Hindi News »Uttar Pradesh »Agra» Bad Condition Of Agra Primary Schools

यहां प्रिंसिपल के रूम में बनता है खाना, तीसरी फेल लेते हैं 5वीं की क्लास

आगरा में स्थित प्राथमिक विद्यालय में 5वीं तक के बच्चों को रसोइए पढ़ा रहे हैं। कोई तीसरी फेल है तो कोई सिर्फ 5वीं पास है।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Jan 22, 2018, 02:34 PM IST

    • प्राथमिक विद्यालय में करीब 150 बच्चे पढ़ते हैं। 5वीं तक के बच्चों को तीन रसोइए मिलकर पढ़ा रहे हैं।

      आगरा(यूपी). यहां स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में 5वीं तक के बच्चों को रसोइए पढ़ा रहे हैं। सिर्फ एक सहायक शिक्षक ही मौजूद है। 150 बच्चों की जिम्मेदारी संभाल रहे, रसोइयों में कोई तीसरी फेल है तो कोई सिर्फ 5वीं पास है। यहां बने टॉयलेट की गंदगी और बाहर टहलते जानवर विद्यालय की खस्ता हालत बयां कर रही है। गंदगी की वजह से प्रिंसिपल के रूम में खाना बनता है। आगे पढ़िए पूरा मामला...


      - मामला फतेहपुर सीकरी के कोदवार का है। यहां स्थित प्राथमिक विद्यालय में करीब 150 बच्चे पढ़ते हैं।
      - सहायक शिक्षक मुदित चौधरी टीचरों की संख्या बढ़ाने को लेकर कई बार अफसरों को अवगत करा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
      - मुदित ने बताया, ''रसोइयों को पढ़ाने की छूट इसलिए दी है, क्योंकि 150 बच्चों के स्कूल में वो अकेले हैं। मैनेज करने में दिक्कत होती है।''
      - वहीं, स्कूल में कार्यरत रसोइया शारदा ने बताया, ''तीसरी क्लास फेल हूं, लेकिन यहां टीचरों की कमी है तो हमें जितना आता है, पढ़ा देते हैं।''


      प्रिंसिपल के ऑफिस में जलता है चूल्हा
      - रसोइया नरेंद्र सिंह का कहना है, ''यहां टीचर कम होने की वजह से हम बच्चों को पढ़ा देते हैं। रसोई इतनी गंदी है कि खाना तक नहीं बना सकते। रसोई की दीवार पर बाहर की तरफ ग्रामीण शौच करते हैं। क्षेत्रीय लोग कूड़ा फेंकते हैं। इसी वजह से रसोई बंद कर प्रिंसिपल के ऑफिस में खाना बनता है।''
      - ''कुछ दबंगो ने स्कूल के एक हिस्से पर जबदस्ती कब्जा कर रखा है। वो जबरन स्कूल के एक हिस्से में अपनी भैंस बांधते हैं, जिसकी वजह से गंदगी बनी रहती है।''


      आगे की स्लाइड में पढ़े, क्या कहते हैं इलाके के चेयरमैन...

    • यहां प्रिंसिपल के रूम में बनता है खाना, तीसरी फेल लेते हैं 5वीं की क्लास
      +4और स्लाइड देखें
      विद्यालय में सिर्फ एक सहायक टीचर ही मौजूद है।

      टॉयलेट को देकर आती है उल्टी
      - विद्यालय में बने टॉयलेट पर किसी भैंस के तबेले से कम नहीं है। इतना गंदा है कि देखकर ही उल्टी आ जाए।
      - टीचर का कहना है, ''विद्यालय 5वीं तक की पढ़ाई होती है। छात्राओं को खुले में शौच जाना पड़ता है।''

      क्या कहते हैं इलाके के चेयरमैन ?
      - चेयरमैन टी सी मित्तल का कहना है, ''अभी विद्यालयों का इंस्पेक्शन करना अभी शुरू ही नहीं किया है। लेकिन पूरी कोशिश करेंगे कि उसमें सुधार किया जाएगा।''

    • यहां प्रिंसिपल के रूम में बनता है खाना, तीसरी फेल लेते हैं 5वीं की क्लास
      +4और स्लाइड देखें
      रसोइया नरेंद्र का कहना है- विद्यालय में टीचर कम होने की वजह से बच्चों को पढ़ा देते हैं।
    • यहां प्रिंसिपल के रूम में बनता है खाना, तीसरी फेल लेते हैं 5वीं की क्लास
      +4और स्लाइड देखें
      रसोइया शारदा का कहना है- रसोई की दीवार पर बाहर की तरफ ग्रामीण शौच करते हैं। इसी वजह से प्रिंसिपल के ऑफिस में खाना बनता है।
    • यहां प्रिंसिपल के रूम में बनता है खाना, तीसरी फेल लेते हैं 5वीं की क्लास
      +4और स्लाइड देखें
      टॉयलेट की गंदगी और बाहर टहलते जानवर विद्यालय की खस्ता तस्वीर बयां कर रही है।
    आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
    दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

    More From Agra

      Trending

      Live Hindi News

      0

      कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
      Allow पर क्लिक करें।

      ×