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ताज नगरी को पॉल्यूशन से बचाने को इंजीन‍ियरिंग छात्रों ने क‍िया ये जुगाड़

आगरा: तीन इंजीनियरिंग छात्रों ने मिलकर स्कूटी को मोडिफाइड कर इको फ्रेंडली बना दिया है।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Feb 07, 2018, 10:34 AM IST

आगरा. ताज नगरी में बढ़ते प्रदूषण के स्तर को देखते हुए आगरा की दयालबाग यूनिवर्सिटी के तीन इंजीनियरिंग छात्रों ने स्कूटी को मोडिफाइड कर इको फ्रेंडली बना दिया है। अब ये स्कूटी पेट्रोल और बैटरी दोनों से चलती है। छात्रों के अनुसार, मार्केट में दोनों ऊर्जा स्रोत से चलने वाली यह पहली गाड़ी है। इसके प्रयोग के बाद अब जाम में स्कूटी प्रदूषण नहीं फैलाएगी और पेट्रोल भी बचाएगी। छात्र अब इस फार्मूले को पेटेंट कराने की कोशिश में लगे हुए हैं।

15 द‍िन की मेहनत में बनाई स्कूटी

- दयालबाग यूनिवर्सिटी के मैकेन‍िकल इंजीन‍ियरिंग के स्टूडेंट पंडित विक्रांत किसान के बेटे हैं।

- आगरा शहर में पढ़ने आने के दौरान उन्हें यहां के बढ़ते प्रदूषण को लेकर चिंता होती थी और इसकी रोकने के लिए वह सहयोग देना चाहते थे।

- इस काम में उनका साथ दिया उनके दो दोस्त ऑटो मोबाइल में डिप्लोमा करने वाले चंद्रवीर और कपिल ने। तीनों ने मिलकर 15 दिन की मेहनत के बाद अपनी स्कूटी को बैटरी और पेट्रोल दोनों से ही चलने वाला बना दिया है।

- इस कम को करने के लिए उनके 29 हजार रुपए रुपए खर्च हो गए हैं।

- अब उनकी स्कूटी पेट्रोल से स्टार्ट होती है और वो जब चाहें स्कूटी को चलते हुए ही पेट्रोल से बैटरी मूड पर कर सकते हैं।

जाम लगने पर बैटरी मूड पर चेंज कर सकते हैं गाड़ी

- विक्रांत के अनुसार, जाम लगने पर गाड़ि‍या प्रदूषण फैलाती हैं और पेट्रोल का भी नुकसान करती हैं। इस दौरान ड्राइवर को स्पीड की जरूरत नहीं होती है।

- हमारे प्रयोग के बाद गाड़ी को जाम लगने पर आप बैटरी मूड पर चला सकते हैं।

- स्कूटी में अगले पहिए में 250 वाट की मोटर लगाई है, जिसे चलने के लिए चार 20 एम्प‍ियर की बैटरियां लगाई गई हैं।

- गाड़ी खोलकर उसका स्टार्टिंग सिस्टम का काम चेंज किया गया है। अब अगर जाम लगा हो तो स्कूटी में बायीं तरफ लगे दो स्विच का इस्तेमाल करना होता है।

- पहले से पेट्रोल सिस्टम बंद होता है और दूसरे से गाड़ी बैटरी मूड पर आ जाती है।

पेट्रोल से चलाने पर चार्ज होती रहेगी बैटरी

- विक्रांत के मुताबिक, इसमें चार्जिंग का डबल सिस्टम है। अगर आप गाड़ी को पेट्रोल से चलाते हैं तो उस दौरान बैटरी भी चार्ज होती हैं और एक लीटर पेट्रोल इस्तेमाल के बाद गाड़ी करीब 20 किमी बैटरी से चल सकती है।

- इसके अलावा अगर आप बैटरी चार्ज करते हो तो यह 17 यूनिट में करीब साढ़े चार घंटे में फुल चार्ज होती है और करीब 50 किमी तक चल सकती है।

- बैटरी मोड पर बैक की स्पीड 40 से 50 किमी तक की है। गाड़ी का पिछला पहिया पेट्रोल रनिंग पर है और अगला पहिया बैटरी रनिंग पर है।

ये होंगे फायदे

- विक्रांत ने बताया कि गाड़ी के इस फार्मूले को पेटेंट कराना मुश्किल है, क्योंकि इसमें करीब 65 हजार का खर्च है और फिर भी हम कोशिश में लगे हुए हैं क‍ि कॉलेज से या और कहीं से मदद कर दे।

- अभी तक मार्केट में पेट्रोल से या सिर्फ बैटरी से चलने वाली गाड़‍िया ही हैं।

- बैटरी वाली गाड़‍ियों में दिक्कत यह होती है कि वो बैटरी खत्म होने पर काम नहीं करती हैं, लेकिन इस फार्मूले से चार्जिंग खत्म होने पर भी आपको कोई परेशानी नहीं होती है और गाड़ी का एवरेज भी ज्यादा रहता है। साथ ही पर्यावरण को नुकसान भी कम होता है।

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