पैदल चलने का सही तरीका:कॉन्क्रीट और डामर रोड पर सही टेक्नीक नहीं अपनाई तो घुटने कमजोर होंगे, डिप्रेशन भी हो सकता है

7 दिन पहलेलेखक: एकता सिन्हा

कन्याकुमारी से शुरू हुई कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा 150 दिनों तक चलेगी। 3,570 किलोमीटर की यह यात्रा 12 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों तक जाएगी। राहुल गांधी के साथ 119 यात्री हर रोज 7 घंटे पैदल चल रहे हैं। इस दौरान वे 20 से 22 किमी की दूरी तय करते हैं। पिछले 8 दिनों में वे 160 किलोमीटर से ज्यादा पैदल चल चुके हैं। पैदल चलने वाली यात्रियों में 32 महिलाएं भी हैं।

पैदल चलने के फायदे के बारे में हम अक्सर सुनते रहते हैं, आज जरूरत की खबर में बात करेंगे कि एक दिन में एक फिट व्यक्ति को कितना पैदल चलना चाहिए, लगातार पैदल चलने से हमारे शरीर खास तौर से पैर को क्या कोई नुकसान हो सकता है...

हमारे एक्सपर्ट हैं- गौरव अहलूवालिया, स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपिस्ट (नेशनल बॉक्सिंग टीम)

सबसे पहले जानते हैं कि पैदल चलने का क्या कोई रूल भी है? जवाब है- हां, वह क्या है, इसे नीचे लिखें क्रिएटिव में पढ़ें

सवाल- एक फिट इंसान को रोज कितने किलोमीटर पैदल चलना चाहिए?
जवाब-
JAMA Internal Medicine में छपे एक आर्टिकल के मुताबिक हेल्दी रहने के लिए रोजाना 4400 कदम जरूर चलना चाहिए और ज्यादा से ज्यादा 7500 कदम चलना चाहिए। गौरव अहलूवालिया, स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपिस्ट कहते हैं– यह बहुत हद तक आपकी लाइफस्टाइल पर डिपेंड करता है। आपकी बॉडी आपको कितना चलने की इजाजत देती है, यह समझना चाहिए। हमेशा अपने शरीर की सुननी चाहिए।

जो लोग पहली बार वॉक करने जा रहे हैं, उन्हें 1000 स्टेप्स से शुरुआत करनी चाहिए। फिर इसे धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए।

सवाल- राहुल गांधी के साथ रोजाना 7 घंटे लगातार लोग चल रहे हैं। हेल्थ के लिहाज से क्या इससे कोई नुकसान हो सकता है?
जवाब-
इस तरह की यात्रा के लिए तीन चीजें जरूरी हैं। 1. हाइड्रेशन 2. एनर्जी और 3. रिकवरी।

बहुत हद तक संभव है कि जो लोग यात्रा में हैं, उन्होंने अपना बेसिक होमवर्क पहले से ही किया होगा और पैदल चलने की प्रैक्टिस की होगी। वे अच्छी डाइट ले रहे होंगे, वॉर्मअप कर रहे होंगे।

अगर किसी ने प्रैक्टिस नहीं की हैं और अपना ख्याल नहीं रख रहा है, तो उसे नुकसान पहुंच सकता है। इससे मसल्स में सूजन और दूसरी प्रॉब्लम्स आएंगीं। इसलिए ब्रेक देकर चलने के साथ रिकवरी का ध्यान रखना जरूरी है। न्यूट्रिशन बेस्ड फूड और अच्छी नींद लेना बहुत जरूरी है।

लगातार पैदल चलने से बॉडी पर ये असर हो सकता है

  • घुटने में दर्द
  • पैरों में दर्द और सूजन
  • टखने यानी एंकल पर ब्लड की मात्रा ऊपर-नीचे होने से वहां की स्किन काली हो जाती है। धीरे-धीरे वह रंग घुटनों तक बढ़ सकता है।

इसलिए अगर आप का चलना या दौड़ना ज्यादा हो, तो आप नियमित रूप से पैरों की एक्सरसाइज करें। हेल्दी फूड्स लें। दर्द महसूस हो, तो तुरंत फिजियोथेरेपिस्ट से कंसल्ट ​​​​​करें।

सवाल- एक आम आदमी को कैसे पता चलेगा कि वो ज्यादा वॉक कर रहा है?
जवाब-
ज्यादा वॉक करने के लक्षण मेंटली और फिजिकली हो सकते हैं। ध्यान रखने वाली बात ये है कि हर व्यक्ति इन सभी लक्षणों का अनुभव नहीं करेगा।

