देर-रात रैपिडो बाइक बुलाई, ड्राइवर ने शराब पी थी:कैश के लिए झगड़ा; शिकायत की तो 12 घंटे बाद भी रिस्पॉन्स नहीं मिला

16 दिन पहलेलेखक: एकता सिन्हा/उत्कर्षा त्यागी

पिछले ही महीने की बात है। बेंगलुरु में एक महिला का गैंगरेप हुआ। इसमें एक आरोपी रैपिडो बाइक का कैप्टन था। उससे कुछ दिन पहले गुवाहाटी में एक बाइक टैक्सी चालक ने छेड़छाड़ की थी।
दो-तीन दिन पहले ही ऑफिस की एक कलीग के साथ भी एक घटना घटी। देर रात काम से घर लौटने के लिए उसने रैपिडो बाइक बुक की। जिस कैप्टन के साथ वो घर तक जा रही थी उसने शराब पी रखी थी। स्पीड में चला रहा था। रैश ड्राइविंग के लिए मना किया तो उसने इग्नोर कर दिया। जब घर पहुंची तो एक्स्ट्रा कैश के लिए झगड़ने लगा। घर के अंदर जाकर उसने फौरन ऐप पर उसके खिलाफ शिकायत दर्ज की। 12 घंटे बीतने के बाद भी कोई रिस्पॉन्स नहीं आया।
सिर्फ रैपिडो ही नहीं, इकोनॉमिकल होने के बावजूद जितनी भी बाइक टैक्सी इस समय देश में मौजूद हैं, उन्हें लेकर वुमन सेफ्टी, रैश ड्राइविंग, ज्यादा पैसे मांगने जैसी परेशानियां होती रहती हैं। एक कस्टमर होने के नाते हमारे पास अपनी सुरक्षा और हक को लेकर क्या ऑप्शन है ये सब आज जानेंगे जरूरत की खबर में…
आज के हमारे एक्सपर्ट्स हैं अशोक पांडे, एडवोकेट, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट और सचिन नायक, एडवोकेट, सुप्रीम कोर्ट।
चूंकि रैपिडो बाइक टैक्सी को लेकर हमारे निजी अनुभव और रीडर्स के अनुभव ज्यादा खराब रहे हैं। तो हमने कंपनी के को-फाउंडर अरविंद संका को दो बार मेल किया और कई बार कॉल भी की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

सवाल: बाइक टैक्सी पर हाल ही में बॉम्बे हाई कोर्ट ने क्यों रोक लगाई?
जवाब:
बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कि रैपिडो ने सर्विस ऑपरेट करने के लिए राज्य सरकार से लाइसेंस नहीं लिया। जस्टिस जीएस पटेल और जस्टिस एसजी डिगे की बेंच का कहना है कि बिना लाइसेंस के कंपनी चलाना अवैध है। इससे पहले कर्नाटक के बेंगलुरु में उबर, ओला और रैपिडो की थ्री-व्हीलर सर्विस पर रोक लगाई गई थी। कर्नाटक में भी बाइक टैक्सी सर्विस के लिए कोई नियम नहीं है।

देश में बाइक टैक्सी सर्विस लाइसेंस होल्डर के लिए कोई नियम नहीं, बस ये कुछ शर्तें हैं

  • लाइसेंस होल्डर को सभी बाइक और चालकों का रिकॉर्ड रखना होगा।
  • बाइक चालकों का पुलिस वेरिफिकेशन जरूरी होगा।
  • एक शिकायत बुक रखनी होगी।
  • सभी बाइक चालकों के लिए एक यूनिफॉर्म होगी।
  • यूनिफॉर्म पर बाइक चालकों के नाम की प्लेट होगी।
  • जगह-जगह बाइक टैक्सी सर्विस पॉइंट बनाने होंगे। नोट: जिस तरह सेल्फ ड्रिवन व्हीकल के लिए ब्लैक, टैक्सी के लिए यलो और पर्सनल कार के लिए ब्लू नंबर प्लेट का नियम है, बाइक टैक्सी के लिए अभी तक ऐसा कोई रूल नहीं बनाया गया है।

