं के लिए ही थी। अब इसे सभी के लिए खोल दिया गया है। कोई भी व्यक्ति या कारोबारी, अस्पताल, गैर सरकारी संगठन, फार्मासिस्ट, डॉक्टर और मेडिकल प्रैक्टिशनर औषधि केंद्र खोलने के लिए आवेदन कर सकता है। सरकार इन केंद्रों को जनेरिक दवाओं की आपूर्ति बनाए रखती है। एससी, एसटी व दिव्यांग आवेदकों को यह केंद्र खोलने के लिए 50 हजार रुपए तक की दवाएं एडवांस में दी जाती हैं।

  3. पहले जन औषधि केंद्र को सरकारी अस्पताल के बाहर खोलने की अनुमति नहीं थी। लेकिन सरकार ने इसकी उपयोगिता को समझते हुए सरकारी अस्पताल के बाहर भी खोलने की अनुमति दे दी है। इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी ब्यूरो ऑफ फार्मा पीएसयू ऑफ इंडिया (बीपीपीआई) को दी गई है।

  4. दुकान के लिए जरूरी दस्तावेज

    • आवेदक के पास आधार कार्ड और पैन कार्ड होना अनिवार्य है।
    • आपके पास कम से कम 112 वर्ग फीट की जगह होनी चाहिए। चाहें तो किराए पर भी ले सकते हैं, उसका प्रमाण देना होगा। 
    • अगर कोई एनजीओ, फार्मासिस्ट, डॉक्टर और मेडिकल प्रैक्टिशनर औषधि केंद्र खोलना चाहता है तो आधार, पैन, संस्था बनाने का सर्टिफिकेट एवं उसका रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट देना होगा।

  5. यह फायदा मिलेगा

    • दवाइयों पर प्रिंट कीमत से 16 फीसदी से लेकर 20 फीसदी तक प्रॉफिट। 
    • सरकार की तरफ से दो लाख रुपए तक की वन टाइम वित्तीय मदद। 
    • आपको 12 महीने के लिए अपनी बिक्री का 10 फीसदी अतिरिक्त इन्सेंटिव दिया जाएगा। यानी अधिकतम 10 हजार रुपए महीना।
    • उत्तर-पूर्वी राज्य, नक्सल प्रभावित इलाके, आदिवासी क्षेत्रों में यह इन्सेंटिव 15% हो सकता है। यहां आपका इन्सेंटिव अधिकतम 15,000 रुपए हो सकता है।

  6. जनेरिक व ब्रांड वाली दवा में अंतर

    जनेरिक व ब्रांड वाली दवाई दोनों एक जैसी होती हैं। इनमें फर्क सिर्फ कीमत का होता है। जनेरिक दवाओं के निर्माना इनके प्रचार पर ज्यादा खर्च नहीं करते यही कारण है कि ये ब्रांड वाली दवाओं की तुलना में 60 से 70 फीसदी कम कीमत पर मिलती हैं। इसके अलावा जनेरिक दवाई का मूल्य क्या रखा जाए, यह तय करने में सरकार की अहम भूमिका रहती है। अमेरिकी खाद्य व औषधि प्रशासन (यूएसएफडीए) ने भी जनेरिक दवाओं को ब्रांड वाली दवाओं की तरह प्रभावशाली माना है। इनके निर्माण में कोई समझौता नहीं किया जाता है।

ऐसे करें जन औषधि केन्द्र के लिए आवेदन

  1. प्रधानमंत्री जन औषधि की वेबसाइट (janaushadhi.gov.in/index.aspx) पर जाएं।

  2. फिर ऑनलाइन प्रधानमंत्री भारतीय जनौषधि रजिस्ट्रेशन लिंक (Online PMBJK Registration)  पर क्लिक करें।

  3. यहां आपको गवर्नमेंट एजेंसीज, एनजीओ, चैरिटेबल इंस्टीट्यूशन्स, प्राइवेट हॉस्पिटल, सेल्फ हेल्प ग्रुप और इंडिविजुअल इंटरप्रन्योर्स का ऑप्शन मिलेगा।

  4. अपनी कैटेगरी सिलेक्ट करें और इसके बाद एप्लाई ऑनलाइन पर क्लिक करें।

  5. नया टैब ओपन होने पर नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, राज्य (जहां आप जन औषधि केंद्र खोलना चाहते हैं) जैसी जानकारी दर्ज कर सबमिट करें।

  6. इतना करने के बाद दर्ज की गई मेल पर यूजर आईडी, पासवर्ड और लॉगइन लिंक भेजी जाएगी, जिस पर क्लिक करके लॉगइन करना होगा और 7 दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन प्रोसेस कंप्लीट करना होगा।

  7. रजिस्ट्रेशन के दौरान लोकेशन (जहां जन औषधि केंद्र खोलना चाहते हैं), अपना स्थाई पता और पैन नंबर देना होगा।

  8. इसके अलावा आपको अपना आधार नंबर डालना पड़ेगा। आधार वेरिफाई करवाने के लिए वेरिफाई विथ ओटीपी को सिलेक्ट करें।

  9. इतना करने के बाद योजना का कंप्लीट फॉर्म खुलेगा। इसमें सभी जानकारी सही-सही भरकर सबमिट करके प्रिंट निकाल लें।

  10. इसके बाद आपको बीपीपीआई के पास जाना पड़ेगा और यहां रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ेगा। इसकी रजिस्ट्रेशन फीस 2 हजार रुपए है। उसके बाद विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर (वीएलई) के तहत दवाइयों की बिक्री के लिए लाइसेंस लेना पड़ेगा। लाइसेंस मिलने के बाद आप दवा बिक्री शुरू कर सकते हैं।

  11. अगर आप ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते तो साइट पर जाकर फॉर्म डाउनलोड करें और भरने के बाद उसे इस पते पर पोस्ट कर दें:

    सीईओ, फार्मा पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स ऑफ इंडिया (बीपीपीआई), आईडीपीएल कॉरपोरेट कार्यालय, आईडीपीएल कॉम्प्लेक्स, पुरानी दिल्ली गुड़गांव रोड, दुन्दाहेरा, गुड़गांव - 122016 (हरियाणा)

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