नीचे लिखे लक्षणों में से कोई लक्षण अगर आपमें दिख रहा है, तो ऐसा हो सकता है कि आप बहुत ज्यादा वॉक करते हैं।

ऐसा करना आपके शरीर के लिए गलत है। बॉडी एग्जॉस्ट होगी और उसके बाद आपको वॉक करने का कोई फायदा नहीं मिलेगा।

ज्यादा वॉक करने पर ये लक्षण दिखें, तो हो जाएं अलर्ट

  • डिप्रेशन
  • रेस्टिंग हार्ट रेट बढ़ना (RHR)
  • चिड़चिड़ापन ज्यादा होना
  • भूख न लगना
  • वजन घटना
  • थकान बनी रहना
  • मसल्स और शरीर में दर्द
  • इन्फेक्शन, सर्दी और सिरदर्द होना

नोट- शरीर के आराम करते समय हार्ट प्रति मिनट जितनी बार धड़कता है, उसे रेस्टिंग हार्ट रेट कहते हैं। ये उम्र, लिंग और फिटनेस के हिसाब से बदलता रहता है।

सवाल- वॉक या दूसरे किसी भी तरह के वर्कआउट के पहले क्या खाना चाहिए?
जवाब- हमारे लिए 3 चीज जरूरी है। ये है EHR, इसे याद रखो।

E यानी एनर्जी- रात का खाना सही समय पर खाया है। नींद अच्छी ली है, तो सुबह वॉकआउट के लिए हमें सही एनर्जी मिलेगी। अगर आपने वर्कआउट को शुरू करने से पहले एक केला या सेब खा लिया है, या बेड टी के साथ बिस्किट लेते हैं, तो परफेक्ट है।

H यानी हाइड्रेशन- वॉकिंग के दौरान नॉर्मल पानी या कोकोनट वॉटर यूज कर सकते हैं। इससे बॉडी हाइड्रेड रहेगी।

R यानी रिकवरी- इसका मतलब सिर्फ आराम नहीं है। यह डाइट, न्यूट्रिशन, मसाज, आराम किसी भी रूप में हो सकता है।

स्पोर्ट्स वर्ल्ड इसी थ्योरी के आधार पर वर्क आउट करता है।

सवाल- यात्रियों का कहना है कि सुबह पैदल चलना होता है, इसलिए ब्रेकफास्ट हैवी होता है। क्या हैवी ब्रेकफास्ट के बाद वॉक करना सही है?
जवाब- हैवी ब्रेकफस्ट रखने की सलाह हमेशा दी जाती है। पर ध्यान रहे कि उसमें कार्बोहाइड्रेट ज्यादा नहीं होना चाहिए। हमारे सुबह के खाने में प्रोटीन कम होता है। कार्बोहाइड्रेट इंस्टेंट एनर्जी देकर चला जाता है। इसके बाद हम वीकनेस फील करने लगते हैं। वॉक और वर्कआउट के लिए मसल्स वियर एंड टियर होता है, उसके लिए हमारे ब्रेकफास्ट में प्रोटीन सही मात्रा में होना जरूरी है।

ये लोग क्या खा रहे हैं, इनके डाइट चार्ट में किस चीज की क्या मात्रा है, यह मुझे पता नहीं। इतना जरूर है कि हैवी ब्रेकफास्ट के बाद वर्कआउट या वॉक करने का आइडिया सही नहीं।

यह ठीक ऐसे है कि फ्यूल डाला, पेट भरा और वॉक चालू कर दिया। इससे अच्छा, लाइट न्यूट्रिशन ब्रेकफास्ट करो और उसको ब्रेक में खाओ। हाइड्रेशन और ब्रेक का ध्यान रखो। यह लॉन्ग टाइम एनर्जी देगा।

एकदम से खाकर वर्क आउट करने से हमारी बॉडी का सारा ब्लड आंत यानी इंटेस्टाइन में आ जाता है। खाने को पचाने के लिए डाइजेस्टिव सिस्टम एक्टिव हो जाता है। जिससे एसिड बनने लगता है। वॉक के दौरान अगर आप पानी पीने लगते हैं, तो ये पाचन बिगाड़ देता है। वॉक की वजह से एसिड का भी मूवमेंट होने लगता है। इससे एसिडिटी की प्रॉब्लम होती है।

