सर्दी में रहें अलर्ट:इस मौसम में फिजिकल एक्टिविटी कम करने से खून हो जाता है गाढ़ा; यह बनेगा ब्रेन स्ट्रोक की वजह

3 महीने पहले

सबसे पहले ब्रेन स्ट्रोक की स्थिति भारत में क्या है यह देखते हैं…

  • इंडियन स्ट्रोक एसोसिएशन के मुताबिक कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD) के बाद ब्रेन स्ट्रोक देश में मौत का दूसरा सबसे आम कारण है।
  • 18 लाख लोग देश में ब्रेन स्ट्रोक से पीड़ित हैं।
  • वहीं लैंसेट ग्लोबल हेल्थ की 2019 की एक रिपोर्ट बताती हैं कि भारत में होने वाली कुल मौतों में से 7.4 प्रतिशत ब्रेन स्ट्रोक के कारण हुई हैं। 1996-2019 के बीच देश में स्ट्रोक के मामलों में 100 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

आज यानी 29 अक्टूबर को वर्ल्ड ब्रेन स्ट्रोक डे मनाया जाता है। यह दुनियाभर में लाखों लोगों की मृत्यु का कारण बनता जा रहा है। हल्की सर्दी शुरू हो गई है। इस मौसम में ब्रेन स्ट्रोक का खतरा ज्यादा रहता है। इसके अलावा हमारी कई छोटी-छोटी गलतियां है जो इसका कारण बनती हैं। आज जरूरत की खबर में इसी पर बात करेंगे।

डॉ. गौरव गोयल, डायरेक्टर और हेड, न्यूरो इंटरवेंशनल सर्जरी, इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेज, मेदांता हॉस्पिटल, गुरुग्राम से स्ट्रोक से जुड़े सारे सवालों के जवाब जानेंगे।

डॉ. गोयल कहते हैं… हमें समझना होगा कि स्ट्रोक के सभी ट्रीटमेंट आज आसानी से उपलब्ध हैं। बस आम जनता में इसकी अवेयरनेस की कमी है। वे सही मायने में इस बात से अनजान होते हैं कि स्ट्रोक क्या है? इसका इलाज कैसे किया जाता है और इलाज के लिए किस डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए? हम बताना चाहते हैं कि उन्हें एक न्यूरोलॉजिस्ट से कंसल्ट करना चाहिए। जो एक सीटी स्कैन की सलाह देकर सही इलाज कर सकता है।

सवाल 1- स्ट्रोक क्या है?

जवाब- यह एक मेडिकल इमरजेंसी है। जिसमें ब्रेन डैमेज हो जाता है। इसे ब्रेन अटैक भी कहते हैं। ऐसा तब होता है जब ब्रेन में खून सही तरह से नहीं पहुंच पाता। ब्रेन के टिश्यूज में ऑक्सीजन और खून की कमी हो जाती है और स्ट्रोक आता है। यही नहीं, जब ब्रेन में ब्लड वेसल्स फट जाती है तब इसे ब्रेन हैमरेज कहते है। यह स्ट्रोक का एक कारण भी बन सकता है, जिसे हैमरेजिक स्ट्रोक के रूप में जाना जाता है।

सवाल2- कब माने की स्ट्रोक आया है? यानी इसके सिम्टम्स क्या है?

जवाब- इसके सिम्टम्स को FAST कहा जाता है। इसे डिटेल में नीचे डिटेल में समझते हैं…

Fast यानी चेहरा यह स्ट्रोक के बाद एक तरफ झुका हुआ रहेगा।

Arm यानी हाथ एक तरफ का हाथ, हाथ या पैर का सुन्न या कमजोर होना। हिलने-डुलाने संभव नहीं हो पाना।

Speech यानी बोलने में दिक्कत, अस्पष्ट भाषा, शब्द का सिलेक्शन ब्सही नहीं कर पाना, जवाब देने में प्रॉब्लम

Time यानी समय से डॉक्टर के पास कंसल्ट करना, अगर एक भी सिम्टम्स दिखें तो इग्नोर न करते हुए समय से इलाज करवाना।

सवाल 3- ठंढ में स्ट्रोक का खतरा क्यों बढ़ जाता है?

जवाब- सर्दियों में स्ट्रोक अधिक आम इसलिए हो जाता है क्योंकि ठंड के मौसम में ब्लड गाढ़ा हो जाता है। इससे उसके ब्रेन में सही तरह से ब्लड फ्लो नहीं हो पाता। इससे स्ट्रोक होता है। यह भी जान लें कि यूरोप के बाकी हिस्सों की तुलना में भारत और दक्षिण पूर्व एशिया में स्ट्रोक अधिक आम है।

सर्दी में ब्रेन स्ट्रोक का खतरा क्यों ज्यादा रहता है इसकी वजह अब पढ़ लें...

