चूहा मारने पर FIR, पोस्टमॉर्टम के लिए लाई गई लाश:आम इंसान क्या करें जब चूहा कपड़े कुतरे या अनाज खाए?

2 महीने पहलेलेखक: अलिशा सिन्हा

उत्तर प्रदेश के बदायूं में एक युवक ने चूहे को मारा। पुलिस ने हिरासत में लेकर उससे करीब 10 घंटे तक की पूछताछ की।

विकेंद्र सिंह, पशु प्रेमी और पीएफ संस्था के अध्यक्ष हैं, जिन्होंने पुलिस में FIR दर्ज करवाई। उनका कहना है- आरोपी मनोज एक पुलिया के पास चूहे की पूंछ में पत्थर बांधकर उसे नाले में डुबा रहा था। मना करने पर उसने चूहे को नाले में फेंक दिया। फिर उसे धागे के सहारे बाहर खींचा और फिर से नाले में फेंका। वह ऐसा तब तक करता रहा, जब तक चूहा मर नहीं गया। पशु क्रूरता अधिनियम के तहत आरोपी पर कार्रवाई की गई। मामला पशु क्रूरता से जुड़ा है, इसलिए शव का पोस्टमॉर्टम होना जरूरी है। इसका खर्च शिकायतकर्ता ही उठा रहा है।

अब आप सोच रहे होंगे कि चूहा तो हर आम आदमी अपनी जिंदगी में कभी न कभी मारता है। फिर इस युवक को ही पुलिस ने क्यों पकड़ा। अगर चूहे मारने पर जेल तक जाना पड़े, तो लोग चूहे से कैसे निपटें। चलिए आज जरूरत की खबर में बात इसी मुद्दे पर करते हैं-

सवाल- अगर चूहे मारने से किसी को पुलिस पकड़ सकती है, तो फिर आम इंसान चूहों के आतंक से कैसे निपटें?
जवाब-
तरीका जानने के लिए नीचे दिए ग्राफिक को पढ़ें और दूसरों को भी शेयर करें:

चूहों को भगाने के लिए आप भी अपनाएं नेचुरल तरीका

  • चूहों को घर में घुसने से रोकने के लिए घर के बाहर पुदीना या लौंग का तेल डालें।
  • साबुत लाल मिर्च, काली मिर्च या लौंग घर के बाहर फैला सकते हैं। घर में अगर बच्चे हैं तो लाल मिर्च और काली मिर्च डालते वक्त सावधानी बरतें।
  • पुदीना और मिर्च के बीज घर के बाहर लगा सकते हैं। इन पौधों की खुशबू चूहों को पसंद नहीं आती है, जिससे वो घर पर नहीं आएंगे।
  • चूहों को पेपरमिंट की गंध बर्दाश्त नहीं है। एक रूई में पेपरमिंट लगाकर चूहों के घूमने की जगह पर रख दें। वो भाग जाएंगे।
  • तेजपत्ते की गंध से भी चूहे भाग जाते हैं, घर के कोने-कोने में रख कर आजमाएं।

चूहे जिस छेद या गैप से घर के अंदर आते हैं, उसके पास पिसी हुई काली मिर्च या उसका स्प्रे छिड़कें। यह चूहों की नाक और एयरवे को परेशान करती है। जिससे वो घर में आने से डरते हैं।

सवाल- अगर घर के बाहर वाले एरिया में चूहे हों, तो वहां पर चूहों से कैसे छुटकारा पाएं?
जवाब-
ये बहुत मुश्किल काम नहीं है। बस आपको थोड़ी सी मेहनत करनी होगी। जैसे-

गार्डन साफ करें:

  • चूहों को खुला एरिया ज्यादा पसंद नहीं होता है, इसलिए अपने लॉन या बगीचे में पेड़-पौधों की छंटनी, साफ-सफाई और व्यवस्था अच्छी रखें।
  • घास को ज्यादा बढ़ने न दें। लकड़ी या पत्तियों के ढेर न लगने दें। बाहर वाले डस्टबिन को बंद रखें। टाइम-टाइम पर साफ करते रहें।
  • लास्ट में ये चेक करें कि कहीं चूहों को आपके घर के बगीचे या लॉन में खाना तो नहीं मिल रहा है। जैसे- पालतू जानवरों का बचा हुआ फल, अनाज या सब्जियां। अगर ऐसा हों, तो वहां भी साफ-सफाई का ख्याल रखें।

