जरूरत की खबर:उल्टी-दस्त हैं कोविड के नए लक्षण? जानिए कैसे पता करें कि फूड पॉइजनिंग हुई है या कोरोना

3 महीने पहले

कोरोना वायरस एक बार फिर अपने पैर पसार रहा है। दिल्ली, मिजोरम, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और केरल के बाद राजस्थान में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। इस बार मरीजों में उल्टी-दस्त, यानी डायरिया की समस्या भी देखी जा रही है। माना जा रहा है कि उल्टी-दस्त कोरोना के नए लक्षण हैं।

आज की जरूरत की खबर में समझते हैं कि उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर कब इसे कोरोना का लक्षण मान लिया जाए?

राजस्थान के कोविड हॉस्पिटल RUHS के पीडियाट्रिक डॉ. आलोक गोयल के अनुसार- कुछ दिनों से OPD में बड़ी संख्या में बच्चे आ रहे हैं। इन बच्चों में उल्टी-दस्त और तेज बुखार की समस्या देखी जा रही है। कुछ बच्चों में तेज पेट दर्द के भी लक्षण मिले हैं। जब इनका कोरोना टेस्ट कराया गया, तो लगभग 5 प्रतिशत बच्चे पॉजिटिव पाए गए।

क्या वाकई उल्टी-दस्त और पेट दर्द कोरोना के लक्षण हैं या फिर गर्मी के मौसम में ऐसा होना आम बात है? इसका जवाब जानने के लिए हमने बात की रांची AIIMS के डॉक्टर प्रदीप भट्टाचार्य और मेडिसिन HoD डॉक्टर वीपी पांडेय, MGM MC, इंदौर से।

​​​​​​सवाल : क्या उल्टी-दस्त कोरोना के नए लक्षण हैं?
डॉ. प्रदीप भट्टाचार्य :
इस मौसम में जिन लोगों को उल्टी-दस्त की समस्या हो रही है और वो कोविड पॉजिटिव हैं, इसके लिए सिर्फ एक वायरस जिम्मेदार नहीं है, बल्कि ये मिक्स वायरल इंफेक्शन है। कुछ लोगों को इन लक्षणों के बाद डायरिया हो रहा है तो कुछ लोगों को कोरोना, लेकिन स्पष्ट रूप से ये नहीं कहा जा सकता है कि उल्टी-दस्त कोरोना के नए लक्षणों में से एक हैं। इसके बावजूद इस लक्षण को हल्के में नहीं लेना है।

डॉ. वीपी पांडेय : गर्मी का मौसम है। इसमें लोगों को उल्टी-दस्त की समस्या होना आम बात है। कुछ बच्चे और बुजुर्ग उल्टी-दस्त के बाद कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, फिर भी उल्टी-दस्त को पूरी तरह से कोरोना का मुख्य लक्षण नहीं कहा जा सकता है। बड़ी संख्या में उल्टी-दस्त के मरीज कोरोना पॉजिटिव आएंगे, तब इसे स्पष्ट रूप से कोरोना का मुख्य लक्षण माना जाएगा।

सवाल : उल्टी-दस्त हो रहे हैं तो कैसे पता चलेगा कि ये कोरोना है या फूड पॉइजनिंग?
जवाब :
किसी व्यक्ति को उल्टी-दस्त की समस्या है तो वो डॉक्टर को दिखाए। फिर भी, मन में शंका है कि उसे कोरोना है या नहीं, तो वो अपना कोविड टेस्ट करा ले। इससे क्लियर हो जाएगा उसे डायरिया है या कोरोना।

यह तो बात हुई कोरोना की वजह से होने वाले उल्टी-दस्त की। अब उजाला सिग्नस ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल के डॉ. शुचिन बजाज से जानते हैं कि गर्मी के मौसम में आखिर फूड पॉइजनिंग की समस्या क्यों होती है और इसके लक्षण क्या है?

सवाल : गर्मी में फूड पॉइजनिंग की समस्या क्यों होती है?
जवाब :
गर्मी के मौसम में फूड पॉइजनिंग एक आम बीमारी है। इस समय खाना आसानी से खराब हो जाता है और कई बार लोग इसे खा लेते हैं। गलत खानपान, बासी खाना या खराब खाना खाने के कारण ही आपको फूड पॉइजनिंग की समस्या हो सकती है।

फूड पॉइजनिंग के लक्षण क्या-क्या हैं?

  • जी मिचलाना
  • पेट में ऐंठन
  • उल्टी
  • दस्त
  • बुखार
  • कमजोरी
  • सिरदर्द
  • भूख में कमी

सवाल : फूड पॉइजनिंग से क्या परेशानी हो सकती है?
जवाब :
फूड पॉइजनिंग से पेट खराब, उल्टी और दस्त हो सकते हैं। यह समस्या बच्चों में ज्यादा होती है। अलग-अलग तरह के नुकसान पहुंचाने वाली कई सूक्ष्मजीव होते हैं, जो शरीर में समस्याएं पैदा कर सकते हैं। इनमें बैक्टीरिया, वायरस, और फंगस शामिल हैं। खाना जब खराब होता है तो ये कीटाणु इसमें पनपने लगते हैं। जब आप ऐसे खराब खाने को खाते हैं तो ये आपके शरीर में जाते हैं और घंटों बाद आपको उल्टी, दस्त और बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

क्या यह चिंता की बात है?
हां, उल्टी-दस्त को हल्के में लेना ठीक नहीं है। इससे छोटे बच्चों और बुजुर्गों की तबीयत ज्यादा खराब हो रही है। कई बार इसकी वजह से मरीजों को हॉस्पिटल में भी एडमिट करना पड़ता है। चूंकि, इन दिनों कोरोना के एक लक्षण में उल्टी-दस्त भी शामिल है, ऐसे में लापरवाही महंगी पर सकती है।