सवाल: बाइक टैक्सी वाले मनमानी और बदतमीजी करें तो शिकायत कैसे कर सकते हैं?
जवाब:
रैपिडो पर शिकायत करने के लिए…

  • सबसे पहले माय राइड्स पर जाकर जिस राइड के लिए शिकायत करनी है उसे सिलेक्ट करें।
  • उसके नीचे कस्टमर सपोर्ट के कई ऑप्शनस आएंगे।
  • इन ऑप्शन्स में से जो आपको सही लग रहा है, उसे सिलेक्ट करें।
  • इस तरह आपकी शिकायत दर्ज हो जाएगी।

गूगल पर सर्च कर 7029643223 पर कॉल न करें

रैपिडो बाइक के कस्टमर केयर की एक समस्या यह भी है कि कंपनी की वेबसाइट या ऐप पर कस्टमर केयर का नंबर अवेलेबल ही नहीं है। ऐसे में आम व्यक्ति आजकल क्या करता है। वो गूगल पर सर्च करता है। हमने भी यही किया। गूगल पर 'रैपिडो बाइक कस्टमर केयर नंबर' टाइप करने पर यह 7029643223 नंबर मिला। जिस व्यक्ति ने फोन उठाया था वो मुंबई से बात कर रहा था। उसका दावा है कि वो न केवल रैपिडो बल्कि ओला और उबर जैसी टैक्सी सर्विस की शिकायत दर्ज कर कंपनी तक पहुंचाता है। इसके लिए शिकायत करने वाले को सिर्फ दस रुपए देने होंगे। दस रुपए देने के लिए उसने हमसे anydesk लैपटॉप पर डाउनलोड करने को कहा। ये एक ऐसा ऐप है जिसके मदद से आप कहीं से भी किसी डिवाइस को एक्सेस कर सकते हैं। अब आप समझ गए होंगे कि यह एक अनऑथोराइज्ड नंबर है। फिर हमने ओला ऐप पर शिकायत दर्ज की। यहां ऐप की मदद से आप चालक के खिलाफ तुरंत शिकायत दर्ज कर सकते हैं। अगर आपकी शिकायत पर कोई एक्शन नहीं लिया जाता तब आप 080 3710 1828 नंबर पर कॉल कर ग्रीवेंस ऑफिसर से बात कर सकते हैं। अगर वहां भी आपको सॉल्यूशन नहीं मिले तब आप इसी नंबर पर कॉल नोडल ऑफिसर तक अपनी शिकायत पहुंचा सकते हैं।

सवाल: बाइक टैक्सी वाले रैश ड्राइविंग करें तो उनकी शिकायत कहां कर सकते हैं?
जवाब:
ऐसी सिचुएशन में हमारे पास दो ऑप्शन्स हैं…

  • ऐप पर और कंपनी के कस्टमर केयर पर शिकायत कर सकते हैं।
  • पुलिस के पास शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

सवाल: क्या राइड बुक करने से पहले मैं यह चेक कर सकती हूं कि ड्राइवर के पास ड्राइविंग लाइसेंस है या नहीं?
जवाब:
ज्यादातर बाइक टैक्सी कंपनियों के साथ जो भी चालक जुड़े होते हैं उनके पास लाइसेंस होना अनिवार्य है। इसलिए जो भी ऐप पर कैप्टन या ड्राइवर दिखते हैं उन सबके पास लाइसेंस होता है।
यह बात याद रखें: अभी जो लाइंसेस बाइक टैक्सी के कैप्टन यूज कर रहे हैं वो पर्सनल यूज के लिए होता है। जबकि ऐसी सर्विस के लिए ड्राइवर के पास एक कमर्शियल लाइसेंस होना चाहिए। बाइक के लिए कमर्शियल लाइसेंस फिलहाल देश में बनता ही नहीं है।

