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तंबाकू को न कहने का दिन:सिगरेट या हुक्का पीते हैं क्या? अगर हां, तो कोरोना होने का ज्यादा जोखिम; बीमार हुए तो वेंटिलेटर पर जाने और मौत की आशंका भी अधिक

2 महीने पहले

आज तंबाकू निषेध दिवस यानी वर्ल्ड नो टोबैको डे है। कोरोना के दौर में इस दिन का महत्व और बढ़ गया है। वजह एकदम साफ है, तंबाकू ने कोरोना को ज्यादा घातक बना दिया है। WHO का कहना है कि तंबाकू का धुआं सांस की नली और फेफड़ों में कोरोना वायरस के रिसेप्टर्स की तादाद को बढ़ा देता है। ऐसे में धूम्रपान करने वालों को कोरोना की होने की आशंका काफी बढ़ जाती है। इसी तरह किसी भी तरह का धूम्रपान करने वाले लोगों को अगर कोरोना होता है तो उन्हें वैंटिलेटर पर लेने या उनकी मौत की आशंका 80% ज्यादा होती है। बेंगलुरु के एस्टर सीएमआई अस्पताल में मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट यानी कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. आदित्य मुरली बताते हैं कि हाल में हुई स्टडीज से पता चलता है कि धूम्रपान न करने वालों की तुलना में धूम्रपान करने वालों में कोरोना के साथ गंभीर बीमारी होने की आशंका काफी ज्यादा होती है। कोरोना वायरस खास तौर पर फेफड़ों पर हमला करता है और धूम्रपान फेफड़ों को कमजोर करता है।

तो आइए जानते हैं कि आज का दिन तंबाकू छोड़ने के लिए क्यों सबसे बेहतर है...

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