चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में बाथरूम में बना था MMS:​​​​​​​यूट्यूबर भी बिना सहमति के नहीं कर सकते रिकॉर्डिंग, जेल के साथ भरना होगा लाखों जुर्माना

3 महीने पहलेलेखक: अलिशा सिन्हा

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी VIDEO लीक केस में आरोपी लड़की के खिलाफ IT एक्ट और दूसरों की प्राइवेसी भंग करने का आरोप लगा। फिलहाल उस लड़की और दो लड़कों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब आगे की जांच की जा रही है।

ये तो हुई इस केस की बात, लेकिन उन तमाम वीडियो का क्या, जहां हमें पता भी नहीं चलता कि हमारी एक्टिविटी कैमरे में कैद हो रही है। कई बार मॉल या पब्लिक प्लेस पर लोग बिना इजाजत के वीडियो बना लेते हैं। आज जरूरत की खबर में प्राइवेसी से जुड़े ऐसे ही कुछ सवालों का जवाब तलाशेंगे। तो चलिए शुरू करते हैं...

आज के हमारे एक्सपर्ट हैं- रिटायर्ड जज किशन दत्त कलास्कर, सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट विराग गुप्ता और लॉ लेक्चरर एडवोकेट पंकज वाधवानी।

सबसे पहले इन 4 पॉइंट को समझ लीजिए

  • राइट टु प्राइवेसी- आपकी रोजमर्रा की जिंदगी में किसी दूसरे का दखल न देना ही राइट टु प्राइवेसी है। यह हर व्यक्ति का संवैधानिक अधिकार है। आपकी या हमारी जिंदगी में कुछ प्राइवेसी यानी निजी पल और चीजें हैं, उसमें कोई और दखल नहीं दे सकता।
  • डिग्निटी- हम किसी अनजान व्यक्ति का वीडियो या फोटो लेकर वायरल कर दें, तो ये कानून की नजर में अपराध होगा। ऐसा करने से उस व्यक्ति की डिग्निटी यानी सम्मान को ठेस पहुंचेगी। भारत के हर नागरिक को सम्मान के साथ जीने का अधिकार है।
  • सोशल हार्म- किसी व्यक्ति का वीडियो या फोटो वायरल करने पर उसका मान-सम्मान गिरता है, तो यह भी अपराध है।
  • एम्बैरेसमेंट- किसी को वीडियो या फोटो के जरिए मानसिक या किसी भी तरीके से एम्बैरेस करना यानी शर्मिंदा करना गलत है।

खबर में आगे बढ़ने से पहले हम इस पोल में आपकी राय जानना चाहते हैं

चलिए अब कुछ सिचुएशंस पर चर्चा करते हैं, और अपनी निजता से जुड़ी जानकारी पता करते हैं।

सिचुएशन- 1

मॉल, रोड और दूसरे पब्लिक प्लेस पर कोई यूट्यूबर आपका वीडियो बिना पूछे बना ले, तो क्या आप उसकी शिकायत कर सकते हैं?
जवाब- जी बिल्कुल, अगर किसी यूट्यूबर ने आपको बताए बगैर आपकी व्यक्तिगत जानकारी पोस्ट की है या आपका वीडियो अपलोड किया है (निजी या संवेदनशील परिस्थितियों वाला), तो आप उसे हटाने के लिए कह सकते हैं।

अगर आप यूट्यूबर तक पहुंच नहीं पा रहे, या फिर उसने वीडियो हटाने से मना कर दिया है, तब आप यूट्यूब चैनल से इसकी शिकायत कर सकते हैं। इस केस में कानून की मदद भी ली जा सकती है।

शिकायत कहां करना है, इसके लिए नीचे लिखे क्रिएटिव को पढ़ें…

अगर कोई आपका वीडियो या फोटो वायरल कर दे, तो इन 5 स्टेप्स को फॉलो करें

  • अक्सर लोग डर जाते हैं और आत्महत्या की कोशिश करते हैं, ऐसा न करें
  • परिवार को पूरी बात बताएं, वो गुस्सा करेंगे, लेकिन वही मदद भी करेंगे
  • वायरल वीडियो या फोटो का स्क्रीनशॉट जरूर लें या उसे सेव कर लें
  • किसी सोशल मीडिया साइट पर आपको टैग किया गया है, तो खुद को अनटैग करें
  • पर्टिकुलर वेबसाइट पर जाकर वीडियो या फोटो डिलीट करने के लिए कम्प्लेन करें

