पहली बार जन्माष्टमी का व्रत कर रहे हैं:ऐसे बनाएं मक्खन और पंजीरी, समझिए लड्डू गोपाल को खुश करने के लिए कैसे करें सजावट

4 महीने पहले

जन्माष्टमी 19 अगस्त को मनाई जाएगी। आप भी व्रत करने की सोच रहे हैं तो आज जरूरत की खबर में आपके काम की बात करते हैं।

इस खबर को हमने तीन हिस्सों में बांटा है। हम पहले बाल गोपाल के झूले की सजावट की बात करेंगे। फिर आपको घर पर ही श्रीकृष्ण का फेवरेट खाना बनाना सिखाएंगे और अंत में उपवास के साथ सेहत का ध्यान कैसे रखें, इसकी सलाह देंगी न्यूट्रीनिस्ट भक्ति कपूर।

जन्माष्टमी पर झूला हर घर में सजाया जाता है। बाल गोपाल के झूले की डेकोरेशन के लिए आप घर में मौजूद कई चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी।

लड्डू गोपाल के जन्मदिन पर उन्हें ऐसे सजाएं

  • लड्डू गोपाल की मूर्ति को नए कपड़े पहनाएं।
  • कपड़ों के बाद आभूषण, मुकुट, मोर पंख और माला पहनाएं।
  • चाहें तो माथे पर टीका और काजल भी लगा सकते हैं।
  • झूले में बांसुरी रखें फिर लड्डू गोपाल को झूले पर बिठाएं।

सजावट तो हो गई, अब चलिए घर पर ही बाल गोपाल का प्रसाद बनाने की तैयार करते हैं…

भगवान श्रीकृष्ण को माखन चोर कहा जाता है। सब जानते हैं कि मक्खन उन्हें बेहद पसंद था। जन्माष्टमी सेलिब्रेशन मक्खन के बिना अधूरा है। अक्सर लोग भोग लगाने के लिए मक्खन बाजार से खरीदकर लाते हैं।

इस बार घर में बनाकर देखें। रेसिपी इतनी भी मुश्किल नहीं जितना आप सोच रहे हैं।

तो झट से नीचे लगी क्रिएटिव को पढ़ें और मक्खन बनाकर मिश्री के साथ भोग लगाएं।

मां-पापा और दादा-दादी को तो पता है कि धनिए की पंजीरी जन्माष्टमी का खास प्रसाद है। आपको नहीं पता और इस बार जन्माष्टमी का व्रत करने की सोच रहे हैं, तो इसे बनाने का तरीका जान लेते हैं।

पंचामृत के बिना विष्णु की पूजा नहीं होती। श्रीकृष्ण विष्णु के ही अवतार माने गए हैं, इसलिए जन्माष्टमी के प्रसाद में पंचामृत चढ़ाया जाता है। इसे बनाना आसान है। बहुतों को इसे बनाने का तरीका भी पता होगा। हम फिर भी बता देते हैं, उन लोगों के लिए जो घर से दूर इस बार व्रत करेंगे और उन्हें गाइड करने के लिए घर के बड़े नहीं होंगे पास।

उपवास की तैयारी ऐसे करे

  • व्रत रखने से एक दिन पहले वेज खाना ही खाएं।
  • जन्माष्टमी वाले दिन नहाने के बाद तुलसी की एक पत्ती हाथ में लेकर व्रत का संकल्प लें।
  • बाल गोपाल को पंचामृत के साथ नहलाने के बाद ही कुछ फलाहार खाएं।
  • जन्माष्टमी के मौके पर पूरे दिन का उपवास आप हर साल करते हैं या फिर इस बार करने की सोच रहे हैं तो कुछ सावधानी जरूर रखनी चाहिए।

श्री कृष्ण का जन्म रात के 12 बजे हुआ है, इसलिए पूरे दिन लोग उपवास रखते हैं। कुछ लोग रात 12 बजे पूजा-पाठ होने के बाद अनाज खाते हैं, तो कुछ उस समय भी केवल फलहार करते हैं।

न्यूट्रीनिस्ट भक्ति कपूर से जानते हैं उपवास शुरू करने से पहले और खोलते वक्त आपको इन 4 बातों का ख्याल रखना चाहिए। जैसे-

  • व्रत शुरू करने से पहले एक मुट्ठी बादाम या अखरोट खा लेना चाहिए। ऐसा करने से आपको एनर्जी मिलेगी।
  • व्रत से पहले सुनिश्चित करें कि आपने जो खाना लास्ट टाइम खाया है, उसमें हाई प्रोटीन हो और कम शुगर हो।
  • ऐसा करने पर आपके दिमाग का क्रेविंग सेंटर (जहां से खाने का लालच मन में आता है) एक्टिवेट नहीं होगा और उपवास रखना आसान हो जाएगा।
  • उपवास हमेशा सब्जियों के साथ तोड़ना चाहिए। फिर प्रोटीन, फैट, स्टार्च और शुगर वाली चीजें खाएं। किसी भी तरह के मीठे के साथ उपवास न तोड़ें।

उपवास वाले दिन ये 4 काम जरूर करें

  • बॉडी हाइड्रेट रखें, पूजा की तैयारी में पानी, छाछ, लस्सी पीना न भूलें।
  • व्रत में घी में बनी साबूदाने की खिचड़ी और आलू फ्राई हैवी होता है, इसकी जगह कुट्‌टु, सिंघाडे़ और राजगिरा के आटे में आलू मिलाकर रोटी या पराठा बनकर खाएं।
  • पूरे दिन चाय, कॉफी न पिएं। इससे एसिडिटी और सिरदर्द की परेशानी हो सकती है।
  • जो लोग रात को व्रत खोल देते हैं वो अचानक से ज्यादा खाना न खाएं।

हमारी बताई टिप्स को फॉलो कर आप पूरे उत्साह के साथ जन्माष्टमी मनाएं। आप सबको श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की ढेरों बधाई...

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