ड्राई आइस का इस्तेमाल करें

  • बिना जहर के चूहों से छुटकारा पाने का एक इफेक्टिव तरीका सूखी बर्फ यानी ड्राई आइस का इस्तेमाल करना है।
  • सूखी बर्फ कार्बन डाइऑक्साइड पैदा करती है, जो चूहों को anesthetize करता है और मार देता है।
  • सूखी बर्फ को चूहे के बिल में एंट्री एरिया पर रखें। दस्ताने पहनकर ही ऐसा करें। याद रखें कि सूखी बर्फ स्किन को नुकसान पहुंचा सकती है।

सवाल- मार्केट में चूहा मारने की दवाई के जरिए अगर चूहा मार दिया जाए, तो उसे डिस्पोज करने के लिए क्या करना चाहिए?
जवाब-
इन स्टेप्स को करें फॉलो:

  • सबसे पहले रबर के दस्ताने पहन लें।
  • ब्लीच और पानी का स्प्रे या मार्केट वाले कीटाणुनाशक स्प्रे को उस एरिया में डालें, जहां चूहा मरा है।
  • चूहे और उसके आसपास की गंदगी को प्लास्टिक बैग में रखें। चाहें तो जाल या पिंजरे को रख सकते हैं या फेंक भी सकते हैं।
  • बैग को ऐसे सील करें कि उससे हवा न बाहर निकले न अंदर जाए, ताकि बैक्टीरिया या वायरस न फैले।
  • सीलबंद बैग को दूसरे बैग में रखें और उसे भी सील कर दें।
  • बैग को रोड साइड वाले कूड़ेदान में डाल दें। दस्ताने वाले हाथों को साबुन और पानी से धोएं।
  • सैनिटाइजर भी लगाएं। दस्तानों को कूड़ेदान में ही फेंक दें।

अब बात मौजूदा मामले से जुड़े जरूरी सवालों के जवाब जानते हैं-

सवाल- चूहा मारना हमारी सोसाइटी में आम बात है, तो ऐसे में इस व्यक्ति को पुलिस ने क्यों पकड़ा?
जवाब-
क्योंकि इस व्यक्ति ने चूहे के साथ क्रूरता की थी यानी उसे तड़पाकर और क्रूरता के साथ मारा था। उसे ऐसा करता देख, दूसरे व्यक्ति ने पशु क्रूरता अधिनियम का सहारा लिया और उस पर केस कर दिया। इसलिए पुलिस ने पकड़ा।

सवाल- ये पशु क्रूरता अधिनियम क्या है?
जवाब-
ये भारतीय संविधान के अंतर्गत आता है। जिसे पशु-पक्षी की सुरक्षा के लिए बनाया गया है। इसे डिटेल से समझने के लिए नीचे दिए ग्राफिक को पढ़ें:

एडवोकेट सचिन नायक जानवरों को मारने वाले लोगों के लिए कहते हैं कि…

  • किसी भी जानवर को क्रूरता के साथ या तड़पाकर मारा जाए, तो जेल होगी।
  • जानवर को मारने में या क्रूरता के जरिए मारने में बहुत बड़ा अंतर है।
  • अगर चूहे की मौत बिना दर्द के हो, तो जेल नहीं होगी। जैसे- दवा के जरिए।
  • किसी भी जानवर को बेवजह या अपने मनोरंजन के लिए दर्द नहीं दे सकते हैं।

चलते-चलते
मौजूदा मामले में चूहे का पोस्टमॉर्टम हुआ, 7 दिन में आएगी रिपोर्ट

सबूत जुटाने के लिए पुलिस ने चूहे का पोस्टमॉर्टम करवाया है। हालांकि, इसका पूरा खर्च शिकायतकर्ता विकेंद्र सिंह ने उठाया। एंबुलेंस नहीं थी तो उन्होंने चूहे के शव को करीब 50 किलोमीटर दूर बदायूं से बरेली भेजने के लिए AC कार का किराया 1500 रुपए दिया। AC कार इसलिए ताकि बॉडी डीकम्पोज्ड न हो। पोस्टमॉर्टम के लिए 225 रुपए की रसीद भी कटवाई। अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट एक हफ्ते बाद आएगी।

डिप्टी SP (सिटी) आलोक मिश्रा ने कहा कि आरोपी के खिलाफ सदर कोतवाली थाने में IPC की धारा 429 और पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

(आज की स्टोरी के एक्सपर्ट हैं- One voice for animals love & care की प्रेसिडेंट अनीता सोनी और सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट सचिन नायक। )

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