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आगरा में बाबा वीरेंद्र दीक्षित के आश्रम पर रेड, लड़कियों को ताले में किया गया बंद

पुलिस और मीडि‍याकर्मियों के पहुंचते ही आश्रम में मौजूद लड़कियों को ताले में बंद कर छि‍पा दिया गया।

Danik Bhaskar | Dec 26, 2017, 01:25 PM IST
आश्रम की महिलाओं ने मीडि‍याकर आश्रम की महिलाओं ने मीडि‍याकर

आगरा. ताज नगरी में बाबा वीरेंद्र देव का एक आश्रम होने की जानकारी के बाद मंगलवार को हंगामा हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस महिला कांस्टेबल नहीं होने की वजह से डेढ़ घंटा कुछ नहीं कर सकी। महिला पुलिस ने आने के बाद महज 15 मिनट के अंदर ही आश्रमकर्मियों को क्लीन चिट दे दी। इस दौरान आश्रम में मौजूद महिलाएं मीडिया की मोबाइल से वीडियो बनाने लगी और मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देने लगी।

15 म‍िनट में खत्म क‍िया सर्च ऑपरेशन, दी क्लीन च‍िट

- दरअसल, मंगलवार की सुबह सोशल मीडिया के जरिए लोगों को आगरा के ताजगंज थाना क्षेत्र के कहराई गांव के क्षेत्र में बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित का आश्रम होने की जानकारी मिली।
- इसके बाद मौके पर मीडियाकर्मी और पुलिस पहुंच गई। सत्संग में बैठी महिलाओं ने वहां कोई युवा महिला होने की बात से इनकार किया, लेकिन जब जांच हुई तो ऊपरी मंजिल पर ताला लगा दिखाई दिया। अंदर से महिलाओं की आवाजें सुनाई दे रही थी। महिलाओं ने पुलिस को नाम तक बताने से इनकार कर दिया।
- पुलिस को मजबूरन महिला पुलिस को बुलाना पड़ा। इस बीच डेढ़ घंटा तक पुलिस मूक दर्शक बनी खड़ी रही।

- मौके पर पहुंची महिला पुलिस ने महज 15 मिनट के अंदर सर्च ऑपरेशन के बाद आश्रमकर्म‍ियों को क्लीन च‍िट दे दी।

- पूरे मामले पर दरोगा शिवानी दीक्षित का कहना था कि अंदर जो महिलाएं मिली हैं, उन्होंने अपनी मर्जी से होने की बात कही है। महिलाओं की आईडी ले ली गई हैं और आगे जांच की जा रही है।

अलग-अलग लड़कों का ग्रुप आता है, कई दिनों तक रहता है

- पुलिस रेड की जानकारी के बाद ग्रामीणों की भीड़ लग गई। ग्रामीण आरोप लगा रहे थे कि यहां हर महीने अलग-अलग युवकों का ग्रुप आता है और कई दिन रहता है।
- स्थानीय लोगों को अंदर जाने नहीं दिया जाता है। यहां रोजाना रात में महिलाएं बड़ी गाड़ियों से जाती हैं और सुबह तड़के वापस आ जाती हैं।
- पूछने पर कहा जाता है कि महिलाओं को सूरज से एलर्जी है और यहां की कोई महिला उजाले में बाहर नहीं निकलती है।
- वहीं, क्षेत्रीय लोगों का कहना था कि यहां से सिर्फ टीवी की आवाजें ही सुनाई देती हैं।

कुछ ऐसा था आश्रम के अंदर का नजारा

- आश्रम में लकड़ी के पार्टीशन में दो मंजिला सत्संग हॉल बना था, जिसमें कुछ महिलाएं बड़ी एलईडी पर बहुत धीमी आवाज में सत्संग सुन रही थी।
- पुलिस ने मीडि‍या को रोका, लेकिन दबाव के बाद जब मीडिया भी अंदर पहुंची तो वहां की महिलाएं मीडिया की मोबाइल से वीडियो बनाने लगी और मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देने लगी।
- हालांकि, पुलिस ने मीडिया को कमरों में नहीं जाने दिया और संदिग्ध अंतिम कमरे में गेट के बाहर से भी कुछ देखने नहीं दिया।

हाईकोर्ट के आदेश पर हुई थी छापेमारी


- एनजीओ की पिटीशन के बाद हाईकोर्ट ने बाबा के आश्रमों की बिल्डिंग की तलाशी के लिए दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्लू) की प्रेसिडेंट स्वाती मालीवाल की अगुआई में एक कमेटी बनाई थी। वीरेंद्र देव के अमेरिका, राजस्थान, यूपी, हरियाणा और दिल्ली में करीब 200 आश्रम बताए जाते हैं।

- बाबा से जुड़े लोगों की मानें तो वह अपने प्रवचनों में अक्सर कहता था कि दुनिया 2066 में खत्म हो जाएगी। मैं भगवान राम का अवतार हूं। आप मेरी पूजा करो और अपना तन-मन-धन मुझे अर्पित कर दो।

योग से भोग तक बाबा की रासलीला


- आरोप है कि बाबा रवींद्र देव योग सिखाने के बहाने लड़कियों को आश्रम से जोड़ता है। फिर उनका ब्रेनवॉश किया जाता है। इस दौरान बाहरी दुनिया और घरवालों से लड़कियों का कोई कॉन्टैक्ट नहीं होता है, वह केवल बाबा और उसकी शिक्षा को ही सबसे ऊपर मानने लगती हैं।

- दिनचर्या की शुरुआत तड़के 2 बजे होती थी। नहाने के बाद लड़कियों को मेडिटेशन रूम में ले जाया जाता था, जहां लाल रंग के बल्ब की रोशनी में बाबा का ऑडियो चलता है।
- सुबह 6 बजे तक 3 घंटे मेडिटेशन के बाद ब्रेकफास्ट दिया जाता था। फिर लड़कियों को कार में अलग-अलग जगहों पर भेजा जाता था।
- शाम 4 बजे से बाबा के प्रवचन की तैयारी होती थी। यह सब रात 8 बजे तक चलता था। इस पूरे वक्त के दौरान लड़कियों को नशीली दवाएं दी जाती थीं।
- रविवार खास दिन होता था, इस दिन 28 साल से कम उम्र की लड़कियों को तड़के कारों में बैठाकर कहीं भेजा जाता था और वहां से वह अगले दिन आती थीं।