सिचुएशन- 2

सोशल मीडिया पर कोई इंफ्लुएंसर प्रैंक वीडियो आपके साथ अचानक बनाए, तो आप क्या कर सकते हैं?
जवाब-
जब आपको पता लगे कि आपसे छिपकर या बगैर सहमति के आपका वीडियो रिकॉर्ड किया गया है, तो आप सीधे FIR दर्ज करवाएं।

यह भी याद रखें कि जिस प्लेटफॉर्म पर आपका वीडियो वायरल हो रहा है, उससे वीडियो या तस्वीर हटाने की अपील की जा सकती है। हर सोशल मीडिया कंपनी का एक ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम होता है, जहां वीडियो हटाने की अपील की जा सकती है।

नए IT रूल 2021 के अनुसार फेसबुक, वॉट्सऐप, ट्विटर सहित सभी सोशल साइट्स को भारत में अपने शिकायत अधिकारी की नियुक्ति करना अनिवार्य है। 24 घंटे के अंदर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के शिकायत अधिकारी को कम्प्लेन स्वीकार करना होता है। साथ ही 15 दिनों के अंदर केस का निपटारा करना होता है।

सिचुएशन- 3

अगर मैंने मॉल में किसी को अपना वीडियो बनाते देख लिया और दबाव बनाकर उससे वीडियो डिलीट करवा दिया। क्या उसके पास मेरा वीडियो दोबारा आ सकता है?

जवाब- हां, आ सकता है। आजकल मोबाइल फोन काफी अपग्रेड हो चुके हैं। कोई भी वीडियो या फोटो गैलरी से डिलीट करने के बाद भी रिसाइकल या रिस्टोर के ऑप्शन में सेव रहते हैं, उन्हें वहां से रिकवर किया जा सकता है। इसलिए वीडियो डिलीट करवाकर आप निश्चिंत न हों। शिकायत जरूर करें।

सिचुएशन- 4

कुछ लोग ऑफिस में बिना पूछे ऑडियो-वीडियो बनाने लगते हैं और मुस्कुराकर कहते भी हैं कि हमने सब रिकॉर्ड कर लिया। ऐसे लोग अगर कुछ वायरल कर दें, तब क्या उनके खिलाफ एक्शन ले सकते हैं?
जवाब-
बिल्कुल, ऐसी सिचुएशन में आपकी सहमति के बगैर आपका वीडियो या ऑडियो न रिकॉर्ड किया जा सकता है, न ही वायरल किया जा सकता है, क्योंकि ये राइट टु प्राइवेसी, डिग्निटी, सोशल हार्म यानी मानहानि और एम्बैरेसमेंट जैसी चीजों का उल्लंघन हो सकता है।

सिचुएशन– 5

अगर कोई बाथरूम या बेडरूम जैसे प्राइवेट प्लेस पर वीडियो बनाए, क्राइम की नीयत से, जैसा चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में हुआ, ऐसे में शिकायत करने का क्या ऑप्शन है?
सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट, विराग गुप्ता के अनुसार
आईपीसी की धारा 354C और आईटी एक्ट 66Eई के तहत इस मामले में FIR दर्ज करवा सकते हैं।

आईटी ऐक्ट 66E - अपराधी को 3 साल तक की जेल और 2 लाख तक का फाइन भरना पड़ सकता है।

सिचुएशन- 6

क्या सरकारी ऑफिस में कोई भी कर्मचारी किसी का वीडियो रिकॉर्ड कर सकता है, ये कानूनी सही है?
एडवोकेट और रिटायर्ड जज, किशन दत्त कलास्कर-
नहीं, किसी भी कर्मचारी को उसके अधिकारी, स्टाफ या दूसरे लोगों के साथ होने वाली सामान्य बातचीत के बारे में ऑडियो या वीडियो बनाने का कोई अधिकार नहीं है।

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