लालू को बेटी देगी किडनी:अंगदान में पुरुषों से आगे महिलाएं, किडनी डोनेशन के बाद प्रेग्नेंसी में होगी दिक्कत?

3 महीने पहले

लालू प्रसाद यादव किडनी से जुड़ी प्रॉब्लम का सामना कर रहे हैं। पिछले महीने वे सिंगापुर अपनी बेटी रोहिणी आचार्य के पास गए थे। वहां के डॉक्टर्स ने उन्हें किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी। जिसके बाद रोहिणी ने अपने पिता को किडनी देने का फैसला किया है। लालू के इसी महीने दोबारा सिंगापुर जाने की संभावना है ताकि किडनी ट्रांसप्लांट हो सके।

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किडनी ट्रांसप्लांट को लेकर कई तरह की मिथ है, आज जरूरत की खबर में उस पर चर्चा करेंगे, साथ ही यह जानेंगे कि किडनी ट्रांसप्लांट की नौबत आती ही क्यों है? किडनी का हमारे शरीर में काम क्या है?

एक्सपर्ट हैं- डॉ डी एस राणा, नेफ्रोलॉजिस्ट, सर गंगाराम अस्पताल, दिल्ली, डॉ. आयुष पांडे, डॉ. प्रियदर्शनी रंजन, किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन

सवाल1- किडनी की जिम्मेदारी क्या होती है?
जवाब- स्कूल के दिनों से हम दो बात जानते हैं कि इंसान के शरीर में दो किडनी होती है। दूसरी बात यह कि एक खराब हो जाए तो दूसरी किडनी से काम चल सकता है।

साइंस के हिसाब से समझें तो किडनी बीन के आकार वाला ऑर्गन है। यह रीढ़ के दोनों तरफ आंत के नीचे और पेट के पीछे की तरफ होती है।

हमारी किडनी 4 से 5 इंच की होती है। इसका काम खून की सफाई करना है। इस काम में नेफ्रॉन मदद करता है। सरल तरह से समझें तो यह छन्नी की तरह लगातार काम करती है। जो भी वेस्ट हमारे शरीर के अंदर जाता है उसे दूर करती है। और हां, किडनी फ्लूड और इलेक्ट्रोलाइट्स का लेवल सही रखती हैं।

सवाल 2- नेफ्रॉन क्या होते हैं?
जवाब- जैसे ही खून इंसान की किडनी में पहुंचता है, वेस्ट दूर होने का काम शुरू हो जाता है। पानी, नमक और मिनरल भी एडजस्ट होने लगते हैं। वेस्ट यूरिन में बदल कर निकल जाता है। यह सब नेफ्रॉन की मदद से होता है। हर किडनी में लाखों छोटे फिल्टर होते हैं जिन्हें नेफ्रॉन कहते हैं। खून अगर किडनी में जाना बंद हो जाए तो उसका वो हिस्सा काम करना बंद कर देगा इससे किडनी फेल हो सकती है।

सवाल 3- किडनी फेल या खराब हो जाए, तो क्या होता है?
जवाब- किडनी काम ठीक से नहीं कर पाती है इसलिए शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ जाती है और सूजन आ जाती है। ऐसी सिचुएशन में डॉक्टर की सलाह पर किडनी ट्रांसप्लांट किया जाता है।

सवाल 4- किडनी ट्रांसप्लांट का मतलब क्या होता है?
जवाब- जब किसी एक व्यक्ति के शरीर से किडनी निकालकर दूसरे व्यक्ति के शरीर में डाल दी जाती है या लगा दी जाती है, इस प्रोसिजर को ही किडनी ट्रांसप्लांट कहते हैं।

सवाल 5- किस तरह के मरीज का किडनी ट्रांसप्लांट किया जा सकता है?
जवाब- ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस के अनुसार…

  • जिस मरीज में किडनी ट्रांसप्लांट या सर्जरी का असर और इफेक्ट झेलने की क्षमता हो।
  • जिस मरीज की कंडीशन ऐसी हो कि उसका ट्रांसप्लांट कामयाब होने की संभावनाएं हो।
  • जो ट्रांसप्लांट के बाद सभी जरूरी दवाएं और ट्रीटमेंट लेने के लिए तैयार हो।

सवाल 6- एक इंसान की किडनी कैसे दूसरे इंसान में फिट हो जाती है?
जवाब- इंसान का ऊपरी रंग-रूप, सूरत-सीरत भले ही अलग हों, उसके शरीर के अंग का साइज एक होता है। इसलिए ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन के समय जिस ऑर्गन को वो ट्रांसप्लांट कर रहे हैं वो कितना हेल्दी है यह देखा जाता है।

इन 5 वजहों से नहीं हो सकता मरीज का किडनी ट्रांसप्लांट

  • हार्ट की बीमारी गंभीर हो
  • उम्र बढ़ने पर
  • लिवर की बीमारी
  • कैंसर है या हो चुका है
  • मानसिक बीमारी

यह रिसर्च भी पढ़ लें

कई रिसर्च में यह बात साबित हो गई है कि महिलाएं पुरुषों की तुलना में अंगदान करने में आगे होती है। नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (NOTTO) के मुताबिक पिछले 20 सालों में भारत में अंगदान करने वालों में 78 से 80% महिलाएं हैं।

