जिम में आया राजू श्रीवास्तव को अटैक:जवान हो या 50 से ज्यादा, जाते हैं जिम तो समझिए कितनी एक्सरसाइज करें और क्या खाएं

4 महीने पहलेलेखक: अलिशा सिन्हा

58 साल के कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को जिम में वर्कआउट करने के दौरान हार्ट अटैक आया। उन्हें 10 अगस्त को दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। दरअसल, राजू ट्रेडमिल पर दौड़ रहे थे, उसी वक्त उन्हें चेस्ट पेन हुआ और वे नीचे गिर पड़े।

उनकी एंजियोप्लास्टी हो गई है। उनके हार्ट के बड़े से हिस्से में 100% ब्लॉकेज है। वे अब भी ICU में हैं।

आज जरूरत की खबर में बात करेंगे 50 से ज्यादा उम्र के पर्सन, यूथ और प्रेग्नेंसी की प्लानिंग करने वाली महिलाओं को जिम या घर पर एक्सरसाइज कैसे करना चाहिए।

सभी सवालों का जवाब दे रहे हैं बंसल हार्ट सेंटर के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ मनोज बंसल, क्रॉसफिट जिम के ओनर- सेलिब्रिटी ट्रेनर सतीश कुमार और वडोदरा के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ विकास आनंद पटेल।

जिम में एक्सरसाइज करने वाले ज्यादातर लोगों को लगता है कि अगर उनका बीपी या कोलेस्ट्रॉल लेवल ठीक है, तो उन्हें कोई दिक्कत नहीं आएगी, लेकिन ऐसा नहीं है। डॉ. बंसल कहते हैं कि बहुत से लोगों को हार्ट की परेशानी परिवार वालों से मिलती है। यानी ये जेनेटिक प्रॉब्लम हो सकती है। इसके अलावा हमारी खराब लाइफस्टाइल भी हार्ट अटैक का कारण बन सकती है।

सवाल- खराब लाइफस्टाइल से क्या मतलब है, जिसकी वजह से हार्ट रिलेटेड बीमारियां हो सकती हैं और अटैक का खतरा बढ़ जाता है?
जवाब-
आजकल लोगों के पास काम का प्रेशर ज्यादा है। इसका असर उनकी पर्सनल लाइफ पर पड़ता है। वो काफी ज्यादा स्ट्रेस लेते हैं, जिसका सीधा कनेक्शन हार्ट से होता है।

लगातार स्ट्रेस लेने से लोगों को हार्ट अटैक आने की संभावना होती है। स्ट्रेस और शौक की वजह से बहुत लोगों को स्मोक और ड्रिंक करने की लत लग जाती है, इसकी वजह से भी हार्ट रिलेटेड कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं और अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

सवाल- किस उम्र के लोगों को होता है BP या हाई कोलेस्ट्रॉल का खतरा, जिसकी वजह से हार्ट अटैक की संभावना बढ़ जाती है?
जवाब-
एक्सरसाइज फिजियोलॉजिस्ट, माइकल जॉयनर के अनुसार, बढ़ती उम्र के साथ-साथ हाई ब्लड प्रेशर और हाई कॉलेस्ट्रॉल का खतरा भी बढ़ने लगता है। 35 साल के बाद अपना रेगुलर चेकअप कराते रहें।

ज्यादा उम्र के लोग, घर में एक्सरसाइज करते हैं, तो ऐसे लोगों के लिए डॉ. मनोज बंसल ने कुछ टिप्स दिए हैं। नीचे पढ़ें-

हार्ट अटैक से बचने के लिए 50 से ज्यादा उम्र के लोग एक्सरसाइज और डाइट का ऐसे रखें ख्याल...

  • योग और प्राणयाम को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाएं।
  • दिल को सुरक्षित रखने के लिए योग करना बेहद जरूरी है।
  • मसल्स बनाने के लिए घंटों पसीने न बहाएं। ये खतरनाक हो सकता है।
  • वॉक के साथ-साथ सूर्य नमस्कार करने से बहुत फायदा मिलेगा।
  • बैलेंस डाइट लें। तेल-घी कम खाएं, लेकिन टोटल बंद न करें।
  • सिर्फ प्रोटीन वाली चीजें ही न लें, कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें भी खाएं।
  • बहुत जल्दी वजन कम करने के चक्कर में न पड़ें।
  • बॉडी को हाइड्रेट रखें। कम से कम 3-4 लीटर पानी रोजाना पिएं।

अब बात उन लोगों की करते हैं, जिनकी उम्र 50 से ज्यादा है और वो घर पर नहीं बल्कि जिम में एक्सरसाइज करते हैं। उनके लिए सेलिब्रिटी ट्रेनर और क्रॉसफिट जिम के ओनर सतीश कुमार ने कुछ टिप्स दिए हैं। नीचे ग्राफिक्स में पढ़ें-

यूथ भी टीवी और मोबाइल पर सेलिब्रिटीज को देखकर मसल्स बनाने के लिए जिम में जाकर घंटों पसीने बहाते हैं। कई तरह की दवाइयां भी लेते हैं। ऐसे लोग नीचे लिखी इन बातों को ध्यान से पढ़ें...

