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टेंशन कम करिए:हर 3 में से 1 युवा हाई ब्लड प्रेशर का शिकार, हार्ट फेल और स्ट्रोक का खतरा बढ़ा; जानिए कैसे बचें

नई दिल्ली2 महीने पहलेलेखक: गौरव पांडेय
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सुपर स्टार रजनीकांत कुछ दिन पहले अचानक बीमार हो गए थे। उन्हें हैदराबाद के अपोलो अस्पताल में भर्ती किया गया था। हालांकि, अब वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं और घर आ चुके हैं। लेकिन रजनीकांत को अचानक हुआ क्या था? उन्हें अस्पताल में भर्ती क्यों करना पड़ा?

अस्पताल के मुताबिक, रजनीकांत को 25 दिसंबर को हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) और थकान के चलते भर्ती किया गया था। फिलहाल डाक्टरों ने रजनीकांत को दवाइयां, अच्छी डाइट, आराम और तनाव से दूर रहने को कहा है।

किसी व्यक्ति को आखिर हाइपरटेंशन क्यों होता है? हाइपरटेंशन क्या बला है? किसी का ब्लड प्रेशर क्यों बढ़ता है? इसे कंट्रोल कैसे कर सकते हैं? आइए इन्हीं सारे सवालों का जवाबएम्स, नई दिल्ली से डीएम कार्डियोलॉजी डॉक्टर संजय कुमार चुघ से जानते हैं...

क्या होता है हाइपरटेंशन?

  • जब आपके शरीर में धमनियों की दीवारों के विपरीत ब्लड का फ्लो अधिक फोर्स के साथ होता है या फिर जब आपका ब्लड प्रेशर लेवल 140/90 से अधिक होता है तो इस स्थिति को हाइपरटेंशन कहा जाता है।
  • जब ब्लड प्रेशर 180/120 के लेवल को पार कर जाता है तो आप डेंजर जोन में चले जाते हैं। हाइपरटेंशन, हाई ब्लड प्रेशर का मेडिकल टर्म है। इसे साइलेंट किलर के नाम से भी जाना जाता है।
  • हाई ब्लड प्रेशर से दिल और धमनियों पर अतिरिक्त तनाव पड़ता है, इससे आपका दिल और ब्लड वेसल्स कमजोर या डैमेज हो सकती हैं।
  • हर 10 में से 3 भारतीय हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं। हाइपरटेंशन मौत और विकलांगता का चौथा सबसे बड़ा रिस्क फैक्टर भी है। 2013 से 2030 के बीच दुनिया में हाइपरटेंशन के मामलों में 8% इजाफे का अनुमान है।
  • भारत में लगभग 20 करोड़ वयस्कों में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है। अधिकतर लोगों को ये पता नहीं होता कि शरीर में ब्लड प्रेशर का नॉर्मल रेट क्या होना चाहिए।

हाइपरटेंशन का इलाज क्या है और डॉक्टर इसे कैसे डायग्नोस करते हैं?

  • डॉक्टर संजय कुमार चुघ कहते हैं कि हाइपरटेंशन का बचाव अर्ली स्टेज में ही हो सकता है, बाद में तो दवाई खानी जरूरी हो जाती है। हाइपरटेंशन से बचने के लिए हमें बचपन से ही हेल्दी डाइट लेनी चाहिए। नमक बहुत हल्का खाना चाहिए। नियमित तौर पर एक्सरसाइज और योग करना चाहिए। एक बार हाइपरटेंशन हो गया तो इसे कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है।
  • एक बार हाइपरटेंशन हो गया तो इसे दवाओं से और लाइफस्टाइल में बदलाव लाकर ही कंट्रोल कर सकते हैं। इसके अलावा अन्य रिस्क फैक्टर्स जैसे- डायबिटीज, मोटापा, हाई ब्लड कोलेस्ट्रॉल और तंबाकू सेवन को नियंत्रित करना जरूरी हो जाता है।
  • हाइपरटेंशन है तो सबसे पहले आप स्मोकिंग बंद करें, डाइट कंट्रोल करें, शराब बंद करें, मोटापा कम करें और नमक कम खाएं। स्वस्थ रहने के लिए जरूरत इस बात की है कि हाइपरटेंशन की नौबत ही न आए और पहले से ही इन चीजों पर लगाम रखें।
  • आपका बीपी 140 से ज्यादा है तो यह हाई ब्लड प्रेशर है। फिर आपको बीपी की गोली खाने के साथ-साथ तला-भुना, पापड़, चाट-मसाला खाने पर लगाम लगानी पड़ेगी। इससे बचने के लिए रेग्युलर वॉकिंग करें और योग करें। इसके साथ ही तंबाकू और धूम्रपान का इस्तेमाल बंद करें, मोटापा है तो कम करें, शुगर और लिपिड प्रोफाइल चेक करते रहें और यदि ये हाई है तो इनका भी इलाज करें।
  • हाइपरटेंशन की सबसे बड़ी वजह है नमक और स्ट्रेस। इसके अलावा उन लोगों को भी इसका खतरा है, जिनकी फैमिली में पहले से किसी को हाइपरटेंशन होता है। योग, मेडिटेशन, एक्सरसाइज और दौड़ने से स्ट्रेस कम होता है। लेकिन, हाइपरटेंशन के मरीजों को डॉक्टर की सलाह से ही एक्सरसाइज करनी चाहिए।
  • आज के वक्त में यह स्ट्रेस हर किसी को है। इसलिए जरूरत इस बात की है कि हम वर्क लाइफ बैलेंस करना खुद सीखें। खुद के लिए वक्त निकालें। इस बात को समझें कि जब जिंदा रहेंगे, तभी काम करेंगे। घड़ी वापस नहीं घूमती, इसलिए जो करना अभी से करना है, आज से करना है।

