बॉडी शेमिंग:किसी को मोटा या बौना मत कहना, तंज से बीेमार ऐसे लोग आपकी जान भी ले सकते हैं; जानिए क्या है ये बीमारी

3 महीने पहलेलेखक: सुनीता सिंह

हाल ही में तमिलनाडु के कल्लाकुरिची जिले में एक हैरान कर देने वाला वाकया हुआ है। 12वीं क्लास के एक छात्र ने बार-बार बॉडी शेमिंग करने वाले अपने ही क्लासमेट को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस के अनुसार मरने वाला छात्र आरोपी छात्र को चिढ़ाया करता था। उसके साथ स्कूल के दूसरे छात्र भी उसके इंट्रोवर्ट बिहेवियर और चेहरे का मजाक उड़ाया करते थे।

इस मामले को देख रही राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. सरन्या जयकुमार ने बताया कि बॉडी शेमिंग वाले लोग स्ट्रेस और डिप्रेशन के शिकार होते हैं। इससे बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर (BDD) होता है। कई बार बॉडी शेमिंग का शिकार होने वाले लोगों में गुस्सा और डिप्रेशन का लेवल काफी हद तक बढ़ जाता है, जिससे ये खतरनाक कदम भी उठा लेते हैं।

आज की जरूरत की खबर में जानते हैं इस डिसऑर्डर और उससे बचने के उपाय के बारे में दिल्ली की इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर की साइकोलॉजिस्ट, डॉ. शानू श्रीवास्तव से ...

सबसे पहले जानते हैं …

बॉडी शेमिंग क्या है?
बॉडी शेमिंग ऐसी प्रैक्टिस है, जिसके जरिए लोग किसी के बॉडी शेप, वेट, कलर या अपीयरेंस पर क्रिटिकल कमेंट करते हैं या फिर उसका मजाक उड़ाते हैं। आजकल ये समस्या बॉलीवुड से लेकर ऑफिस, कॉलेज के बच्चों तक में देखी जा रही है। इसकी वजह से ट्रोल होने वाले लोगों के मेंटल हेल्थ पर काफी गहरा असर होता है।

बॉडी शेमिंग को इस तरह करें हैंडल

  • चिंता करने के बजाय खुद को एक्सेप्ट करना सीखें।
  • खुद की तुलना किसी और से न करें, क्योंकि कोई भी परफेक्ट नहीं होता।
  • अपनी कमियों को पहचान कर उसे दूर करने या उससे डील करने के बारे में सोचें।
  • खुद को बेहतर बनाने के लिए अपनी लाइफ में कुछ क्रिएटिव करें।
  • फिटनेस को लेकर दूसरों द्वारा किए गए कमेंट को नजरअंदाज करें।
  • फिट रहने के लिए हमेशा हेल्दी खाएं और एक्सरसाइज करें।
  • एक्सरसाइज आपको फिजिकली और मेंटली दोनों तरह से फिट रखेगा।

सवाल : बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर ( BDD ) क्या है?
जवाब :
ये एक ऐसी मेंटल हेल्थ कंडीशन है, जिसमें व्यक्ति अपने बॉडी शेप, कलर, वेट, हाइट या अपीयरेंस से जुड़ी कमियों के बारे हमेशा सोचते रहता है। ऐसे लोग ज्यादा सोचने की वजह से स्ट्रेस या डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं। इन्हें खुद को लेकर शर्मिंदगी महसूस होती है। यहां तक की ये लोग दूसरों से मिलने या सोशल गैदरिंग में जाने से भी कतराते हैं। बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर से ग्रस्त लोग बार-बार मिरर देखते हैं और सुंदर लगने के लिए कई घंटे बर्बाद करते हैं। साथ ही …

  • ऐसे लोग खुद में कमी महसूस करते हैं।
  • अपने लुक को लेकर अनकंफर्टेबल रहते हैं।
  • जिससे उनकी हेल्थ और डेली रूटीन दोनों खराब होती है।
  • सब कुछ ट्राई करने के बाद भी ये अपने लुक या पर्सनालिटी से सैटिस्फाइड नहीं होते हैं।
  • ज्यादा डिप्रेशन के कारण ये खुद को या दूसरों को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं।

बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर को ऐसे पहचानें

  • जब कोई सजने-संवरने में काफी समय लेने के बाद भी खुद में कमियां निकाले।
  • ऐसे लोग खुद को बार-बार मिरर में देखते हैं, अपनी स्किन को टच करते हैं और बालों को संवारते हैं।
  • अपने मजाक उड़ाने के डर की वजह से कहीं आना-जाना पसंद नहीं करते हैं।
  • अपनी स्टाइलिंग, मेकअप या कपड़ों से अपनी खामियों को छिपाने की कोशिश करते हैं।
  • दूसरों के साथ अपनी खूबियों या खूबसूरती की हमेशा तुलना करते हैं।
  • दूसरों से अपनी सुंदरता या कपड़ों के बारे में बार-बार पूछते हैं।
  • दोस्त या फैमिली के नेगेटिव कमेंट के बारे में लगातार सोचते हैं।
  • ऐसे लोग खुद को दूसरों के नजरिए से देखते है।

बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर खुद को ऐसे बचाएं

  • खुद से प्यार करें और निगेटिव थॉट से दूर रहें।
  • खुद को दूसरे से कम्पेयर करने से बचें।
  • अपने आप में अच्छाई ढूंढने की कोशिश करें।
  • दोस्तों के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें।
  • कुछ नई स्किल सीखें, पसंद की बुक पढ़ें।
  • जरूरत पड़ने पर साइकोलॉजिस्ट की सलाह लें।
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