कोरोना का असर, चप्पल पहनना दूभर:तेरह साल की सोफिया की उंगलियों में अल्सर हुआ, सूजन के साथ फफोले पड़े; जानिए क्या है कोविड टोज और इसके लक्षण

3 महीने पहले

कोरोना वायरस लोगों को कई तरह से प्रभावित कर रहा है। रेस्पिरेटरी हेल्थ से लेकर शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों पर हमला करने तक, कोरोना ने लोगों के हाथों और पैरों की उंगलियों को भी प्रभावित किया है।

हाल ही में आई एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि स्कॉटलैंड में एक 13 साल की बच्ची सोफिया ऐसी ही एक गंभीर समस्या से जूझ रही है जिसे कोविड टोज कहते हैं। जिसकी वजह से वह जूते भी नहीं पहन पा रही है। कोविड टोज की वजह से पैर की उंगलियों में अल्सर या नेक्रोसिस की दिक्कत भी हो सकती है।

कोविड टोज से पीड़ित स्कॉटलैंड की लड़की ने एक मीडिया रिपोर्ट में बताया कि उसके पैर बुरी तरह सूज गए हैं और फफोले पड़ गए। उंगलियां जल्द ही गुलाबी से बैंगनी हो जाती हैं। तलवे पर भी गांठ पड़ गई है। जिसकी वजह से वह ज्यादा देर तक खड़ी भी नहीं रह सकती है और न ही जूते पहन सकती है, वह सिर्फ फ्लिप-फ्लॉप या चप्पलें ही पहन रही है।

तो चलिए सबसे पहले जानते हैं कि आखिर कोविड टोज है क्या..
कोविड टोज पैर की उंगली या पूरे पैर में भी हो सकता है। न्यूज मेडिकल डॉट नेट के मुताबिक यह पैर की उंगलियों से शुरू होता है। शुरुआत में उंगलियां लाल रंग की होती हैं, लेकिन धीरे-धीरे बैंगनी होने लगती हैं। यह पैर की एक उंगली या फिर सभी उंगलियों में भी हो सकता है।

आईसीएमआर के पूर्व कंसल्टेंट डॉ. वीके भारद्वाज के मुताबिक कोविड के मरीजों में हाल ही में कोविड टोज के लक्षण देखे गए हैं, यह चिलब्लेन की तरह ही है। यह 10 से 14 दिन से लेकर कई महीने बाद भी हो सकता है। यह आमतौर पर पैर की उंगलियों में होता है।

कुछ लोगों को खुजली की शिकायत भी हो सकती है। इसमें दर्द नहीं होता, लेकिन कुछ लोगों को दर्द भी हो सकता है। इसकी वजह से उन्हें जूते पहनने में दिक्कत हो सकती है।

कोरोना टेस्ट कभी पॉजिटिव आया ही नहीं, फिर भी हुआ कोविड टोज
रिपोर्ट के मुताबिक सोफिया का कोरोना टेस्ट कभी पॉजिटिव आया ही नहीं फिर भी कोविड टोज की दिक्कत हो गई। पीडियाट्रिस्ट मार्टिन मैकैफर्टी का इस पर कहना है कि हो सकता है कि कोविड टोज की शुरुआत कोरोना संक्रमण के अंतिम दिनों में हुई हो, यानी जब तक सोफिया को कोविड टोज हुआ वो कोरोना निगेटिव हो चुकी थी। शायद इस वजह से ऐसा हुआ।

कोविड टोज के कारण
कोविड टोज के कारण क्या हैं इस पर रिसर्च अभी जारी है, लेकिन न्यूज मेडिकल डॉट नेट के मुताबिक जिन लोगों को कोविड टोज हुआ उनमें कोरोना के ज्यादा सिंप्टम्स नहीं थे। जिन लोगों को कोविड टोज हुआ उनमें या तो कोरोना के कोई सिंप्टम्स दिखे ही नहीं और अगर दिखे भी तो बुखार या फिर गले में खराश जैसे माइल्ड सिंप्टम्स ही दिखे।

कोलविरास एट अल की मकैनिज्म के मुताबिक यह नए इम्यून सिस्टम के कोरोना वायरस संक्रमण पर रिएक्शन की वजह से होता है। जिसकी वजह से माइक्रोएंजियोपैथिक (स्मॉल ब्लड वेसल्स डिजीज) चेंजेस होते हैं।

मेडिकल न्यूज टुडे डॉट कॉम की दूसरी थ्योरी के मुताबिक कोविड टोज, कोरोना वायरस का प्रत्यक्ष परिणाम हो सकती है। घरों में नंगे पांव चलना, फिजिकल एक्टिविटी में कमी और गतिहीन जीवन शैली इसके कुछ कारण हो सकते हैं।

फिब्रीन पर अटैक करता है कोरोना वायरस
आईसीएमआर के पूर्व कंसल्टेंट डॉ. वीके भारद्वाज का कहना है कोरोना वायरस ब्लड वेसेल्स में जाकर वहां मौजूद फिब्रीन पर अटैक कर उसे डिजॉल्व कर देता है, जिसकी वजह से फफोले पड़ने लगते हैं।

कोविड टोज के लक्षण
कई लोगों में, कोविड टोज में सिर्फ पैरों की उंगलियों का रंग बदलना और उसमें सूजन होती है। इसमें दर्द भी हो सकता है, हालांकि कई लोगों को दर्द भी नहीं होता। दूसरे मामलों में, सूजन और उंगलियों का रंग बदलने के अलावा टोज में घाव, फफोले पड़ना, खुजली, दर्द और त्वचा रूखी हो जाती है। कुछ लोगों में स्किन के नीचे पस (मवाद) भी बनने लगता है।

इसका इलाज क्या है?
डॉ. भारद्वाज कहते हैं कि ज्यादातर मामलों में यह अपने आप ठीक हो जाता है। हालांकि, अगर यह लंबे समय तक ठीक न हो, तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं। दर्द या खुजली को कम करने के लिए डॉक्टर की सलाह से अफेक्टेड एरिया पर हाइड्रोकार्टिसोन या एंटी एलर्जिक क्रीम लगा सकते हैं और ठंडे पानी की सिंकाई भी कर सकते हैं। आराम न मिलने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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