मूंछ वाली महिला की हुई 6 सर्जरी:लापरवाही की, तो आपकी भी उग सकती हैं मूंछें, वजन कंट्रोल करें नहीं तो पछताएंगी

6 दिन पहलेलेखक: अलिशा सिन्हा

केरल के कन्नूर की रहने वाली 35 साल की शायजा मर्दों की तरह मूंछें रखती हैं। लोग उनका खूब मजाक उड़ाते हैं, लेकिन वो अपनी मूंछे नहीं कटवाती हैं।

शायजा मूंछे क्यों नहीं कटवाती हैं?
एक इंटरव्यू में शायजा ने कहा था कि उनकी अब तक कुल 6 सर्जरी हो चुकी हैं। कभी ब्रेस्ट में गांठ हटाने की सर्जरी, तो कभी अंडाशय (ओवरी) से अल्सर हटाने की सर्जरी।

इतनी सारी सर्जरी के बाद उनमें कॉन्फिडेंस आया और उन्होंने सोचा कि मुझे ऐसी लाइफ जीना चाहिए, जिससे मुझे खुशी मिले। दूसरों को मैं अच्छी दिखूं इसलिए नहीं जीना। शायजा ने बताया था कि उन्हें मूंछ रखना पसंद है, इसलिए वो इन्हें नहीं कटवाएंगी।

शायजा कहती हैं कि मुझे नहीं लगता कि मूंछें होने से मेरी सुंदरता पर कोई फर्क पड़ता है।
शायजा कहती हैं कि मुझे नहीं लगता कि मूंछें होने से मेरी सुंदरता पर कोई फर्क पड़ता है।

शायजा की तरह कई महिलाओं के होठों के ऊपर, चेहरे पर और गर्दन पर ज्यादा बाल आते हैं। कुछ को मूंछें ही आती हैं। चलिए जरूरत की खबर में जानते हैं ऐसा क्यों होता है?

सवाल- महिलाओं के होठों के ऊपर, ठुड्डी, चेस्ट, पेट के निचले हिस्से पर ज्यादा बाल या मोटे बाल आने की परेशानी को क्या कहते हैं?
जवाब-
अमेरिका की क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक कई बार ऐसा होता है कि पुरुषों के शरीर के जिन हिस्सों में मोटे बाल होते हैं, महिलाओं के भी उन्हीं हिस्सों में बाल मोटे हो जाते हैं। मेडिकल लैंग्वेज में इस कंडीशन को हिर्सुटिज्म (Hirsutism) कहते हैं। ऐसा हार्मोनल इम्बैलेंस की वजह से होता है।

सवाल- हिर्सुटिज्म में महिलाओं के शरीर का कौन सा हार्मोन बढ़ता है?
जवाब-
Obstetrics & Gynaecologist डॉ. अर्चना निरुला कहती हैं कि जिन महिलाओं को हिर्सुटिज्म की परेशानी होती है, उनमें से करीब आधी महिलाओं में एंड्रोजन नाम का हार्मोन बढ़ता है। एंड्रोजन हार्मोन का स्तर बढ़ने पर शरीर में धीरे-धीरे दूसरे लक्षण भी विकसित हो सकते हैं। इस प्रोसेस को विरलाइजेशन (virilization) कहा जाता है।

सवाल- हिर्सुटिज्म न हो या इससे बचने के क्या उपाय हैं?
जवाब-
वैसे तो हिर्सुटिज्म को रोका नहीं जा सकता है, लेकिन अगर आप ओवरवेट हैं, तो वजन कम करके हिर्सुटिज्म को कंट्रोल जरूर कर सकती हैं। अगर महिलाएं पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम यानी जवान होने वाले समय में हैं, तो वजन कंट्रोल करने पर आपको इससे बचने में मदद मिल सकती है।

सवाल- एंड्रोजन हार्मोन के अलावा हिर्सुटिज्म होने के दूसरे कारण क्या हैं?
जवाब-
कई कारण हैं, इसके बारे में अच्छे से जानते हैं-

टेस्टोस्टेरोन- यह सेक्स हार्मोन है, जो पुरुषों में पाया जाता है। जब महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का लेवल बढ़ता है, तो अनचाही जगहों पर बहुत तेजी से बाल बढ़ते हैं।

जेनेटिक- कुछ महिलाओं को ये समस्या जेनेटिक यानी परिवार से ही मिलती है।

इंसुलिन - हिर्सुटिज्म की परेशानी होने का एक कारण इंसुलिन का बढ़ना भी है। इसका बढ़ा हुआ लेवल ओवेरियन सेल्स को स्टिम्युलेट करके एंड्रोजन हार्मोन बनाता है। यह उन महिलाओं में होने की संभावना ज्यादा होती है, जिनमें टाइप 2 डायबिटीज की समस्या होती है

दवाइयां- कुछ दवाइयां ऐसी होती हैं, जो महिलाओं के शरीर में हार्मोन के लेवल को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसा एनाबॉलिक स्टेरॉयड नाम के हार्मोन वाली दवा और मिनोक्सिडिल (रोगाइन) नाम की दवा के कारण भी हो सकता है।

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS)- ये वो सिचुएशन है, जब महिलाएं जवान हो रही होती हैं, इसमें महिलाओं के सेक्स हार्मोन का बैलेंस बिगड़ जाता है।

कुशिंग सिंड्रोम- यह तब होता है, जब किसी व्यक्ति के शरीर में कोर्टिसोल (एक प्रकार का हार्मोन) का लेवल बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।

ट्यूमर- अंडाशय या एड्रेनल ग्रंथियों में ट्यूमर भी कई बार हिर्सुटिज्म का कारण बन सकता है।

सवाल- डॉक्टर के पास जाने की जरूरत कब हो सकती है?
जवाब-
कोकिलाबेन धीरुभाई अंबानी हॉस्पिटल की कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. रेशमा. टी. विश्नानी कहती हैं कि अचानक बढ़े हेयर ग्रोथ के कारण का पता डॉक्टर से मिलकर ही लगाया जा सकता है, इसलिए इस सिचुएशन में बिना देर किए एक्सपर्ट से मिलें। महिला की हेल्थ कंडीशन देख-समझकर डॉक्टर मेडिकेशन शुरू करते हैं। इससे छुटकारा पाने के लिए डॉक्टर की सुझाव पर लेजर ट्रीटमेंट भी लिया जा सकता है।

लेजर ट्रीटमेंट में कितनी सिटिंग लेने की जरूरत है, यह हेयर ग्रोथ पर डिपेंड करता है। यह ट्रीटमेंट बालों की ग्रोथ जड़ से खत्म करता है। फिर भी अगर आगे चलकर हार्मोनल इम्बैलेंस होता है, तो हेयर ग्रोथ की समस्या फिर से शुरू होने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में आपको किसी ऐसे डॉक्टर को दिखाना चाहिए, जो हार्मोन रिलेटेड बीमारियों (एंडोक्रिनोलॉजिस्ट) या स्किन प्रॉब्लम (त्वचा विशेषज्ञ) में माहिर हो।