सवाल: बाइक टैक्सी चलाने वाले अक्सर न तो हेल्मेट पहनते हैं और न ही पिलियन यानी सवारी को हेल्मेट दिया जाता है। रैपिडो पर फीडबैक में यह बात बताई भी जाती है तो उसका कोई सॉल्यूशन नहीं मिलता है। अब मेरे पास क्या उपाय है?
जवाब:
देश में ट्रैफिक रूल्स के अनुसार टू व्हीलर चलाने वाले और पीछे बैठने वालों के लिए हेल्मेट अनिवार्य है। ऐसे में अगर कोई बाइक टैक्सी चालक हेल्मेट न पहनें या पहनने से मना करें तो सबसे पहले उस बाइक टैक्सी चालक के साथ जाने से मना कर दें। इसके बाद आप पुलिस उसकी से शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए आपके पास उस व्यक्ति का नाम और बाइक का नंबर होना जरूरी है।

सवाल: बाइक टैक्सी वाले अगर एक्सट्रा पैसे मांगे तो क्या कर सकते हैं?
जवाब:
जब बाइक टैक्सी कंपनी की तरफ से बिल दे दिया गया है तो उसके बाद कोई ज्यादा पैसा नहीं मांग सकता। ये सेवाओं में कमी के साथ अवैध भी है। इसके लिए कंज्यूमर कोर्ट में शिकायत कर सकते हैं। कंज्यूमर कोर्ट कंपनी पर इसपर फाइन लगा सकता है।

इस मामले में कस्टमर भी करते हैं गलती
ज्यादातर लोग 10-15 रुपए एक्सट्रा मांगने पर दे देते हैं। इतनी छोटी रकम के लिए कंज्यूमर कोर्ट जाना एक झंझट का काम लगता है। इसी का फायदा बाइक टैक्सी चलाने वाले उठाते हैं।

अब 4 सिचुएशन का जिक्र कर रहे हैं जिसमें हमारे कलीग, जानकार और रीडर्स कई बार फंस चुके हैं...

सिचुएशन 1
कई बार मैं कहीं जाने के लिए लेट हो रही होती हूं और लास्ट मोमेंट पर बाइक टैक्सी वाला राइड कैंसिल कर देता है। क्या इसका कोई सॉल्यूशन है?
जवाब:
देश में फिलहाल बाइक टैक्सी के लिए अलग से कोई नियम नहीं है। इसलिए इस तरह की सिचुएशन में आप कंज्यूमर कोर्ट जा सकते हैं।

सिचुएशन 2
बाइक टैक्सी से ट्रैवल करते हुए मेरी फ्रेंड का एक्सीडेंट हो गया था। मगर ऐप पर इसकी शिकायत के लिए कोई जगह नहीं मिली। न ही कोई कम्पन्सेशन ही मिला। ऐसे में एक ग्राहक के तौर पर हमारे क्या अधिकार हैं और क्या कंपनी के खिलाफ कोई एक्शन लिया जा सकता है?
जवाब:
हां, बिल्कुल। कंपनी के खिलाफ एक्शन लिया जा सकता है। इसके लिए भी आप कंज्यूमर कोर्ट जा सकते हैं। वहीं अगर ड्राइवर की रैश ड्राइविंग की वजह से एक्सीडेंट हुआ है तो आप ट्रैफिक पुलिस से भी शिकायत कर उसे सजा दिला सकते हैं।

सिचुएशन 3
कई बार मैं जब बाइक टैक्सी बुलाती हूं तो जो व्यक्ति ऐप पर दिखता है उसके नाम पर उसका भाई, दोस्त या रिश्तेदार आ जाता है। कई बार जो बाइक नंबर दिखता है उसकी जगह दूसरी बाइक आती है। इसका क्या सॉल्यूशन है?
जवाब:
यह सीरियस प्राॅब्लम है। इसके लिए सबसे पहले कंपनी से कंप्लेन करेंगे। कंपनी ने जिसको हायर किया वो धोखा दे रहा है। अगर कंपनी कोई एक्शन नहीं लेती है तो सिविल कोर्ट में केस कर सकते हो।
याद रखें: काम पर जाने में देरी न हो जाए इसलिए कस्टमर खुद इन सिचुएशन को इग्नोर कर बाइक ड्राइवर के साथ डेस्टिनेशन पर जाना स्वीकार कर लेते हैं। यही गलती किसी भारी पड़ सकती है, आपको मुसीबत में डाल सकती है।

