जरूरत की खबर:डेंगू-मलेरिया को हल्के में न लें, सही वक्त पर इलाज नहीं किया तो जा सकती है जान; इनसे ऐसे बचें

6 महीने पहलेलेखक: अलिशा सिन्हा

मानसून ने दस्तक दे दी है। कुछ राज्यों में गर्मी से थोड़ी राहत मिली है, लेकिन राहत के साथ-साथ खतरे की घंटी भी बज रही है। खतरा है डेंगू और मलेरिया का। बारिश के मौसम से अक्टूबर तक हर साल डेंगू-मलेरिया का खतरा बना रहता है। दिल्ली में डेंगू के केस बढ़ रहे हैं। MCD ने डेंगू के मामलों को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है, जिसके मुताबिक, 1 जनवरी 2022 से लेकर 28 मई 2022 तक डेंगू के 111 मामले सामने आए हैं। वहीं इस दौरान मलेरिया के 18 मामले सामने आए हैं।

राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश सहित देश के कई हिस्सों में भी डेंगू-मलेरिया के मामले आ रहे हैं। इनमें से कइयों की जान तक इसकी वजह से जा रही है। ऐसे में इन बीमारियों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।

आज जानते हैं कि डेंगू-मलेरिया से जुड़े सवालों के जवाब कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर बालकृष्ण श्रीवास्तव से।

सबसे पहले जानते हैं डेंगू के बारे में-

सवाल: डेंगू कैसे होता है?
जवाब:
मादा एडीस मच्छर के काटने की वजह से डेंगू होता है। यह मच्छर गंदगी में नहीं, बल्कि साफ जगह पर पनपते हैं। जो लोग शहरों में साफ-सुथरी जगहों पर रहते हैं उन्हें डेंगू का खतरा ज्यादा होता है। यह चार प्रकार का होता है, टाइप-1, टाइप-2, टाइप-3 और टाइप-4, बोलचाल की भाषा में इसे हड्डी तोड़ बुखार भी कहते हैं।

सवाल: डेंगू के मच्छर न पनपे, इसके लिए क्या करें?
जवाब:

  • घर के अंदर और बाहर दोनों जगह पानी जमा न होने दें।
  • पालतू जानवरों के और गार्डन में पानी देने वाले बर्तन को साफ रखें।
  • पानी की टंकी को अच्छी तरह से ढंक कर रखें।
  • रूम कूलर और पानी की टंकी में हफ्ते में एक दिन पेट्रोल या मिट्‌टी का तेल डालें।
  • फ्रिज के नीचे रखी हुई पानी की ट्रे को रोजाना खाली करें।

सवाल: डेंगू के लक्षण क्या हैं?
जवाब:
लक्षण इस बात पर निर्भर करता है कि डेंगू का बुखार किस प्रकार का है। ये तीन प्रकार के होते हैं– साधारण डेंगू बुखार, डेंगू हॅमरेजिक बुखार, डेंगू शॉक सिन्ड्रोम। हॅमरेजिक बुखार में नाक, मसूड़े या उल्टी से खून आता है। वहीं, डेंगू शॉक सिन्ड्रोम में मरीज बेचैन रहता है। कई बार होश खो देता है। इसमें ब्लड प्रेशर भी कम होने लगता है।

कॉमन लक्षण ये हैं

  • सिर दर्द
  • मांसपेशियों और हड्डियों में दर्द
  • ठंड लगने के साथ बुखार चढ़ना
  • जी मचलाना
  • उल्टी लगना
  • आंखों के पीछे दर्द
  • स्किन पर लाल चकत्ते होना
  • मुंह का स्वाद खराब लगना

सवाल: डेंगू में प्लेटलेट काउंट का क्या रोल है?
जवाब:
दरअसल, डेंगू तब और अधिक गंभीर हो जाता है, जब बीमार व्यक्ति के ब्लड में प्लेटलेट काउंट काफी कम होने लगता है। प्लेटलेट थक्का बनाने वाली कोशिकाओं को कहते है। ऐसे में यदि आपका प्लेटलेट काउंट का लेवल पहले से ही कम है, तो दूसरों की तुलना में डेंगू से आप जल्दी संक्रमित हो सकते हैं।

अब जानते हैं मलेरिया के बारे में-

सवाल- मलेरिया कैसे होता है?
जवाब-
मादा एनाफिलीज मच्छर जब किसी स्वस्थ्य व्यक्ति को काटती है तो उसे मलेरिया हो जाता है। यह मच्छर गंदे और साफ दोनों तरह के पानी में पनपते हैं। अगर संक्रमित मादा मच्छर अंडे देती हैं तो उनके अंडे भी संक्रमित होते हैं। इसकी वजह से 14 से 21 दिन के अंदर संबंधित व्यक्ति को बुखार आता है।

सवाल: मलेरिया के मच्छर न पनपे, इसके लिए क्या करें?
जवाब:

  • घर के बाहर या आसपास किसी गड्ढे में पानी जमा न होने दें।
  • अगर गड्ढे से पानी निकालना संभव न हो तो उसमें मिट्टी का तेल डाल दें।
  • घर के अंदर पानी वाली टंकी, मटका या बाल्टी को अच्छे से ढंक कर रखें।
  • कूलर का पानी तीन से चार दिन में बदलें और उसे सुखाकर ही दोबारा पानी भरें।
  • पानी में छोटे-छोटे कीड़े (लार्वा) दिखाई दें तो सूखी जगह पर पानी को फैला दें।

सवाल: मलेरिया के लक्षण क्या हैं?
जवाब:

  • गले में खराश
  • सिरदर्द
  • ठंड लगना
  • तेज बुखार
  • बेचैनी होना
  • उल्टी आना
  • पसीना आना
  • थकान
  • मांसपेशियों में दर्द

सवाल: कैसे पता लगेगा कि आपको डेंगू है या मलेरिया?
जवाब:
अगर आपको डेंगू या मलेरिया के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। डॉक्टर आपका ब्लड टेस्ट करके इस बात का पता लगा लेंगे कि आपको डेंगू है या मलेरिया।

डेंगू-मलेरिया और प्रदेश सरकार की तैयारियां

  • उत्तरप्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोविड की तर्ज पर ही डेंगू टेस्ट, ट्रेस और ट्रीटमेंट अभियान शुरू करने जा रहे हैं।
  • मध्यप्रदेश: मलेरिया विभाग के माध्यम से भी डेंगू की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जबलपुर में हर साल 1 से 30 जून तक एंटी मलेरिया डे मनाया जाता है।
  • राजस्थान: सरकार अलर्ट है। 'हर रविवार डेंगू पर वार' का स्लोगन के साथ लोगों को जागरूक कर रही है।
  • छत्तीसगढ़: पिछले साल छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा डेंगू के मामले आए थे। इस बार सरकार पहले से अलर्ट है।