जरूरत की खबर:गर्ल्स हॉस्टल के बाथरूम में था हिडन कैमरा, जानिए होटल के कमरे से चेंजिंग रूम तक कैमरा पता करने का तरीका

4 महीने पहलेलेखक: अलिशा सिन्हा

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक गर्ल्स हॉस्टल के बाथरूम में स्पाई कैमरा मिला। इसके बाद पुलिस ने हॉस्टल के मालिक को गिरफ्तार कर लिया और इस मामले की जांच कर रही है।

पूरा मामला समझिए

  • प्रयागराज के एक डॉक्टर के बेटे आशीष खरे ने अपने घर में ही गर्ल्स हॉस्टल बना रखा था।
  • वहां की एक छात्रा जब नहाने के लिए बाथरूम में गई तो शॉवर से पानी कम आ रहा था।
  • छात्रा को लगा की शॉवर में कुछ फंसा है। उसने उसे 2-3 बार हिलाया तो कैमरा नीचे गिर गया।
  • पुलिस ने मकान मालिक से कंप्यूटर, 9 हार्ड डिस्क, डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर समेत कई सारी चीजें बरामद की हैं।

ऐसा मामले सिर्फ गर्ल्स हॉस्टल में नहीं, बल्कि होटल के कमरे से लेकर दुकान के चेंजिंग रूम तक से सामने आते रहे हैं। इसलिए आज जरूरत की खबर में हम आपको बताएंगे कि आप किसी भी अनजान जगह पर हिडन कैमरे की तलाश कैसे कर सकते हैं?

सवाल- क्या होता है हिडन कैमरा?
जवाब-
हॉस्टल, होटल, बाथरूम या चेंजिंग रूम जैसी किसी भी जगह पर जब कोई कैमरा छिपाकर लगाया जाता है तो उसे हिडन कैमरा कहते हैं। इसके जरिए कई बार दूसरों को ब्लैकमेल भी किया जाता है।

सवाल- ज्यादातर किन जगहों पर लगा होता है हिडन कैमरा?
जवाब-
ऐसी जगह, जहां पर लोगों की नजर न जाए। जैसे-

  • एयर फिल्टर इक्विपमेंट
  • बुक्स के किनारे
  • दीवार पर सजी किसी चीज के अंदर या बाहर
  • घर के अंदर लगे प्लान्ट्स
  • स्मोक डिटेक्टर
  • टिशू बॉक्स
  • किसी खिलौने
  • डिजिटल टीवी बॉक्स
  • हेयर ड्रायर
  • दीवार घड़ी
  • पेन
  • किसी कपड़े में

सवाल- किसी होटल या हॉस्टल में रूकने से पहले क्या सावधानियां रखनी चाहिए?
जवाब-

  • उस होटल या हॉस्टल के बारे में आस-पास के लोगों से थोड़ी-बहुत जानकारी ले लें।
  • किसी अच्छी जगह पर ही कमरा लें। जगह ठीक न हो तो कोई दूसरा ऑप्शन देखें।
  • फर्जी वेबसाइट से कमरा बुक न करें। हॉस्टल की जानकारी वहां की लड़कियों से लें।
  • होटल या हॉस्टल की पेमेंट की रसीद जरूर लें, ताकि कोई दिक्कत होने पर पैसे वापस हो सकें।

सवाल- होटल, हॉस्टल या चेंजिंग रूम जैसी जगहों पर हिडन कैमरा मिल जाए तो आम आदमी के क्या अधिकार हैं?
जवाब-
एडवोकेट अविनाश गोयल के अनुसार, जब किसी भी आम आदमी को ऐसी जगह पर हिडन या Spy कैमरा मिल जाए तो वह तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज करा सकता है। IPC की धारा 354 के तहत आरोपी पर कार्रवाई की जाएगी।

चलते-चलते जानते हैं…
हिडन कैमरों में अक्सर इंफ्रारेड (IR) ब्लास्टर्स लगे होते हैं, जो उन्हें अंधेरे में भी रिकॉर्डिंग करने में मदद करते हैं। कोई भी इंसान अपनी आंखों से IR लाइट्स का पता नहीं लगा सकता है। यही वजह है कि इन कैमरों को अंधेरे में नग्न आंखों से देखना असंभव है। हालांकि, मोबाइल कैमरे इन्फ्रारेड स्पेक्ट्रम से इन लाइट्स का पता लगाया जा सकता है।