सवाल- कुछ लोग बहुत स्पीड में वॉक करते हैं, उन्हें लगता है ये हेल्थ के लिए अच्छा है। कैसे पता चलेगा कि हमारे वॉक करने की स्पीड सही है या नहीं?
जवाब-
बहुत ज्यादा स्पीड में वॉक नहीं करना चाहिए। आपकी चलने की स्पीड उतनी ही होनी चाहिए, जितने में आपका मैक्सिमम हार्ट रेट यानी MHR 50-70% रहे। इसके लिए आपके पास हार्ट रेट मॉनिटर होना चाहिए। हालांकि, ये सबके पास नहीं रहता है। इसलिए MHR जानने के लिए आप वॉक टेस्ट कर सकते हैं।

टॉक टेस्ट- उतनी ही स्पीड में वॉक करें, जितने में सांस लेने से पहले आप एक पूरा सेंटेंस बोल पाएं। जैसे- एक बार सांस लिया, फिर दोबारा सांस लेने से पहले बोलें- मैं वॉक कर रहा/रही हूं। अगर आप ऐसा कर पाते हैं, तो आपकी वॉकिंग स्पीड सही है।

किस उम्र में कितना चलना चाहिए?

  • 6 से 17 साल के हैं तो 15,000 कदम
  • लड़कियां दिन में 12,000 कदम भी चल सकती हैं।
  • 18 से 40 साल के पुरुष और महिला 12,000 कदम
  • 40 से ज्यादा उम्र के लोग 11,000 कदम
  • 50 की उम्र के लोगों को प्रतिदिन 10,000 कदम चलना चाहिए
  • 60 साल से ऊपर के लोग रोज दिन में 8,000 कदम चलें

नोट- बुजुर्ग और घुटने की प्रॉब्लम वाले लोग बिना डॉक्टर की सलाह के वॉक न करें

सवाल- जिन लोगों को यात्रा की वजह से घुटनों में दर्द, सूजन या एड़ी में तकलीफ जैसी समस्या होगी, उन्हें ठीक होने में कितना वक्त लग सकता है?
जवाब-
भोपाल के फिजिशियन डॉ. बालकृष्ण के मुताबिक, ऐसे लोग अच्छे से रेस्ट करेंगे, तो इन्हें ठीक होने में ज्यादा से ज्यादा 1 हफ्ते का समय लग सकता है।

सवाल- इस यात्रा में 32 महिलाएं भी हैं। क्या महिलाओं को पुरुषों की तुलना में ज्यादा थकान हो सकती है?
जवाब-
जी हां, हो सकती है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में घुटनों की प्रॉब्लम ज्यादा होती है। पीरियड्स के दौरान उनमें एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी हो जाती है। इसकी वजह से भी घुटनों में दर्द की समस्या बढ़ जाती है।

जिन महिलाओं को मेनोपॉज हो चुका है। उनमें कैल्शियम की कमी हो जाती है। हालांकि इस यात्रा में ज्यादातर महिलाएं 30-40 साल की हैं। इनमें मेनोपॉज नहीं होता है। इसलिए उन्हें बस फिटनेस को लेकर अलर्ट रहने की जरूरत है।

जरूरत की खबर के कुछ और ऐसे ही आर्टिकल हम नीचे पेश कर रहे हैं...

1.पम्मी आंटी का डॉगी जब अटैक करे:दौड़ने की भूल न करें, वरना वह काट लेगा; डरने की जगह उस पर जोर से चिल्लाएं

जब भी पड़ोस की पम्मी आंटी अपने बुल डॉग स्पाइक को लेकर शाम को वॉक पर निकलती, आसपास से गुजरने वाली सारी मांएं अपने-अपने बच्चों को अलर्ट कर देती हैं। कई बार बुल डॉग ने बच्चों पर अटैक करने की कोशिश की है। अगर गलती से किसी ने उसे डांटा-फटकारा, तो पम्मी आंटी नाराज होकर कहती हैं– मेरा बच्चा स्पाइक अभी छोटा है। तुम बच्चे तो समझदार हो। (पूरी खबर पढ़ें)

2. TV के झगड़े में बहू ने सास की उंगली काटी:सास पर अत्याचार न करें, सैलरी-पेंशन छीनने वाली बहू को जाना होगा जेल

घटना महाराष्ट्र के ठाणे जिले की है। 60 साल की वृषाली कुलकर्णी भजन गा रही थीं। उनकी 32 साल की बहू विजया कुलकर्णी टीवी देख रही थी। सास ने बहू को टीवी का वॉल्यूम कम करने को कहा। बहू नहीं मानी, उल्टे वॉल्यूम और तेज कर दी। (पूरी खबर पढ़ें)

खबरें और भी हैं...