एयर पॉल्यूशन से खतरे में बच्चे:बचपन में ही हो सकती हैं अस्थमा और हार्ट से जुड़ी बीमारियां

2 वर्ष पहले
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कोरोना का कहर जारी है। दुनिया में 7.20 करोड़ लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। इनमें से 16.11 लाख की मौत हुई और 5.04 करोड़ लोग ठीक हुए। कोरोना ने फेफड़ों पर सबसे ज्यादा चोट की। इस बीच मावठा, बर्फबारी और कोहरे के साथ ठंड भी जोरों पर है। यह तो हुई ठंड और कोरोना से जुड़ी बातें। अब हम आपको एयर पॉल्यूशन की समस्या के बारे में बता रहे हैं, जो कोरोना और सर्दी में नई चुनौती बनकर सामने आया है।

एयर पॉल्यूशन का सबसे ज्यादा असर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। WHO की रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुनिया में 15 साल से कम उम्र के करीब 93% बच्चे प्रदूषित हवा (Polluted Air) में सांस लेने को मजबूर हैं। 5 साल की उम्र के 10 बच्चों में एक की मौत एयर पॉल्यूशन की वजह से हो रही है।

बच्चों को बड़ों की तुलना में दोगुना खतरा

आउटडोर एक्टिविटी की वजह से बच्चों को हेल्थ का सबसे ज्यादा खतरा है। भोपाल AIIMS में डॉक्टर उमा कुमार के मुताबिक, बच्चों में एयर पॉल्यूशन से होने वाली बीमारियों का रिस्क एडल्ट की तुलना में दोगुना होता है। बच्चों को गर्भ में भी एयर पॉल्यूशन से सुरक्षित रखना जरूरी होता है।

एयर पॉल्यूशन से बचें गर्भवती महिलाएं

एक्सपर्ट्स का कहना है कि प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। उन्हें स्मोकिंग से बचना चाहिए। इससे गर्भ में पल रहे बच्चे पर बुरा असर होता है। मां जो भी खाती है, वो सीधा बच्चे को मिलता है। दूषित हवा में सांस लेने का असर बच्चे पर हो सकता है। इससे प्री-मेच्योर डिलीवरी का खतरा भी रहता है। जन्म के समय बच्चे का वजन कम रह सकता है, जिससे कुपोषण की समस्या हो सकती है।

ज्यादा केयर, ज्यादा सुरक्षा

एयर पॉल्यूशन के दौरान बच्चों की केयर करना जरूरी होता है। उनका ध्यान रखें और उन्हें आउटडोर एक्टिविटी से रोकें। अगर उन्हें बाहर भेज रहें हैं, तो एक बार एयर क्वालिटी चेक जरूर कर लें। यह जरूर ध्यान रखें कि बच्चे ने मास्क लगाया है या नहीं।

लिविंग एरिया में शुद्ध हवा का करें इंतजाम

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लिविंग एरिया में शुद्ध हवा रखने के लिए आपको अपने घर के आसपास सफाई रखना जरूरी है। इसके लिए घर के गार्डन में एयर प्यूरीफाइंग प्लांट्स लगा सकते हैंं। सुबह- शाम घर के दरवाजे और खिड़कियां खोलकर रख सकते हैं। इससे घर शुद्ध हवा से वेंटिलेटेड रहेगा। साथ ही अपनी डाइट में भी थोड़ा बदलाव करें। इससे एयर पॉल्यूशन से होने वाली बीमारियों से बचा जा सकता है।