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वैक्सीन की उलटी गिनती:11 वैक्सीन अंतिम फेज के ट्रायल्स में, दो के शुरुआती रिजल्ट भी आ गए; जल्द ही मिलेगी वैक्सीन

नई दिल्ली12 दिन पहले
  • 6 स्टेज से गुजरकर हम तक पहुंचती है वैक्सीन, स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सिन तीसरे स्टेज में
  • भारत में चल रहे तीन वैक्सीन के ट्रायल्स में से दो के नतीजे जनवरी 2021 तक आ सकते हैं

कोरोना की वैक्सीन कब तक आएगी? यह ऐसा सवाल है जो 2020 में अमूमन हर किसी की जुबान पर है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की मानें तो दुनियाभर में भारत समेत 212 जगहों पर वैक्सीन तैयार की जा रही है। इन 212 में 164 वैक्सीन अभी प्री-क्लीनिकल स्टेज में है। अच्छी बात यह है कि 11 वैक्सीन अंतिम फेज के ट्रायल्स में हैं। इनमें फाइजर-बायोएनटेक और अमेरिका की फार्मास्यूटिकल कंपनी मॉडर्ना ने अपने कोविड- 19 वैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल के नतीजे जारी किए हैं। मॉडर्ना वैक्सीन को 94.5% और फाइजर-बायोएनटैक को 95% प्रतिशत प्रभावी पाया है। जल्द ही यह कंपनियां अप्रूवल के लिए आवेदन करने वाली है, जिससे इसी साल के अंत तक इनका प्रोडक्शन शुरू होगा और जल्द से जल्द हम तक पहुंचने की प्रक्रिया शुरू होगी।

6 वैक्सीन जिन्हें इमरजेंसी इस्तेमाल की अनुमति मिल गई है

6 वैक्सीन को लिमिटेड यूज की अनुमति मिल गई है। इनमें 4 वैक्सीन चीन और 2 रूस के हैं। इनमें CanSino Biologics की वैक्सीन को चीन में उपयोग करने की अनुमति मिली है। रूसी वैक्सीन Sputnik V को अंतिम फेज के ट्रायल्स से पहले ही रूस में लगाना शुरू कर दिया है। रूस ने इसी तरह BEKTOP के वैक्सीन को भी फेज-2 ट्रायल्स के बाद ही इमरजेंसी यूज के लिए अनुमति दे दी। वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल प्रोडक्ट और सिनोफार्म के एक वैक्सीन को फेज-3 ट्रायल्स पूरे होने से पहले ही यूएई में इस्तेमाल की अनुमति दे दी गई है। वहीं चीन की सिनोवेक बायोटेक कंपनी के कोरोना-वेक को भी चीन में इमरजेंसी इस्तेमाल की अनुमति मिली है।

फाइजर और बायोएनटेक का दावा- अप्रूवल के स्टेज पर उनकी वैक्सीन

  • फाइजर और बायोएनटेक ने दावा किया है कि कोरोना की पहली वैक्सीन संक्रमण को रोक पाने में लगभग पूरी तरह कारगर है। यह दुनिया की पहली वैक्सीन है जिसने नतीजे दिखाएं है।
  • नवंबर के अंत तक कंपनी इसके इस्तेमाल को लेकर आवेदन कर सकती है।
  • इस वैक्सीन का 6 देशों के 43 हजार 500 लोगों पर ट्रायल किया जा चुका है।
  • इस वैक्सीन से अमेरिका, ब्राजील, जर्मनी, अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका और तुर्की में हुए टेस्ट में 95% लोगों के अंदर वायरस से लड़ने की एंटीबॉडी डेवलप हुई है।

अमेरीका की फार्मास्यूटिकल कंपनी मॉडर्ना की वैक्सीन 94.5% कारगर

  • अमेरिका की फार्मास्यूटिकल कंपनी मॉडर्ना ने कोविड-19 वैक्सीन को तीन फेज के ट्रायल में 94.5% प्रभावी पाया।
  • 30 हजार लोगों पर वैक्सीन का परीक्षण किया गया है। सभी को दो डोज दिए गए हैं।
  • वैक्सीन के नतीजों में 95 में से पांच लोग डोज देने के बाद भी पॉजिटिव पाए गए।

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भारत में बन रही वैक्सीन की क्या स्थिति ?

भारत में फिलहाल तीन वैक्सीन पर काम चल रहा है। भारत बायोटेक की कोवैक्सिन, ऑक्सफोर्ड /एस्ट्राजेनेका की कोवीशील्ड और जायडस कैडिला की ZyCoV-D वैक्सीन। ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन का प्रोडक्शन पुणे का सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (SII) कर रहा है। वह ही भारत में इस वैक्सीन के फेज-3 ट्रायल्स भी करवा रहा है। इसी तरह, डॉ. रेड्डी'ज लैब्ज जल्द ही रूसी वैक्सीन स्पूतनिक V के फेज-2/3 कम्बाइंड ट्रायल्स के लिए आवेदन करने की तैयारी में है।

1. भारत बायोटेक की कोवैक्सीन अंतिम फेज के ट्रायल्स में

2. ऑक्सफोर्ड/ एस्ट्राजेनेका
यह वैक्सीन भी फाइनल ट्रायल में है। इसे पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट बना रहा है। इसके क्लीनिकल ट्रायल के नतीजे जनवरी 2021 तक आ सकते हैं।

3. जायडस कैडिला की वैक्सीन
जायडस कैडिला की बनाई वैक्सीन के भी नतीजे अच्छे आए हैं। इसके ह्यूमन ट्रायल के लिए 12 संस्थाओं को चुना गया है। इन संस्थाओं में इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज और हैदराबाद का निजाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज भी शामिल है।

किन स्टेज होकर पहुंचती है वैक्सीन?

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