पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

लॉकडाउन के साइड इफेक्ट:ऑनलाइन एग्जाम के चलते बच्चों में बढ़ी चीटिंग की आदत, 4 तरीकों से पैरेंट्स-टीचर इसे रोक सकते हैं

7 दिन पहले

क्वामे एंथोनी अपिआह. कोरोना ने सेहत के साथ आदतों को भी बिगाड़ने का काम किया है। खासकर बच्चों की। इसकी वजह स्कूल नहीं जाना है। बच्चे तकरीबन 9 महीने से ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं, टेस्ट एग्जाम भी ऑनलाइन ही दे रहे हैं। ऐसे में बच्चों में चीटिंग की आदत पैदा हो गई है। इसके रोकने के लिए किसी के पास कोई उपाय नहीं है।

ऐसा ही एक मामला अमेरिका के न्यूयॉर्क में देखने को मिला है। यहां फिलॉसफी के प्रोफेसर के. एंथनी का कहना है कि उनके एक छात्र ने जूम पर हुए एग्जाम में बहुत खराब परफॉर्म किया। वजह- वह ऑनलाइन चीटिंग में दोस्तों की मदद कर रहा था और खुद नहीं लिख रहा था। यह नया कल्चर और इसकी वजह से बच्चों की आदतों में आ रहे बदलाव बहुत ही खतरनाक हैं। हमें ऑनलाइन चीटिंग को रोकने के लिए कारगर कदम उठाने पड़ेंगे।

ऑनलाइन-चीटिंग की आदत को कैसे रोकें पैरेंट्स और टीचर?

  • हमें सबसे पहले बच्चों के अंदर लालच की भावना को खत्म करना पड़ेगा। यह भावना बच्चों में नकल समेत कई गलत कामों को बढ़ावा देती है। ऑनलाइन परीक्षा के पैटर्न को बदलना पड़ेगा। जिससे नकल की गुंजाइश को खत्म किया जा सके।
  • इसके लिए टीचर अचानक टेस्ट लेने वाले पुराने तरीके भी अपना सकते हैं। इससे बच्चे चीटिंग को लेकर न तैयार रहेंगे और न ही चीटिंग की प्लानिंग कर पाएंगे। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, खुद पर विश्वास न होना भी नकल की ओर ले जाता है। ऐसे में टीचर और पैरेंट्स की जिम्मेदारी बच्चों में विश्वास पैदा करने की है।
  • हालांकि, सरप्राइज टेस्ट का तरीका क्वांटिटेटिव सब्जेक्ट के छात्रों पर लागू नहीं हो सकता। हायर क्लासेज में तो बिल्कुल भी नहीं, क्योंकि अब कई तरह की ऑनलाइन क्लासेज चलने लगी हैं। बच्चे किसी भी सवाल का जवाब आसानी से इंटरनेट पर देख सकते हैं। इसके लिए हमें बच्चों के अंदर नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने की जरूरत है।

बच्चों के लिए दो जरूरी बातें-

1. नकल करना बौद्धिक आलसपन है

हमें छात्रों को समझाना होगा कि चीटिंग करना गलत है और इसके कई नुकसान हैं। यह एक तरह का बौद्धिक आलस यानी इंटलेक्चुअल लेजीनेस है, जो हमें चीटिंग करने के लिए उकसाता है। चीटिंग करने वाले और कराने वालों को लेकर हमें उदार नहीं होना चाहिए।

पढ़ाई के प्रति बच्चों को जिम्मेदार बनाना होगा। उन्हें यह बताना होगा कि अपने काम को गलत तरह से करना पैरेंट्स और टीचरों के साथ एक धोखा है।

बच्चों को बताना होगा कि चीटिंग करने से उनका और उनके क्लासमेट का ही नुकसान है। अगर स्टूडेंट की परफॉरमेंस क्लास में अच्छी नहीं है और टेस्ट में नंबर अच्छे आ रहे हैं तो टीचर तुरंत स्टूडेंट की चोरी पकड़ लेगा। परीक्षा का असल मतलब होता है कि आप कैसा परफॉर्म कर रहे हैं। आपकी पढ़ाई का स्तर क्या है।

2. बच्चों के नैतिक मूल्यों को बढ़ाएं

एथिक्स में तीन चीजों पर काम किया जाता है। पहला वर्च्यू एथिक्स, इसका मतलब आपका कैरेक्टर यानी चरित्र कैसा है। डॉन्टोलॉजी, यानी आप या आपका बच्चा कितना जिम्मेदार है। एक और चीज होती है परिणाम-वाद (Consequentialism), इसका मतलब आपके एक्शन रिजल्ट पर निर्भर होते हैं।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- कुछ महत्वपूर्ण नए संपर्क स्थापित होंगे जो कि बहुत ही लाभदायक रहेंगे। अपने भविष्य संबंधी योजनाओं को मूर्तरूप देने का उचित समय है। कोई शुभ कार्य भी संपन्न होगा। इस समय आपको अपनी काबिलियत प्रदर्...

और पढ़ें