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5 महीने पहले गायब हुआ था बेटा, ढूंढने को 1900 Km साइकिल चला चुका है पिता

24 जून 2017 को थाना हाथरस के द्वारिकापुर गांव के रहने वाले सतीश का 11 साल का बेटा गोदना अचानक गायब हो गया था।

Dainik Bhaskar

Dec 04, 2017, 01:34 PM IST
बेटे की तलाश में 5 महीने में करीब 1900 किलोमीटर साइकिल चला चुका है पि‍ता। बेटे की तलाश में 5 महीने में करीब 1900 किलोमीटर साइकिल चला चुका है पि‍ता।

आगरा. हाथरस जिले के रहने वाले सतीश चंद्र का एकलौता बेटा पांच महीने पहले गुम हो गया था। दो दिन इलाके में ढूंढने के बाद उसे पता चला कि बेटा ट्रैक पर खड़ी ट्रेन पर चढ़ गया था। इसके बाद उसने साइकिल उठाई और रेलवे ट्रैक के सहारे बेटे को ढूंढना शुरू कर दिया। पांच महीने में उसने करीब 1900 क‍िलोमीटर साइकिल चला डाली है। बीते रव‍िवार को सतीश आगरा के एसएन इमरजेंसी के पास पहुंच गए और लोगों को बच्चे की फोटो दिखाते हुए जानकारी लेते दिखाई दिए।

क्या है पूरा मामला?

- 5 महीने पहले जून में हाथरस के द्वारिकापुर गांव के रहने वाले सतीश का 11 साल का बेटा गोदना अचानक गायब हो गया।
- उसकी एक बेटी की बुखार से और एक बेटे की एक्सीडेंट में मौत हो चुकी थी और एकलौता पुत्र गोदना ही बचा था, जो जुबान में परेशानी की वजह से ठीक से बोल नहीं पाता है।
- दो दिन तक सतीश ने उसे आसपास ढूंढा, फिर 28 जून को उसने थाना हाथरस में तहरीर दी, जहां उसकी तहरीर पर मोहर लगाकर तहरीर रिसीव कर ली गई।
- इसके बाद ग्रामीणों से पता चला कि उसका बेटा गांव के बाहर रेलवे ट्रैक पर खड़ी ट्रेन में चढ़ा था।
- सतीश को पता चला कि यहां से शाम को दिल्ली से कानपुर की तरफ ट्रेन जाती है। वो साइकिल उठाकर निकल गया। गांव से वो रेलवे ट्रैक के सहारे टूंडला पहुंचा और वहां से ट्रैक के सहारे कानपुर और फिर कानपुर से मथुरा के बाद मथुरा से झांसी और उसके आगे बीना तक पहुंच गया। यहां से उसे किसी ने दिल्ली की तरफ जाने की सलाह दी और वो ट्रैक के सहारे चलते हुए पुरानी दिल्ली पहुंचा।
- दिल्ली ढूंढने के बाद ट्रैक के सहारे ही आगरा के बरहन कस्बे तक पहुंच गया, जहां कुछ लोगों की नजर उस पर पड़ गई और उन्होंने 'महफूज' संस्था के जोन कॉर्डिनेटर नरेश पारस को उसकी जानकारी दी।

- नरेश पारस ने जब हाथरस के गुमशुदा प्रकोष्ठ में जानकारी ली तो पता चला कि उसे सिर्फ तहरीर पर मोहर लगाकर दे दी गई थी और उस बच्चे की गुमशुदा बच्चों में एंट्री तक नहीं हुई थी।
- नरेश ने मामले की शिकायत सीएम योगी के जनसुनवाई, पुलिस मुख्यालय में की है। वहां से मामला हाथरस पुलिस को फारवर्ड किया गया है।

कई बार सोना पड़ता है भूखा

- सतीश ने बताया, ''मेरे पास पैसे नहीं हैं, जिस गांव पहुंचता हूं, वहां लोग मेरा दर्द सुनकर खाना खिला देते थे, वरना भूखा ही रह जाता हूं।''
- पांच महीने से पत्नी से मिला नहीं हूं। किसी न किसी के फोन से बातचीत हो जाती है।
- नरेश पारस का कहना है, सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार 24 घंटे में बच्चा न मिलने पर अपहरण का मुकदमा लिखने के कानून की अवहेलना पुलिस ने की है।
- मैंने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री और डीजीपी से की है। आगे भी सतीश को न्याय दिलाने की कोशिश करूंगा।

सतीश का इकलौता बेटा था 11 साल का गोदना। सतीश का इकलौता बेटा था 11 साल का गोदना।
रेलवे ट्रैक के सहारे करीब 1900 किलोमीटर साइकिल चला चुका है सतीश। रेलवे ट्रैक के सहारे करीब 1900 किलोमीटर साइकिल चला चुका है सतीश।
लोगों को बेटे की फोटो दि‍खाकर जानकारी लेते सतीश। लोगों को बेटे की फोटो दि‍खाकर जानकारी लेते सतीश।
महफूज संस्था के जोन कोऑर्डि‍नेटर नरेश पारस ने की मदद। महफूज संस्था के जोन कोऑर्डि‍नेटर नरेश पारस ने की मदद।
5 महीने पहले गायब हुआ था सतीश का 11 साल का बेटा। 5 महीने पहले गायब हुआ था सतीश का 11 साल का बेटा।
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बेटे की तलाश में 5 महीने में करीब 1900 किलोमीटर साइकिल चला चुका है पि‍ता।बेटे की तलाश में 5 महीने में करीब 1900 किलोमीटर साइकिल चला चुका है पि‍ता।
सतीश का इकलौता बेटा था 11 साल का गोदना।सतीश का इकलौता बेटा था 11 साल का गोदना।
रेलवे ट्रैक के सहारे करीब 1900 किलोमीटर साइकिल चला चुका है सतीश।रेलवे ट्रैक के सहारे करीब 1900 किलोमीटर साइकिल चला चुका है सतीश।
लोगों को बेटे की फोटो दि‍खाकर जानकारी लेते सतीश।लोगों को बेटे की फोटो दि‍खाकर जानकारी लेते सतीश।
महफूज संस्था के जोन कोऑर्डि‍नेटर नरेश पारस ने की मदद।महफूज संस्था के जोन कोऑर्डि‍नेटर नरेश पारस ने की मदद।
5 महीने पहले गायब हुआ था सतीश का 11 साल का बेटा।5 महीने पहले गायब हुआ था सतीश का 11 साल का बेटा।
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