  • मसल्स जल्दी बनाने के लिए स्टेरॉयड का इस्तेमाल काफी ज्यादा हो रहा है, इसे लेने से पूरी तरह बचें।
  • डायटिशियन के हिसाब से ही डाइट लें। जल्दी के चक्कर में एक्स्ट्रा सोर्स या दवाइयां बिल्कुल न लें।
  • धीरे-धीरे एक्सरसाइज करने की क्षमता को बढ़ाएं। एकदम से हैवी वर्कआउट करने पर इसका बुरा असर पड़ सकता है।
  • जिम में दूसरों के साथ कॉम्पिटिशन करेंगे तो खुद के लिए नुकसान होगा। अपनी क्षमता के अनुसार ही एक्सरसाइज करें।
  • ट्रेनर जितने हफ्ते या महीने में आपका गोल पूरा करने की सलाह दे रहा है, उसकी बात मानें।

अब बात उन महिलाओं की जिनकी शादी हो गई है, वो बच्चे की प्लानिंग कर रही हैं और उनकी उम्र 40 साल से कम है। वो नीचे लिखी बातों को पढ़ें-

  • प्रेग्नेंसी की प्लानिंग कर रही हैं, तो वॉकिंग सबसे अच्छी एक्सरसाइज है।
  • ऐसी महिलाओं को हर रोज कम से कम 40-45 मिनट वॉक करना चाहिए।
  • वॉक करने की स्पीड धीरे-धीरे बढ़ा सकती हैं, इससे फिटनेस भी धीरे-धीरे बढ़ेगी।
  • BP और शुगर को कंट्रोल में रखने के लिए रेगुलर चेकअप करवाएं और बैलेंस डाइट लें।

सवाल- जिम हो या घर, बहुत से लोगों की बॉडी में अटैक से पहले कुछ लक्षण दिखाई देते हैं, जिसे अक्सर इग्नोर कर दिया जाता है। वो कौन-कौन से लक्षण होते हैं?
जवाब-
एक्सपर्ट का दावा है कि एक-तिहाई से ज्यादा लोग हार्ट अटैक आने से एक सप्ताह पहले अपनी बॉडी में कुछ लक्षण महसूस करते हैं, लेकिन इन्हें इग्नोर कर देते हैं। अगर इन्हें सीरियस लिया जाए तो सिचुएशन संभल सकती है।

यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन के स्पोर्ट्स कार्डियोलॉजिस्ट के डायरेक्टर जोनाथन ए. ड्रेजनर के अनुसार वो लक्षण, जिन्हें महसूस करने के बाद आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए-

  • सांस में तकलीफ
  • सीने में दर्द
  • ज्यादा थकान होना

सवाल- कुछ लोगों को पहले से हार्ट रिलेटेड बीमारियां होती हैं, क्या ऐसे लोगों को जिम जाना चाहिए?
जवाब-
ऐसे लोग अगर जिम जाते हैं, तो उन्हें ज्यादा हैवी वर्कआउट नहीं करना चाहिए। वडोदरा के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ विकास आनंद पटेल के अनुसार, हार्ट रिलेटेड बीमारी वाले लोगों में ज्यादा हैवी वर्कआउट करने के कारण दिल पर दबाव बढ़ने का खतरा हो सकता है, जो हार्ट अटैक का कारण बन सकता है।

चलते-चलते नीचे लिखे कुछ सवालों का जवाब जानते हैं भोपाल के फ्लैश फिटनेस क्लब के जिम ट्रेनर प्रताप शुभम सिंह से...

सवाल- हाई BP के पेशेंट को जिम जाना चाहिए या नहीं? अगर हां तो कौन-सी एक्सरसाइज करने से बचना चाहिए?
जवाब-
जा सकते हैं, इसमें कोई समस्या नहीं है, लेकिन उन्हें एक्सरसाइज के दौरान रेस्टिंग टाइम ज्यादा लेना चाहिए। ऐसी एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए, जिसमें उनके हार्ट पर दबाव ज्यादा पड़े यानी वो जल्दी हांफने लगें। हैवी वर्कआउट से पूरी तरह परहेज करना चाहिए।

सवाल- अगर किसी को डायबिटीज है तो जिमिंग कर सकते हैं?
जवाब-
बिल्कुल कर सकते हैं, लेकिन डायबिटीज के पेशेंट का वर्कआउट शेड्यूल अलग होता है। जिम ट्रेनर को इस बात का ख्याल रखते हुए शेड्यूल और डाइट चार्ट तैयार करना चाहिए।

सवाल- क्या जिम जाने की कोई सही उम्र होती है?
जवाब-
ऐसा कुछ भी नहीं है। लोग सोचते हैं कि 18 साल के बाद जाना चाहिए, लेकिन 12-13 साल की उम्र से भी जिम जाया जा सकता है। बस जिम में एक्सरसाइज अपनी उम्र और क्षमता के अनुसार करना चाहिए।

गली-गली में आजकल जिम खुल गए हैं। इसलिए जहां जिम करने जा रहे हैं, वहां यह भी चेक करें कि ट्रेनर सर्टिफाइड है कि नहीं।

सवाल- 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को जिम जाना चाहिए या नहीं?
जवाब-
जा सकते हैं, लेकिन उन्हें जिम ट्रेनर को अपनी छोटी से छोटी हेल्थ इश्यू के बारे में बताना चाहिए। जैसे- बैक पेन, घुटने का दर्द, कुछ और भी।

इन सारी चीजों को ध्यान में रखकर ही वर्कआउट करना होगा। हैवी वर्कआउट और किसी भी तरह की दवाइयां लेने से बचना चाहिए।