  • सर्दी में ज्यादा देर तक बिस्तर पर पड़े होते हैं। फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है। शरीर में ब्लड प्रेशर हाई होता है और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
  • इस मौसम में भूख अधिक लगती है। एक्सरसाइज की कमी, तापमान में गिरावट के कारण शरीर को सामान्य तापमान पर रखना बहुत ही मुश्किल हो जाता है। इसलिए शरीर अपने तापमान सामान्य रखने के लिए अधिक खाना खाता है। इसी खाने को पचाने के लिए काम करना पड़ता है ताकि शरीर को एनर्जी और गर्मी मिलती रहे। ठंड की वजह से हम ऐसा करने से आलस करते हैं तो ब्रेन् स्ट्रोक का रिस्क बढ़ जाता है।
  • ठंड के मौसम में मीठा, घी और तेल ज्यादा खाते हैं। वजह इससे बढ़ता है और एक्सरसाइज उतनी हम करते नहीं, इस वजह हाई बीपी , शुगर होने की आशंका रहती है। डायबिटीज, मोटापा और ब्लड प्रेशर के मरीजों में ब्रेन स्ट्रोक का खतरा काफी ज्यादा रहता है।
  • कुछ ऐसे लोग भी हैं जो ठंड के मौसम में शरीर को गर्मी देने के लिए ड्रिंक और स्मोक करते हैं। ये स्ट्रोक के खतरे को बढ़ाता है।
  • कम पानी पीना भी ब्रेन स्ट्रोक का कारण हो सकता है। सर्दियों में ज्यादातर लोग ऐसा करते हैं। जिसकी वजह से डिहाइड्रेशन की शिकायत होने लगती है। शरीर का तापमान बनाए रखने के लिए शरीर में उचित मात्रा में पानी की जरूरत होती है। कम पानी पीने से खून गाढ़ा होने की आशंका रहती है।

सवाल 4- यह बात सही है कि पुरुषों को स्ट्रोक ज्यादा आते हैं महिलाओं की तुलना में?

जवाब- कुछ लोगों की फैमिली मेडिकल हिस्ट्री में स्ट्रोक अगर वंशानुगत चला आ रहा हो तो इससे परिवार के अन्य लोगों में भी इसका खतरा बढ़ता है। आनुवंशिक प्रवृत्ति के कारण ही पुरुषों में स्ट्रोक महिलाओं की तुलना में होना ज्यादा आम है। विशेष रूप से साउथ ईस्ट एशिया के पुरुषों में ऐसा देखा गया है। 40-60 वर्ष की उम्र के पुरुषों में भी महिलाओं की तुलना में ब्रेन स्ट्रोक का रिस्क ज्यादा रहता है।

यह भी जाने लें और दूसरों को भी बताएं कि

गलत तरीके से गर्दन की मालिश और डांस करने से भी ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है

मेदांता हॉस्पिटल में स्ट्रोक के ऐसे पेशेंट भी आते हैं जिन्होंने गर्दन की मालिश की थी। इसकी वजह यह है कि गर्दन की मालिश हमेशा हल्के हाथों से करनी चाहिए। जैसे ही आप तेज मालिश करेंगे वहां इरिटेशन और जलन होगी इससे आर्टरी डैमेज हो सकती है। यही स्ट्रोक का कारण बनेगा। इसलिए गर्दन की मालिश कोमल हाथों से करनी चाहिए।

इसी तरह डांस करते समय सिर को ज्यादा झटका देने से भी स्ट्रोक हो सकता है। इसलिए अपने सिर पर बहुत अधिक दबाव डालने से बचें। डेली के काम में भी सावधानी रखें।

सवाल 5- स्ट्रोक का इलाज क्या है?

जवाब- अगर किसी व्यक्ति को दौरा पड़ता है, तो उसे जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचना चाहिए। खुद इलाज करने न लग जाएं क्योंकि इस सिचयूएशन में हर मिनट आर्टरी ब्लॉक हो रही होती है। ऐसे में लगभग 20 लाख प्रति मिनट की दर से ब्रेन आर्टरी को खो देते हैं। यदि कोई मरीज पहले साढ़े चार घंटे के अंदर अस्पताल पहुंच जाता है। तो उसे ब्लड क्लॉट रोकने की दवाईयां दी जाती है। यह दवाई लगभग एक तिहाई मामलों में काम कर जाती है। यदि रोगी स्ट्रोक के 24 घंटों के भीतर आता है, तब भी उसका इलाज संभव है।

स्ट्रोक के रिस्क को कम करना मुश्किल टास्क नहीं, जानते हैं कुछ टिप्स और ट्रिक्स हेल्दी ब्रेन के लिए

  • डायबिटीज और हाई बीपी वाले पेशेंट हर दिन अपने कोलेस्ट्रॉल की जांच करें और दवा समय पर लें।
  • साल में एक बार हेल्थ चेकअप जरूर करवाएं, जिसमें ब्रेन रिलेटेड टेस्ट जैसे MRI, एंजियोग्राफी भी हो।
  • हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करें और डाइट और एक्सरसाइज का खास ध्यान रखें।
  • स्ट्रेस मैनेजमेंट सीखें।
  • स्मोकिंग और ड्रिंकिंग से बचें।
  • मोटाप कंट्रोल करें।

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