सिर्फ भारत में ही नहीं अमेरिका और स्विट्जरलैंड में भी यही हाल है। अमेरिका में अंगदान करने वाली 60% महिलाएं हैं। वहीं स्विटजरलैंड में 631 किडनी ट्रांसप्लांट में से 22% महिलाओं ने अपने पुरुष साथियों को अंग दिए जबकि कुल पुरुषों की तादाद महज 8% थी।

किडनी के मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण

ब्रिटेन की कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने किडनी डोनेट करने वालों के ब्लड ग्रुप को ही बदल दिया। ये शोध उन लोगों के लिए एक नई उम्मीद की किरण हैं, जो किडनी ट्रांसप्लांट का काफी समय से इंतजार कर रहे हैं। इससे अंगों की कमी से निपटने में भी मदद मिलेगी।

वैज्ञानिकों के अनुसार, इस खोज से ट्रांसप्लांट के लिए किडनी की सप्लाई में तेजी आ सकती है। खासकर उन लोगों के लिए, जो किसी ऐसी जाति या समूह के होते हैं, जिनकी किडनी के मैच होने की संभावना काफी कम होती है।

सवाल 7- अच्छा, तो क्या किडनी ट्रांसप्लांट के लिए 2 व्यक्तियों की किडनी मैच होना जरूरी है?
जवाब- बिल्कुल, जरूरी है। इसे एक उदाहरण से समझिए- मान लीजिए पहले व्यक्ति का ब्लड ग्रुप A है और दूसरे का B है, तो ऐसे में A ब्लड ग्रुप वाला व्यक्ति B वाले को किडनी ट्रांसप्लांट नहीं कर सकता है। न ही B वाला A को।

सवाल 8- किडनी ट्रांसप्लांट होने के बाद मरीज को किस बात का ख्याल रखना चाहिए?

जवाब- इन 3-4 बातों का ख्याल तो जरूर रखना चाहिए-

  • धूम्रपान बिल्कुल न करें।
  • हेल्दी खाना ही खाएं।
  • हाइट के हिसाब से वजन ज्यादा हो, तो उसे और न बढ़ने दें।
  • किसी भी तरह के इन्फेक्शन से बचने की कोशिश करें।

सवाल 9- किडनी खराब होने के शुरुआती लक्षण के बारे में बता सकते हैं क्या?
जवाब- शुरुआती लक्षणाें को पहचानना थोड़ा मुश्किल है। आमतौर से लोग ये तीन सिम्टम्स महसूस करते हैं…

  • यूरिन कम आना
  • फ्ल्यूड रिटेंशन की वजह से लिंब्स में सूजन
  • सांस लेने में कठिनाई

सवाल 10 - क्या किडनी डोनेट करने के बाद भी महिलाएं प्रेग्नेंट हो सकती हैं?
जवाब- जी बिल्कुल। किडनी डोनेट करने से आपकी प्रेग्नेंसी या बच्चे को जन्म देने में कोई मुश्किल नहीं होगी। किडनी डोनेशन से महिलाओं या पुरुषों को फर्टिलिटी की समस्या नहीं होती है। हालांकि फिर भी महिलाओं को किडनी डोनेट करने के एक साल बाद तक इंतजार करना चाहिए। इससे आपके शरीर को ठीक होने के लिए काफी समय मिलता है।

चलते-चलते

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद ऐसा होना चाहिए मरीज का खानपान

  • ज्यादातर हल्का, कम फैट वाला, कम नमक वाला खाना ही खाना चाहिए।
  • हर रोज 8-10 ​ग्लास पानी जरूर पीना चाहिए।
  • ज्यादा मात्रा में सोडियम, फॉस्फोरस, पोटैशियम नहीं लेना चाहिए।
  • पालक, हरा धनिया, अरबी, आलू, शकरकंद बिल्कुल नहीं खाना चाहिए।
  • नॉन-वेज, बिना धुले फल, बासी खाना और सब्जियां भी नहीं लेनी चाहिए।

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद मरीज को डॉक्टर से तब जरूर सलाह लेनी चाहिए। जब...

  • किसी प्रकार का घाव
  • खरोंच
  • चोट
  • यूरिनरी ट्रैक्ट संक्रमण
  • सांस से रिलेटेड संक्रमण जैसे जुकाम या खांसी हो

किडनी की बीमारी पर देश का आंकड़ा क्या कहता है अब यह जान लें

देश में

  • 78 लाख लोग किडनी की बीमारी से पीड़ित हैं
  • 24 लाख लोग अपनी जान इसकी वजह से गंवाते हैं
  • 1 लाख लोगों को हर साल लास्ट स्टेज में किडनी की बीमारी का पता चलता है
  • 1,200 किडनी विशेषज्ञ हैं
  • 1,500 हीमोडायलिसिस केंद्र हैं
  • 10,000 डायलिसिस केंद्र भी हैं
  • 80% किडनी ट्रांसप्लांट निजी अस्पतालों में हो रहे हैं