चॉकलेट खाने से गई मासूम की जान:बच्चे को कुछ भी गलत तरीके से खिलाना हो सकता है खतरनाक; समझिए खाने का सही तरीका

6 महीने पहलेलेखक: अलिशा सिन्हा

कर्नाटक के उडुपी जिले में 20 जुलाई को 6 साल की बच्ची की मौत उसके गले में चॉकलेट फंसने की वजह से हो गई। बच्ची स्कूल नहीं जाना चाहती थी। मां ने उसे फुसलाने के लिए एक चॉकलेट दी। स्कूल बस आई तो बच्ची ने रैपर समेत चॉकलेट खा ली। इससे उसका दम घुट गया। वह बस के दरवाजे के पास ही बेहोश हो गई। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

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इससे पहले दिल्ली AIIMS में एक मामला सामने आया था, जिसमें मोमोज खाने से 50 साल के एक शख्स की जान चली गई थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में विंड पाइप में मोमोज फंसने को मौत की वजह बताया गया था।

आज हम डॉ. पराग शर्मा, चेस्ट फिजीशियन, हमीदिया अस्पताल और डॉ. संजय गुप्ता, इंटरनल मेडिसिन सीनियर कंसल्टेंट, पारस अस्पताल, गुरुग्राम से जानेंगे कि खाना गले में क्यों फंसता है और इसकी वजह से कैसे जान चली जाती है...

डॉ. पराग कहते हैं कि हमारी नेक यानी गले वाला एरिया काफी पतला होता है। इसमें 2 नली होती हैं।

  • पहली सांस की नली, दूसरी खाने की नली। दोनों के बीच एक एपिग्लोटिस होती है, जो ये डिसाइड करती है कि आप खाना खाएंगे या सांस लेंगे।
  • आप मुंह से खाना भी खाते हैं और सांस भी लेते हैं, लेकिन दोनों एक साथ नहीं कर सकते हैं। ऐसा आप खुद करके देखिए, आप सांस लेते हुए कोई चीज गटक यानी निगल नहीं सकते हैं।
  • खाने की नली में कुछ फंसने से मौत नहीं हो सकती है। उसमें जाने वाली चीज या तो अंदर चली जाती है या फिर आप खांसी के जरिए उसे बाहर कर देते हैं। इसमें आपको उल्टी, खांसी या निमोनिया जैसी दिक्कत हो सकती है। मौत का खतरा तब होता है, जब खाना सांस की नली में फंस जाता है।

खाते वक्त ये 5 गलती करने पर खाना अटक या फंस सकता है

  • जल्दी-जल्दी खाना खाने पर।
  • लगातार बात करते हुए खाने पर।
  • खाना बिना चबाए सीधे निगलने पर।
  • खेलते हुए बच्चे को खाना खिलाने पर।
  • नींद में किसी को खाना खिलाने पर।

सोर्स- डॉ. पराग शर्मा, चेस्ट फिजिशियन और एसोसिएट प्रोफेसर, हमीदिया अस्पताल

गले में कुछ अटक या फंस जाने पर ये परेशानियां हो सकती हैं

  • बोलने में परेशानी या बोल न पाना।
  • खांसी आना।
  • सांस लेने में दिक्कत।
  • सांस लेते वक्त आवाज आना।
  • दोनों हाथों से अपना गला पकड़ना।
  • दिल की धड़कन तेज होना।
  • शरीर का रंग नीला पड़ना।
  • बेहोश होना।
  • 1-2 मिनट तक शरीर कांपना।
  • छोटे बच्चे रोने भी लगते हैं।

बच्चों के गले में कोई चीज फंसने का खतरा ज्यादा क्यों रहता है?

छोटे बच्चों का एपिग्लोटिस सॉफ्ट होता है, इसलिए कई बार चीजें सांस की नली में जल्दी चली जाती हैं। बच्चों की सांस की नली भी बड़ों के मुकाबले छोटी होती है, वो खांसकर कोई चीज बाहर नहीं कर पाते हैं। ऐसी सिचुएशन में उनकी मौत हो सकती है।

याद रखें- सांस की नली में कोई चीज फंस जाए तो उसे बाहर निकालने के लिए सबसे अच्छा तरीका है मरीज को खांसी आए या वो खुद खांसने की कोशिश करे। इससे खाने की चीज बाहर निकालने में मदद मिलती है।

चलते-चलते जान लीजिए...
डॉ. पराग कहते हैं कि मूंगफली, चना, सिक्के और टॉफी निगल जाने वाले बच्चों के केस हमारे पास अक्सर आते हैं। इससे मौत का खतरा ज्यादा नहीं होता। ऐसे केस में निमोनिया या उल्टी जैसी परेशानी होती है, क्योंकि ये चीजें सांस की नली में नहीं फंस पाती हैं। 6 साल की बच्ची वाले केस में रैपर मौत की वजह हो सकता है।

वहीं जब हम ऐसी कोई ऐसी चीज खाते हैं जिसका साइज बड़ा हो या जिसके अंदर जाकर फूलने की आशंका हो, तो ऐसी चीजों को खूब चबाकर खाना चाहिए। बिना चबाए खाने से विंडपाइप में स्लिप होकर खाना फंसने की आशंका रहती है। जिससे सांस की नली ब्लॉक हो सकती है और जान तक जा सकती है।

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