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देवियों-सज्जनों में लक्षण अलग:कोरोना पॉजिटिव पुरुषों को सांस लेने में परेशानी और थकान ज्यादा होती है तो महिलाओं में सूंघने की क्षमता हो जाती है गायब

एक महीने पहले

दुनिया में कोरोना को फैले डेढ़ साल से ज्यादा हो चुका है, और ये अब तक 42 लाख से ज्यादा लोगों की जान ले चुका है। फिर भी इस महामारी को लेकर नई जानकारियां सामने आ रही हैं। लंदन के मशहूर किंग्स कॉलेज में हुई एक बड़ी स्टडी के मुताबिक महिलाओं और पुरुषों में कोरोना के लक्षण अलग-अलग होते हैं।

पुरुषों को सांस लेने में दिक्कत, थकान, ठंड लगना और बुखार होने की आशंका ज्यादा होती है। वहीं महिलाओं में सूंघने की क्षमता का जाना, सीने में दर्द और लगातार खांसी सबसे आम लक्षण हैं। अब तक बुखार, लगातार खांसी और सूंघने की क्षमता कम होने को ही परंपरागत रूप से कोरोना के तीन प्रमुख लक्षण माना जाता है। हालांकि शुरुआती दिनों में बुखार आना जरूरी लक्षण नहीं है।

पुरुष में कोरोना के टॉप 5 लक्षण

  1. सांस लेने में दिक्कत
  2. थकान
  3. ठंड लगना
  4. बुखार
  5. सूंघने की क्षमता जाना

महिलाओं में कोरोना के टॉप 5 लक्षण

  1. सूंघने की क्षमता का जाना
  2. सीने में दर्द
  3. लगातार खांसी
  4. पेट में दर्द
  5. बुखार

इनके अलावा...

  • 60 साल से ज्यादा उम्र के कोरोना पॉजिटिव लोगों में डायरिया का लक्षण ज्यादा पाया गया।
  • बुजुर्गों में आमतौर पर सूंघने की क्षमता कम होने का लक्षण नहीं पनपा, जबकि यह कोरोना का सबसे खास लक्षण माना जाता है।

अलग-अलग लोगों के समूहों में अलग-अलग लक्षण
रिसर्चर्स का कहना है कि स्टडी से यह भी पता चलता है कि डेल्टा समेत आगे आने वाले वैरिएंट के मामले में भी लोगों के अलग-अलग समूहों में अलग-अलग लक्षण होंगे। ये समूह उम्र, लिंग, वजन, BMI आदि आधार पर हैं। स्टडी के को-ऑथर डॉ. मोडैट का कहना है कि हम यह पहचानने में कामयाब हुए हैं कि एक समूह से दूसरे समूह में कोरोना के लक्षण अलग होते हैं।

कोरोना जांच की पर्सनलाइज्ड गाइडलाइन कर सकते हैं तैयार
डॉ. मोडैट के मुताबिक हम अलग-अलग लोगों को उम्र, लिंग आदि के आधार पर कोरोना की जांच कराने की पर्सनलाइज्ड गाइडलाइन तैयार कर सकते हैं। यानी अगर आप इस उम्र के पुरुष या स्त्री हैं तो आपको कौन से लक्षण सामने आते ही कोरोना की जांच करानी चाहिए।

वैरिएंट के चलते कोरोना जांच की गाइडलाइन अपडेट हो
इस रिसर्च की अगुवाई करने वाले किंग्स कॉलेज लंदन के क्लेयर स्टीव्स का कहना है कि लोगों को यह जानना जरूरी है कि कोरोना के शुरुआती लक्षण काफी व्यापक हैं और परिवार या घर के हर सदस्य के लक्षण अलग हो सकते हैं।

इसे देखते हुए हेल्थ एजेंसीज को कोरोना जांच की गाइडलाइन को अपडेट करना चाहिए। यानी यह तय करना चाहिए कि किसे कौन से लक्षण होने पर कोरोना जांच होनी चाहिए। खासतौर पर बहुत तेजी से फैल रहे कोरोना के नए वैरिएंट्स को देखते हुए यह बदलाव होना चाहिए।

वैक्सीन की सिंगल डोज, दोनों डोज या वैक्सीन लगी ही नहीं, तीन कैटेगरी के लोगों में कोरोना के लक्षण अलग-अलग

1. वैक्सीन की कोई डोज नहीं लगी तो भी सांस लेने में दिक्कत 30वें नंबर का लक्षण बना

वैक्सीन न लगवाने वाले लोगों में भी कोरोना के लक्षण बदल गए हैं। इस कैटेगरी के लोगों में अब सिर दर्द, गले में खराश, बहती नाक, बुखार और लगातार खांसी कोरोना के टॉप 5 लक्षण हैं, लेकिन सूंघने की क्षमता जाना अब 9वें नंबर का और सांस लेने में दिक्कत 30वें नंबर का लक्षण बन चुका है। जबकि सूंघने की क्षमता जाना टॉप 5 और सांस लेने में दिक्कत टॉप 10 लक्षणों में से एक थे।

2. वैक्सीन की एक डोज लगवाने वालों में गले खराश का लक्षण हल्का पड़ा

वैक्सीन की सिंगल डोज के बावजूद लगातार खांसी का लक्षण पांचवें नंबर पर है। बहती नाक और छींक आने जैसे लक्षण जो पहले कोरोना के प्राइमरी लक्षण नहीं माने गए थे, वो भी वैक्सीन की सिंगल डोज के बाद लोगों में नजर आए हैं।

3. दोनों डोज लगवा चुके लोगों में खांसी और बुखार के लक्षण नीचे खिसके

स्टडी के मुताबिक दोनों वैक्सीन लगवा चुके लोगों में सिर दर्द, गले में खराश, छींक आना, नाक बहना, लॉस ऑफ स्मेल टॉप 5 लक्षण हैं। जबकि लगातार खांसी का लक्षण 8वें नंबर, बुखार 12वें और सांस लेने में तकलीफ 29वें नंबर पर है। फुली वैक्सीनेटेड लोगों को अगर लगातार छींक आने लगे तो यह कोरोना हो सकता है। इसलिए वैक्सीनेटेड लोगों को लगातार छींक आने पर कोविड टेस्ट करवा लेना चाहिए।

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