जरूरत की खबर:ओमिक्रॉन के बीच दोबारा खुल रहे हैं स्कूल, जानिए अपने बच्चों को संक्रमण से बचाने का तरीका

10 महीने पहलेलेखक: अलिशा सिन्हा

कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ। लोग संक्रमित हो रहे हैं। रिकवर भी हो रहे हैं। तीसरी लहर में वायरस का सबसे ज्यादा खतरा बच्चों को है। इस बीच देश के कई राज्यों में स्कूल और कॉलेज दोबारा खुलने जा रहे हैं। बच्चों की ऑफलाइन कक्षा शुरू हो रही है।

नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का संक्रमण जारी है। बच्चों को स्कूल भेजने से माता-पिता घबरा रहे हैं। स्कूल और कॉलेज में संक्रमित होने का खतरा दोगुना है। आज जरूरत की खबर में हम आपको बताएंगे कि क्या आपको अपने बच्चों को ऑफलाइन क्लास में भेजना चाहिए?

मध्य प्रदेश में 1 फरवरी से स्कूल खुल गए हैं। कक्षा 1 से 12वीं तक सभी कक्षाएं 50 प्रतिशत क्षमता के साथ चल रही हैं। UP और बिहार में 6 फरवरी तक स्कूल बंद हैं। महाराष्ट्र में 24 जनवरी से और उत्तराखंड में 31 जनवरी से स्कूल खुल चुके हैं। इसके अलावा राजस्थान और तमिलनाडु में भी 1 फरवरी से स्कूल खुले चुके हैं।

क्या कोरोना कभी खत्म होगा?

दिल्ली के महामारी विशेषज्ञ डॉक्टर चंद्रकांत लहरिया के अनुसार, कोरोना और इसके अन्य वैरिएंट हमारे आस-पास हमेशा रहेंगे। ऐसी स्थिति कभी नहीं आएगी की कोरोना वायरस के मामले शून्य हो जाएंगे।

अब 100% क्षमता के साथ स्कूल खुल जाने चाहिए

डॉक्टर चंद्रकांत लहरिया कहते हैं कि हम किसी वायरस के वजह से कोई निर्णय नहीं लेते हैं। उस वायरस का क्या असर होता है, इस आधार पर निर्णय लिए जाते हैं। कोरोना और ओमिक्रॉन वैरिएंट के साथ एक बात साफ हो चुकी है कि SARS-CoV-2 का इंफेक्शन सभी में होता है, लेकिन बच्चों में इसका खतरा नगण्य, यानी कि न के बाराबर होता है। इसलिए संक्रमण चाहे कम हो या ज्यादा, स्कूल खुलने चाहिए। भारत में स्कूल खोलने में देरी हो चुकी है। डॉक्टर लहरिया के अनुसार, भारत में 50% नहीं. बल्कि 100% क्षमता के साथ स्कूल खुलने चाहिए। ऑनलाइन कक्षाओं के बजाय ऑफलाइन कक्षाओं में ज्यादा जोर देना चाहिए।

बच्चों को कोरोना के ज्यादा दूसरी बीमारियों का खतरा है

डॉक्टर लहरिया कहते हैं कि बच्चों को कोरोना वायरस से ज्यादा डेंगू, रोड एक्सीडेंट, टायफाइड और डायरिया होने की संभावना ज्यादा है। हम इन बीमारियों के लिए स्कूल बंद नहीं करते हैं, तो फिर कोरोना के लिए क्यों करे रहे हैं। पहली लहर की बात कुछ और थी। अब सब कुछ समझ में आ गया है। सावधानी हम सब जानते हैं। ऐसे में स्कूल जाने में कोई हर्ज नहीं।

अगर कोई बच्चा संक्रमित हो जाए तो क्या स्कूल बंद कर देना चाहिए?

डॉक्टर लहरिया के अनुसार, स्कूल के किसी बच्चे की रिपोर्ट कोविड पॉजिटिव आ जाती है तो स्कूल बंद करने की जरूरत नहीं है। दूसरे बच्चों को बोला जा सकता है कि आप सावधानी बरतें और अपने स्वास्थ्य पर नजर रखें। कोई भी दिक्कत हो तो तुरंत डॉक्टर से इलाज करवाएं।