कैसे जानें ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है?

इसके लिए आपको बीपी चेक करना ही पड़ेगा। ज्यादातर लोग लक्षण नहीं समझ आने के चलते इसे इग्नोर करते हैं। कई बार तो डॉक्टरों का ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ होता है, लेकिन उन्हें इसका पता ही नहीं चलता।

आम आदमी हाइपरटेंशन को कैसे पहचानें?

इसका एकमात्र तरीका रेग्युलर चेकअप है। यदि किसी की फैमिली में हाइपरटेंशन के मरीज हैं तो 30 की उम्र से ही चेकअप कराना शुरू कर दें। 40 साल पार करने के बाद साल में 4 बार चेकअप जरूर कराना चाहिए। इसके अलावा अगर सिर दर्द और सीने में दर्द होता है तो भी चेकअप कराएं। यदि सांस फूलती है तो दिल और हीमोग्लोबिन भी चेक कराएं।

कितना अलार्मिंग है यदि कम उम्र में हाइपरटेंशन हो रहा है?

  • डॉक्टर चुघ कहते हैं कि यह बहुत खतरनाक है। युवाओं में हाइपरटेंशन होने की सबसे बड़ी वजह स्ट्रेस है। कंपटीशन, राइवलरी, ज्यादा काम, ग्रोथ की भागमभाग, दबाव आदि चीजों के चलते तनाव हो रहा है।
  • इसके साथ ही कार्पोरेट कल्चर में काम करने वाले युवा के पास एक्सरसाइज के लिए भी टाइम नहीं है। वर्क फ्रॉम होम आ गया, लेकिन काम का टाइम और बढ़ गया है। इन चीजों के चलते अपने लिए टाइम नहीं है।
  • ऑफिस जल्दी जाने की वजह से बहुत से लोग घर का खाना भी नहीं खा पाते हैं। बाहर के खाने में ज्यादा नमक और तेल होता है, जो बहुत खतरनाक है। अधिक प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग की वजह से ठंड बढ़ने से भी हाइपरटेंशन के केस बढ़ रहे हैं।
  • सर्दियों में ब्लड प्रेशर बढ़ने से हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ता है, इसलिए ठंड में हेल्दी डाइट जरूर लें और एक्सरसाइज करें। हाइपरटेंशन का शहरी कल्चर अब शहरों से कस्बों और गांवों तक पहुंच रहा है।

हाई ब्लड प्रेशर वालों को काम के तनाव से दूर रहना चाहिए

  • एक स्टडी के मुताबिक, हाई ब्लड प्रेशर वालों को काम के तनाव से दूर रहना चाहिए, क्योंकि इससे हाइपरटेंशन का खतरा बढ़ जाता है।
  • हाइपरटेंशन लोगों में दिल की बीमारी से मौत के खतरे को तीन गुना अधिक बढ़ा सकता है। हाइपरटेंशन दिल की बीमारियों, मेटाबोलिक सिंड्रोम, डिमेंशिया का भी कारण बन सकता है।
  • दुनिया के हर तीन में से एक युवा हाई ब्लड प्रेशर का शिकार है। इसके चलते लोग स्ट्रोक और हार्ट अटैक की चपेट में आते हैं।

सामान्य से ज्यादा और कम ब्लड प्रेशर की समस्या

आपका सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर 120 से अधिक है, तो यह सही नहीं है। आपको 140 सिस्टोलिक बीपी आता है, तो इसे प्री-हाइपरटेंशन कहा जाएगा। 140 के पार ब्लड प्रेशर आता है, तो यह स्थिति गंभीर होती है, इसे हाइपरटेंशन या उच्च रक्त चाप कहते हैं। डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर 80 से कम है, तो यह स्थिति भी सही नहीं है। इसका मतलब है कि आपका ब्लड प्रेशर बहुत कम है।

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