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क्या नींद नहीं आती:देश में 15% लोग नींद नहीं आने की बीमारी से हैं परेशान, जानिए इससे उबरने के 4 उपाय

17 दिन पहले
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  • देर रात तक नींद नहीं आती तो डॉक्टरों की सलाह लें
  • CBT थेरेपी लें और दिन में बेड से दूर रहें

क्या रोज घड़ी में रात के 3 बज जाते हैं और आपको नींद नहीं आती? फिर आपको एंग्जाइटी होती है और अगला दिन खराब हो जाता है। आपको वर्किंग आवर्स में भी नींद आती होगी। आलस तो हर समय बना रहता होगा। यदि ऐसा हो रहा है तो यह इनसोम्निया यानी अनिद्रा के लक्षण हैं। यह एक तरह की बीमारी है।

2020 में तनाव, डिप्रेशन, नेगेटिविटी, एंग्जाइटी और इनसोम्निया यानी अनिद्रा जैसी बीमारियों की लिस्ट में इनसोम्निया टॉप पर है। चीन और यूरोप में इसका असर सबसे ज्यादा है। नेशनल सेंटर ऑफ बायो टेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में करीब 15% से ज्यादा लोग अनिद्रा के शिकार हैं।

क्लीवलैंड क्लिनिक ऑफ स्लीप डिसऑर्डर की डायरेक्टर नैन्सी फोल्डवैरी कहती हैं कि कोरोना के चलते दुनियाभर में अनिद्रा से पीड़ित लोगों की संख्या और भी बढ़ गई है। कोरोना में एंग्जाइटी लेवल तो बढ़ा है और हाई एंग्जाइटी लेवल इनसोम्निया की सबसे बड़ी वजह है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर आप इससे जूझ रहे हैं तो सबसे पहले आपको यह फिगर-आउट करना होगा कि इसकी वजह क्या है। यदि आप एक बार इसकी वजह तलाशने में सफल रहे, तो खुद ही इसकी रोकथाम के लिए रास्ते निकाल सकेंगे।

इनसोम्निया से चार तरीकों बच सकते हैं-

1: मदद लेने से पीछे न हटें

कोरोना के दौर में हो रही मौतों की खबरों, परिवार के लोगों या दोस्तों के इसके चपेट में आने की खबरों और नौकरी जाने की खबरों से हमारे एंग्जाइटी का लेवल बढ़ रहा है। यह एक फैक्टर है जो इनसोम्निया को ट्रिगर करता है यानी अनिद्रा को बढ़ावा देता है।

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2: दिन में बेड से दूर रहें

स्लीप फिजिशियन डॉक्टर कैरिज कैनपारी कहते हैं कि कई बार हम घर पर काम करते हुए, काम और फ्री टाइम के बीच की ब्लर लाइन को मिटा देते हैं। यानी हम काम और आराम दोनों समय में एक ही तरह से रहते हैं। जैसे- काम के वक्त भी बेड में रहकर काम करना और आराम के वक्त भी बेड पर रहना। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह भी इनसोम्निया का फैक्टर हो सकता है।

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3: बेड टाइम को बदलें

इनसोम्निया या अनिद्रा एक तरह की मानसिक बीमारी है। जब कोई नेगेटिविटी या एंग्जाइटी हमारे ऊपर जरूरत से ज्यादा हावी हो जाती है, तब वह अनिद्रा की वजह बन जाती है। इसलिए एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इसकी रोकथाम के लिए मानसिक तौर पर किया गया उपाय ज्यादा कारगर है।

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4: स्क्रीन टाइम को किल करें

अनिद्रा की सबसे बड़ी वजहों में से एक है बॉडी क्लॉक का बिगड़ जाना। बॉडी क्लॉक बिगड़ने की सबसे बड़ी वजह है मोबाइल, टीवी और लैपटॉप। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लोग और ज्यादातर टीनेजर्स देर रात तक स्क्रीन से चिपके रहते हैं। जिसके चलते उनका सोने का समय न सिर्फ बदल जाता है बल्कि कम भी हो जाता है। धीरे-धीरे शरीर खुद को उसी हिसाब से ढाल लेता है और उसके बाद चाहते हुए भी नींद नहीं आती।

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