सिचुएशन 4
सवाल: एक बार मैंने रैपिडो से ऑटो बुलाया मगर ई-रिक्शा आई। इस सिचुएशन में क्या मैं कंज्यूमर फोरम जा सकती हूं?
जवाब:
यह भी अनप्रोफेशनल है। इसके लिए सिविल या कंज्यूमर कोर्ट में केस बिल्कुल कर सकते हैं।

चलते-चलते
बाइक टैक्सी सर्विस की कमियां

  • चालक प्रोफेशनल नहीं होते हैं। ज्यादातर लोग पार्ट टाइम यह काम करते हैं।
  • बाइकिंग के लिए कोई प्रोफेशनल लाइसेंस भी नहीं है।
  • बाइक अनसेफ है। इसके मुकाबले ऑटो कम रिस्की है।
  • ड्राइवर या कैप्टन अगर बदतमीजी, लड़की के साथ छेड़छाड़ या किसी के फंडामेन्टल राइट को नुकसान पहुंचा रहा है तो FIR करा सकते हैं।

कस्टमर की कमियां

  • पैसे बचाने के लिए सेफ्टी को इग्नोग करते हैं।
  • पुलिस और कंज्यूमर फोरम के झंझट में फंसना नहीं चाहते।
  • 5-10 रुपए एक्स्ट्रा देने में गलत कुछ नहीं समझते हैं।
  • बिना हेल्मेट वाली बाइक टैक्सी पर बेफ्रिक घूमते हैं।
  • देरी हो रही इसलिए बाइक नंबर ऐप गलत होने पर भी डरते नहीं।

जरूरत की खबर के कुछ और आर्टिकल भी पढ़ेंः

1. बच्चा बार-बार हो रहा बीमार:इसकी वजह कोरोना है या लापरवाही; कारण पहचानें और हो जाएं अलर्ट

पिछले कुछ दिनों से जिसे देखो इस बात से चिंतित है कि मेरा बच्चा बहुत बीमार हो रहा है। दो-तीन बार वायरल हो गया। खाना भी ठीक तरह से नहीं खाता है। बार-बार डॉक्टर के पास लेकर जाना पड़ता है। कुछ पेरेंट्स को डॉक्टर ने यह बताया कि बच्चे के बीमार पड़ने की वजह विटामिन डी की कमी है। (पढ़िए पूरी खबर)

2. जर्मन शेफर्ड ने डिलीवरी बॉय पर किया अटैक:तीसरी मंजिल से कूदने से हुई मौत, कुत्ता काटे तो मालिक को होगी जेल

हैदराबाद के बंजारा हिल्स इलाके में रहने वाली शोभना ने स्विगी से खाना मंगवाया था। डिलीवरी बॉय रिजवान खाना लेकर पहुंचा। जब रिजवान पार्सल शोभना को दे रहा था, तभी उनके जर्मन शेफर्ड ने उस पर हमला कर दिया।
खुद को बचाने के लिए रिजवान छत पर भागा। कुत्ता भी उसके पीछे तीसरी मंजिल पर भागा। कुत्ते के अटैक से बचने के लिए डिलीवरी बॉय को छत से कूदना पड़ा। इसके बाद गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
यह पहली घटना नहीं जब पालतू ने इस तरह किसी अजनबी पर अटैक किया हो। इसलिए आज जरूरत की खबर में जानेंगे कि घर पर कुत्ते को बच्चे की तरह सिर्फ पालना जरूरी नहीं, उन्हें सही ट्रेनिंग देना भी जरूरी है। (पढ़िए पूरी खबर)

3. गैस सिलेंडर फटने से खत्म हो गया पूरा परिवार:लीकेज को हल्के में न लें, भरे हुए सिलेंडर की भी होती है एक्सपायरी डेट

घटना 1
हरियाणा के पानीपत में एक घर में सिलेंडर लीक होने की वजह से फट गया। इससे पूरा घर आग की चपेट में आ गया। उस वक्त घर के अंदर पति-पत्नी और 4 बच्चे मौजूद थे। आग इतनी तेजी से फैली कि सभी बेड पर पड़े-पड़े ही कंकाल हो गए। उन्हें अंदर से बाहर निकलने या शोर मचाने तक का मौका नहीं मिला। (पढ़िए पूरी खबर