12वीं करना जरूरी, मार्कशीट आएगी काम:JEE Mains और NEET निकालना हो जाएगा आसान, कॉलेज प्लेसमेंट में भी होती है जरूरत

6 महीने पहले

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी CBSE के 12वीं क्लास का रिजल्ट 22 जुलाई को आ चुका है। इस साल 91.25% लड़के और 94.54% लड़कियां पास हुई हैं।

मार्क्स ही सब कुछ नहीं होते हैं। ये सच है और पेरेंट्स को भी अपने बच्चों पर पढ़ाई का दबाव नहीं बनाना चाहिए, लेकिन एक सवाल सभी के मन में होता है कि क्या 12वीं बोर्ड देना जरूरी है? क्या इसके मार्क्स हमारे बच्चे की जिंदगी में मायने रखते हैं? तो चलिए इस बात को समझते हैं लक्ष्मी शरण मिश्रा, एजुकेशनिस्ट से...

सवाल- किसी स्टूडेंट को कैसे पता चलेगा कि उसके लिए 12वीं में अच्छे मार्क्स जरूरी हैं या नहीं?
जवाब-
स्टूडेंट्स को ये तय करना होगा कि उन्हें 12वीं के बाद करना क्या है? कहां एडमिशन लेना है, किस कोर्स में लेना है? देखना और समझना होगा कि उस कोर्स में एडमिशन का जरिया 12वीं के मार्क्स हैं या कोई दूसरा एग्जाम है। उसके हिसाब से ही 12वीं बोर्ड की तैयारी करनी होगी।

12वीं कक्षा में अच्छे मार्क्स लाने का मतलब है, अच्छे से पढ़ाई करना। सभी सब्जेक्ट्स का नॉलेज होना। ये नॉलेज आगे चलकर बहुत काम आता है। कैसे, ये जानने के लिए नीचे दिए ग्राफिक्स को पढ़ें-

12वीं में अच्छी पढ़ाई की तो JEE Mains और NEET में भी आएगा काम
12वीं का सिलेबस कॉम्पिटिटिव एग्जाम के सिलेबस से मिलता-जुलता होता है। जैसे- JEE Mains और NEET। जो बच्चे 12वीं में अच्छे से पढ़ाई करते हैं, उनके लिए ये एग्जाम निकालना भी आसान हो जाता है। यानी उन बच्चों को 12वीं में पढ़ी चीजों को बस रिवाइज करने की जरूरत पड़ती है।

अब 12वीं के मार्क्स से जुड़ी कुछ गलतफहमियों को दूर कर लीजिए

  • लक्ष्मी शरण मिश्रा कहते हैं कि जिन स्टेट गवर्नमेंट और प्राइवेट कॉलेज में अब भी 12वीं के मार्क्स पर एडमिशन हो रहे हैं, वहां 2-3 साल बाद CUET के आधार पर एडमिशन होने की संभावना है।
  • वे कॉलेज भी 12वीं के मार्क्स का वेटेज बच्चों पर नहीं डालेंगे, लेकिन माइनॉरिटीज इंस्टीट्यूशन्स अपना एडमिशन प्रोसेस खुद तय कर सकते हैं। ऐसे कॉलेजों में 12वीं के मार्क्स की वैल्यू बनी रहने की संभावना है।
  • कुछ पेरेंट्स सोचते हैं कि विदेशी यूनिवर्सिटीज 12वीं के पर्सेंटेज देखकर स्कॉलरशिप देती है, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है। हो सकता है कि 90% वाले बच्चे को स्कॉलरशिप न मिले और 60% वाले बच्चे को मिल जाए। क्योंकि विदेशी यूनिवर्सिटीज स्कॉलरशिप देने के लिए बच्चे का प्रोफाइल देखती हैं यानी उसने क्या-क्या Achieve किया है।
  • बहुत लोगों को लगता है कि UPSC और स्टेट पब्लिक सर्विस कमीशन के इंटरव्यू में 12वीं के अच्छे मार्क्स काम आते हैं, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है। इंटरव्यू में मार्क्स के बारे में डिस्कशन किया जा सकता है, लेकिन आपको इसका कोई फायदा नहीं मिलता है। बल्कि टॉपर या अच्छे मार्क्स सुनकर इंटरव्यू लेने वाले की उम्मीद आपसे और ज्यादा बढ़ जाती है और आप पर प्रेशर आ जाता है।

अगर कक्षा 12वीं में किसी स्टूडेंट के मार्क्स अच्छे नहीं आए तो इसका मतलब ये नहीं है कि उसके लिए इस दुनिया में कुछ है ही नहीं। बहुत से ऐसे मशहूर लोग हैं, जिन्हें स्कूल में अच्छे मार्क्स नहीं लाए,लेकिन फिर भी वो सफल हैं। चलिए समझते हैं किन जगहों पर आपको 12वीं में अच्छे मार्क्स लाने की जरूरत नहीं पड़ती है।

1- सेंट्रल यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेना चाहते हैं- देशभर के सेंट्रल यूनिवर्सिटीज में इस साल पहली बार नए बैच का एडमिशन एनईपी (NEP) यानी नई शिक्षा नीति के तहत सेंट्रल यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट से किया जाएगा। इसके लिए 12वीं के मार्क्स की जरूरत नहीं पड़ेगी।

2- अपना फैमिली बिजनेस आगे बढ़ाना चाहते हैं- अगर ये आपका करियर है तो आपके लिए 12वीं के मार्क्स या 12वीं पास करना जरूरी नहीं है। जिन्होंने 12वीं किया है और वे अच्छे मार्क्स लाए हैं तो इसका मतलब ये नहीं है कि उन्होंने समय खराब किया है। क्योंकि ज्ञान कभी बेकार नहीं जाता है। वो लोग जो MBA कर अपने बिजनेस को नया मुकाम देना चाहते हैं, उनके लिए 12वीं की परीक्षा जरूरी है।

3- खुद का कोई स्टार्टअप करना चाहते हैं- अगर आप खुद का कोई स्टार्टअप करना चाहते हैं, तो आपको 12वीं की जरूरत नहीं है, लेकिन अगर फैमिली बैकग्राउंड बिजनेस वाला नहीं है तो आपको बिजनेस का ज्ञान होना चाहिए।

4- किसी क्रिएटिव फील्ड में जाना चाहते हैं- आप सोच रहे होंगे ये कौन से फील्ड हैं। तो बता दें कि एथलीट, सिंगर, एक्टर या मॉडल बनने के लिए 12वीं पास करना जरूरी नहीं है। हालांकि इनसे संबंधित कुछ कोर्सेज में दाखिले के लिए 12वीं पास करना जरूरी होता है।