कोरोना में जानलेवा है सुस्ती:फिजिकली एक्टिव न रहने वालों को कोरोना से मौत का खतरा 32% ज्यादा, घर पर ऐसे शुरू करें एक्सरसाइज

6 महीने पहले
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दुनियाभर में कोरोना के दूसरी लहर ने तबाही मचा रखी है। कुछ देशों में तो बहुत ही बुरे हालात हैं। जिसमें से भारत भी एक है। बीते 24 घंटे में 2.16 लाख नए केस आए। कोरोना से बचने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है मजबूत इम्यून सिस्टम। जिसके लिए एक्सरसाइज जरूरी है। एक रिसर्च की मानें तो जो लोग एक्सरसाइज नहीं करते, उनमें कोरोना से मरने का खतरा ज्यादा है।

चाहे आलस की वजह से हो या फिर समय की कमी की वजह से, जिनकी लाफइस्टाइल sedentary है यानी दिनभर एक ही जगह पर बैठे रहना है, ऐसे लोगों में कोरोना से मौत की आशंका अधिक होती है। लिहाजा इस मुश्किल घड़ी में भी रोजाना एक्सरसाइज करना और खुद को फिट रखना बेहद जरूरी है।

ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन में इस नई रिसर्च को पब्लिश किया गया है जिसमें कोरोना वायरस से संक्रमित 50 हजार से ज्यादा लोगों को शामिल किया गया था।

फिजिकली एक्टिव न रहने वालों को कोरोना हुआ तो अस्पताल में भर्ती होने का खतरा ज्यादा

रिसर्च के मुताबिक ऐसे लोग जो बीते 2 साल से फिजिकली इनएक्टिव हैं यानी किसी तरह की कोई शारीरिक गतिविधि नहीं कर रहे हैं, उन्हें अगर कोरोना संक्रमण हो जाता है तो उनके अस्पताल में भर्ती होने, आईसीयू में जाने या फिर मौत का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। स्टडी में पाया गया कि जिन लोगों का ऑर्गन ट्रांसप्लांट हो चुका है और जिनकी उम्र ज्यादा है, सिर्फ उन्हीं लोगों को एक्सरसाइज न करने वालों की तुलना में कोविड से मौत का खतरा अधिक है।

नियमित रूप से एक्सरसाइज जरूर करें

स्टडी के ऑथर्स ने बताया कि कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद गंभीर रूप से बीमार होने और मौत के खतरे के मामले में शारीरिक गतिविधि न करने वालों ने स्मोकिंग करने, मोटापे से पीड़ित और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को भी पीछे छोड़ दिया है। कोविड-19 का गंभीर इंफेक्शन होने का खतरा उन लोगों को ज्यादा है जिनकी उम्र अधिक है, जिन्हें पहले से डायबिटीज या दिल की बीमारी है या फिर अगर वे पुरुष हैं।

स्टडी के नतीजे बताते हैं जो लोग एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाते हैं, उनकी तुलना में आलसी लोग या किसी तरह की शारीरिक गतिविधि न करने वालों में कोविड-19 संक्रमण की वजह से अस्पताल में भर्ती होने का खतरा 20 प्रतिशत अधिक है। आईसीयू में भर्ती होने का खतरा 10 प्रतिशत अधिक है और कोविड से मौत का खतरा 32 प्रतिशत ज्यादा है।

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