जरूरत की खबर:केके का पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर बोले- उन्हें CPR देते तो बच जाती जान, जानिए ये कब और क्यों देते हैं

4 महीने पहलेलेखक: अलिशा सिन्हा

बॉलीवुड सिंगर केके (कृष्ण कुमार कुन्नथ) की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में 2 बातें सामने आईं हैं...

  • डॉक्टर ने बताया कि केके को दिल के बाईं तरफ 80% ब्लॉकेज था और बाकी जगहों पर छोटे-छोटे ब्लॉकेज थे।
  • कॉन्सर्ट के दौरान केके भीड़ के साथ डांस कर रहे थे। ऐसे में उन्हें एक्साइटमेंट ज्यादा हुई और दिल में ब्लड का फ्लो रुक गया, जिसकी वजह से कार्डियक अरेस्ट आया। अगर उसी वक्त उन्हें CPR दिया जाता, तो शायद वो जिंदा होते। 31 मई की रात कोलकाता में एक म्यूजिक कॉन्सर्ट के दौरान अचानक तबियत खराब होने से KK की मौत हो गई थी। पोस्टमॉर्टम में मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई गई।

हममें से कई लोग CPR के बारे में जानते होंगे। कुछ लोगों ने इसकी ट्रेनिंग भी ली होगी। हालांकि, कई लोग ऐसे भी हैं जिन्हें CPR के बारे में ज्यादा कुछ जानकारी नहीं है। ऐसे में हम जरूरत की खबर में CPR की सारी डिटेल बता रहे हैं।

इंडियन रिससिटेशन काउंसिल (IRC) के चेयरपर्सन डॉ एसएससी चक्र राव के अनुसार भारत में...

  • 2% से भी कम लोगों को CPR की जानकारी है।
  • देश में हर साल प्रति 1 लाख जनसंख्या पर लगभग 4,280 लोगों को कार्डियक अरेस्ट होता है।
  • हर मिनट 112 लोग कार्डियक अरेस्ट से दम तोड़ रहे हैं।

इंडियन रिससिटेशन काउंसिल के साइंटिफिक डायरेक्टर डॉ राकेश गर्ग के अनुसार, मौजूदा डेटा को देखा जाए तो अगर पेशेंट को समय पर CPR दिया जाए तो 40-60% लोगों की जान बचाई जा सकती है।

सवाल: CPR होता क्या है?
जवाब: CPR का फुलफॉर्म कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन है। यह एक लाइफ सेविंग टेक्नीक है, जिसका इस्तेमाल हार्ट अटैक (दिल का दौरा) के दौरान किया जाता है। अगर किसी इंसान के दिल की धड़कनें बंद हो जाएं तो घर से अस्पताल जाने के दौरान CPR लाइफ सेविंग का काम करता है।

सवाल: CPR कैसे दिया जाता है?
जवाब:
CPR देने के दो तरीके हैं।

  • पहला- जब यह पेशेंट को कोई दूसरे व्यक्ति से दिया जाता है।
  • दूसरा- यह मेडिकल इक्विपमेंट की मदद से पेशेंट को दिया जाता है।

बच्चों और बड़ों दोनों को CPR देने के तरीके अलग-अलग होते हैं...

सवाल: CPR देने की जरूरत कब पड़ती है?

जवाब:

  • कोई व्यक्ति अचानक बेहोश हो जाए और वह सांस न ले पा रहा हो।
  • किसी एक्सीडेंट के दौरान व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ हो।
  • अगर कोई व्यक्ति पानी में डूब गया हो तो उसे बाहर निकालने के बाद।

याद रखें- CPR देने के बाद पेशेंट को जल्द से जल्द अस्पताल लेकर जाएं।

सवाल: CPR की ट्रेनिंग कैसे दी जाती है?
जवाब:
इसे एक उदाहरण से समझते हैं-

अगर कोई व्यक्ति अचानक गिर जाए तो ऐसी स्थिति में सबसे पहले उसके सिर पर हाथ रखकर चेक करें कि कहीं खून तो नहीं बह रहा है। इसके बाद ABC का फॉर्मूला अपनाएं।

A यानी एयरवे- नाक के सामने हाथ रखकर सांस चेक करें। अगर सांस आ रही होगी तो आपको हाथ में गर्माहट महसूस होगी।

B यानी ब्रीदिंग- चेस्ट पर हाथ रखकर चेक करें, सांस आ रही है या नहीं। यहां एक और नियम है, पुरुष होने पर चेस्ट को चेक करना है। महिला होने पर एब्डॉमिन पर हाथ रखकर चेक करें।

C यानी सर्कुलेशन- लेटे हुए व्यक्ति के बाएं हाथ की नाड़ी को चेक करें। इस दौरान कलाई एकदम ढीली कर दें। अब बेहोश व्यक्ति को थोड़ा जगाने की कोशिश करें। अगर वह किसी तरह का मूवमेंट नहीं कर रहा है और सांस नहीं आ रही है तो उसे CPR दें।

सवाल: CPR देने का क्या फायदा होता है?
जवाब: इसकी मदद से पेशेंट को सांस लेने में सहायता मिलती है। CPR देने से हार्ट और ब्रेन में ब्लड सर्कुलेशन में मदद मिलती है। कई मामलों में CPR की सहायता से व्यक्ति की जान बच जाती है।

चलते-चलते जान लेते हैं
हार्ट अटैक आने पर आसपास के लोग क्या गलती करते हैं। अगर ये गलतियां न हों तो किसी भी व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है-

  • घबराकर अस्पताल में कॉल करते हैं और पेशेंट के आसपास भीड़ लगाकर खड़े हो जाते हैं। CPR देने का ख्याल ही नहीं आता है।
  • अगर किसी को CPR देने का ख्याल आ भी जाए तो वो डर की वजह से पेशेंट को CPR नहीं देता है।

CPR देते वक्त कौन सी गलतियां कर देते हैं?

  • चेस्ट (छाती) को ठीक से नहीं दबाते हैं।
  • पेशेंट के मुंह से अपना मुंह अच्छे से लॉक नहीं करते हैं।
  • कोहनी को सीधा नहीं रखते हैं।
  • पेशेंट की बॉडी को सीधा नहीं रखते हैं।