जरूरत की खबर:गर्मी के मौसम में आप को भी होती है झुंझलाहट? जानिए चढ़ता पारा गुस्से में इजाफा क्यों कर देता है

14 दिन पहलेलेखक: अलिशा सिन्हा

गर्मी और गुस्सा…इन दोनों का आपस में गहरा नाता है। जैसे-जैसे टेम्परेचर बढ़ता है वैसे-वैसे आपका गुस्सा भी बढ़ सकता है।

भरोसा नहीं है तो रिसर्च पर नजर डालिए

अमेरिका में एरिजोना रिसर्च सेंटर की एक स्टडी में देखा गया कि हाई टेम्परेचर की वजह से लोग गुस्सा हो जाते हैं और रोड पर ज्यादा हॉर्न बजाने लगते हैं और एक दूसरे से झगड़े करते हैं।

अमेरिका की दूसरी रिसर्च में पाया गया कि टेम्परेचर बढ़ने से हिंसा 4% और सामूहिक हिंसा में 14% तक बढ़ोतरी हुई है। वहीं स्पेन में सड़क दुर्घटनाओं का खतरा 7.7% तक बढ़ गया है।

गर्मी में क्यों आता है ज्यादा गुस्सा?

डॉक्टर स्मिता मिश्रा कहती हैं कि गर्मी में इंसानों के शरीर का स्ट्रेस हॉर्मोन बढ़ने लगता है। स्ट्रेस हॉर्मोन को कॉर्टिसोल भी कहते हैं। ठंड में कॉर्टिसोल का लेवल कम रहता है, लेकिन जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है, वैसे-वैसे कॉर्टिसोल का लेवल भी शरीर में बढ़ने लगता है। इससे शरीर को नुकसान पहुंचता है।

सरल भाषा में समझें– गर्मी का असर मस्‍तिष्‍क पर पड़ता है। द‍िमाग को जब पर्याप्‍त ऑक्‍सीजन और हाइड्रेशन नहीं म‍िलता तो वो र‍िएक्‍ट करता है और नतीजन हमें ड‍िप्रेशन, तनाव, गुस्‍से का अहसास होता है।

आयुर्वेद और पारंपरिक चाइनीज चिकित्सा (Ayurveda and Traditional Chinese Medicine (TMC) के अनुसार, न्यूट्रिशन और खाने की चीजों से आपके मूड पर इफेक्ट पड़ता है। तो चलिए जानते हैं कि कौन से फूड प्रोडक्ट आपके गुस्से को बढ़ा सकते हैं और आपके गुस्से का कारण बन सकते हैं।

कॉफी- वर्कआउट करने और थकान दूर करने के लिए अक्सर लोग कॉफी पीते हैं। कॉफी पीने से आप एनर्जेटिक महसूस करते हैं। इसमें कैफीन होता है। ऐसे में एनर्जी हाई होने की वजह से ये दिमाग को एक ट्रिगर करता है और गुस्से को बढ़ा सकता है। इसलिए ज्यादा कॉफी न पीएं।

टमाटर- आयुर्वेद की मानें तो टमाटर की तासीर गर्म होती है। इस वजह से ये गुस्से का कारण बन सकता है।

मसालेदार खाना- इससे शरीर में गर्मी बढ़ती है। अगर आपके शरीर में पहले से गर्मी है तो मसालेदार और हैवी खाना न खाएं।

गेहूं और मिल्क प्रोडक्ट- गेहूं और मिल्क प्रोडक्ट में कैसीन पाया जाता है, जो गुस्सा बढ़ाता है। इसलिए कम मात्रा में ही गेहूं और डेयरी प्रोडक्ट लें।

गर्मी में सड़क पर झगड़े क्यों ज्यादा होते हैं?

एम्स में मनोचिकित्सा विभाग के प्रोफेसर डॉ राजेश सागर कहते हैं- एक्सट्रीम वेदर इंसान के नेचर पर असर डालता है। ड्राइविंग के दौरान उमस और गर्मी की वजह से चिड़चिड़ाहट पैदा होती है। इसकी वजह से गलती से कोई आपकी कार या बाइक से टकरा जाए या ट्रैफिक में ज्यादा देर तक रुकना पड़े तो इंसान को गुस्सा आने लगता है। कई बार वह अपना आपा खो देता है और रोड पर झगड़े होते हैं।

गुस्सा आने पर क्या-क्या नुकसान हो सकता है?

  • रिश्ते बिगड़ सकते हैं।
  • किसी परेशानी में फंस सकते हैं।
  • प्रोडक्टिव काम नहीं कर सकते हैं।
  • पूरा दिन दिमाग ठीक नहीं रहता है।
  • जरूरी काम करना भूल सकते हैं।
  • खाना खाने का मन नहीं करता है।
  • शरीर में एनर्जी नहीं रहती है।
  • तबीयत खराब हो जाती है।
  • दूसरों से बात करने का मन नहीं करता है।

कभी भी गुस्सा आए तो उसे कैसे कम करें?

  • उल्टी गिनती गिनें, इससे गुस्सा कंट्रोल करने में मदद मिलती है।
  • जगह बदल दें, यानी किसी ऐसी जगह घूमने जाएं, जहां आपको फ्रेश फील हो।
  • सुबह और शाम टहलने की कोशिश करें, अच्छा लगेगा।
  • दिन में कम से कम एक बार मेडिटेशन करें, इससे मन शांत रहता है।
  • धीमी और गहरी सांस लें, ऐसा मेडिटेशन के वक्त भी कर सकते हैं।
  • धीमी आवाज में अपना फेवरेट गाना सुनें, पॉजिटिव फील होगा।
  • रात को अच्छी नींद लें, इससे गुस्सा कम आता है।
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